सिद्धू के बगावती तेवर बरकरार: अपने खिलाफ कार्रवाई की मांग का दिया जवाब, कहा-अपने खिलाफ बातें सुनता हूं, जवाब वक्त देगा
एआईसीसी पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी। बुधवार को सिद्धू ने एक ट्वीट कर कहा कि उन्होंने वक्त को जवाब देने का अधिकार दिया है।
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पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिद्धू के बगावती तेवर बरकरार हैं। कुछ दिन पहले एआईसीसी पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा सिद्धू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की गई थी। बुधवार को सिद्धू ने एक ट्वीट कर कहा कि उन्होंने वक्त को जवाब देने का अधिकार दिया है।
अपने ख़िलाफ़ बातें मैं अक्सर खामोशी से सुनता हूँ . . . . .
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) May 4, 2022
जवाब देने का हक़ , मैंने वक्त को दे रखा है . . .
हालांकि उन्होंने अपने ट्वीट का कोई संदर्भ नहीं दिया, लेकिन इसे चौधरी द्वारा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे उस पत्र के जवाब के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सिद्धू द्वारा खुद को पार्टी से ऊपर दिखाने की कोशिश के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। सिद्धू ने ट्वीट में लिखा अपने खिलाफ बातें मैं अक्सर खामोशी से सुनता हूं.... जवाब देने का हक, मैंने वक्त को दे रखा है।
सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 23 अप्रैल को लिखा गया पत्र सोमवार को सामने आया था। इसमें हरीश चौधरी ने पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा सिद्धू की वर्तमान गतिविधियों के बारे में एक विस्तृत नोट भी भेजा था।
चौधरी ने पत्र में उल्लेख किया था कि मना करने के बावजूद सिद्धू ने पिछली कांग्रेस सरकार की लगातार आलोचना की। चौधरी ने यह भी उल्लेख किया था कि वड़िंग को पंजाब कांग्रेस प्रमुख के रूप में स्थापित करने के समारोह के दौरान सिद्धू राज्य पार्टी मुख्यालय आए थे, लेकिन उन्होंने अन्य नेताओं के साथ मंच साझा नहीं किया। चौधरी के अनुसार, यह अक्षम्य था।
अपने नोट में, वड़िंग ने सिद्धू की समानांतर गतिविधियों और पूर्व विधायक सुरजीत सिंह धीमान और केवल ढिल्लों सहित निष्कासित नेताओं के साथ उनकी हालिया बैठकों पर प्रकाश डाला था। वड़िंग ने सोमवार को पत्र पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था, लेकिन कहा कि सभी को अनुशासन में रहना होगा।
सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई की मांग उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को शुभकामनाएं देने वाले ट्वीट के बाद भी आई, जिन्होंने अपने गृह राज्य बिहार से एक नई शुरुआत करने का संकेत दिया था। सिद्धू ने ट्वीट कर कहा था कि पहला झटका आधी लड़ाई है मेरे दोस्त। एक अच्छी शुरुआत हमेशा एक अच्छा अंत बनाती है। हमारे संविधान की भावना का सम्मान करने के आपके ईमानदार प्रयासों में हमेशा सर्वश्रेष्ठ। लोगों की शक्ति लोगों के पास वापस आनी चाहिए। जिस दिन चुनावी रणनीतिकार ने कांग्रेस के पार्टी में शामिल होने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, उसी दिन उन्होंने किशोर के साथ अपनी एक तस्वीर भी लगाई थी।