भड़के सिद्धू बोले- 40 साल में कांग्रेस ने कब जीता बठिंडा, कैप्टन खुद 25 हजार वोट से थे हारे
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ विवाद के बीच पहली बार निकाय मंत्री नवजोत सिद्धू मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने गुरुवार को अपने विभाग की उपलब्धियां बताईं। सीएम की टिप्पणियों का जवाब दिया लेकिन सीधा हमला करने से गुरेज किया। सिद्धू बोले कि बठिंडा में उन्होंने इतना कहा था कि जो कांग्रेस की पीठ में छुरा भोंके, उसे ठोक दो।
मैंने किसी का नाम नहीं लिया। फिर यह बताओ कि 40 साल से बठिंडा कांग्रेस ने कब जीता है। कैप्टन लंबी से 25 हजार से हारे, उनका बेटा 1.20 लाख से हारा, इस बार सबसे कम लीड है। पिछली बार मैं 55 सीटों पर गया था, 53 जीते, तब कोई कुछ नहीं बोला। सामूहिक जिम्मेदारी और 50 विभागों में से सिर्फ मुझे बाहर निकाला जा रहा है।
अगर शहरों में काम नहीं हुआ तो बाकी आठ सीटें कैसे जीत लीं। मैंने कभी सीएम के खिलाफ नहीं बोला। वे अपना निर्णय लें, मैं उन्हें बड़ा मानता हूं, फैसला सिर माथे पर होगा। सीएम ने मेयर बनाए, मुझसे पूछा तक नहीं।
माबदौलत हैं, जो चाहे करें, हमें तो उनकी बात माननी ही है। सीएम के बयान ‘हू इज सिद्धू’ का भी निकाय मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सिद्धू वह है जिसने 20 साल इंटरनेशनल क्रिकेट खेली है, 20 साल टीवी किया, मोटिवेशनल स्पीकर रहा, चार बार सांसद और अब पंजाब सरकार में मंत्री है।
मंत्रियों का नाम लिए बगैर किया वार
नवजोत सिद्धू ने उनकी मुखालफत करने वाले कैबिनेट मंत्रियों का नाम लिए बगैर उन पर वार किए। वे बोले कि सात-आठ बार हो गया है, मेरे ही छह-सात भाई हैं। वे ही एक सी बातें बोलते हैं। मैंने कभी उनके खिलाफ एक शब्द नहीं बोला।
मेरा कोर्ट केस हो या करतारपुर कॉरिडोर, वे ही लोग बोलते रहे हैं। पर इस बार बात ज्यादा आगे चली गई है। मैंने आज तक नहीं सुना कि सरकार में किसी एक बंदे पर उंगली उठी हो। चलो उठी है तो माबदौलत हैं, क्या कर सकते हैं, सुननी पड़ेगी। मैंने मुखालफत पर उफ तक नहीं की, इतना तगड़ा हूं कि बोझ अपने कंधों पर उठा सकता हूं। पर अपने भाइयों के खिलाफ मरते दम तक नहीं बोलूंगा।
विभाग में पंजी तक नहीं थी, न ही कोई विजन
सिद्धू ने कहा कि जब यह विभाग मिला तो यहां पंजी नहीं थी। सिर्फ वेतन दिया जाता था। 25-30 साल से कोई विजन नहीं था। दो साल में समयबद्ध विजन दिया। आज पांच-छह हजार करोड़ के प्रोजेक्ट निकाय विभाग के चल रहे हैं। अमृत से 16 शहरों में फंड इस्तेमाल हो रहे हैं। मेरे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है।
पहले साल सीएम ने कहा कि तुम्हें ग्रांट नहीं मिलेगी। आज विकास के लिए हर तरफ से पैसे आ रहे हैं। फायर ब्रिगेड का डायरेक्ट्रेट बनाया। विज्ञापनों में पहले पूरे पंजाब से 18 करोड़ आते थे, अब 34 करोड़ लुधियाना से आ रहे हैं। पहले एक भी एसटीपी नहीं चलता था।
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