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नाटिंघम में मिलेगा सस्ते में बिजनेस का रास्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Jun 2014 03:25 PM IST
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आप विदेश में निवेश का रास्ता ढूंढ रहे हैं तो नाटिंघम में आपको सस्ते में निवेश का रास्ता मिल सकता है। नाटिंघम से यूके के हरेक रीजन के लिए दो घंटे की दूरी है और रेजीडेंशियल किराया यूरोप से दो सौ फीसदी सस्ता।
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नाटिंघम यूरोप से साठ फीसदी सस्ता पड़ता है। भारतीय कंपनियों के लिए यह आदर्श हाट स्पॉट है। निवेश के ऐसे ही फंडे बताने के लिए नाटिंघम का एक प्रतिनिधिमंडल सीआईआई चंडीगढ़ में पहुंचा। सीआईआई के सेक्टर-31 स्थित हेडक्वार्टर में ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट अपार्चुनिटी इन नाटिंघम सिटी के दौरान यही जानकारी दी गई।
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नाटिंघम सिटी काउंसिल के कारपोरेट डायरेक्टर डेविड बिशप ने कहा कि नाटिंघम पंजाब और चंडीगढ़ रीजन के लिए हाट स्पाट है। पंजाब के एसएमई और ट्रेडर्स वहां निवेश कर सकते हैं। बिशप पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चंडीगढ़ पहुंचे थे। वह चंडीगढ़ में ट्रेड टाई के लिए आए थे।
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उन्होंने कहा कि नाटिंघम भारतीय कंपनियों के लिए आदर्श निवेश का प्लेटफार्म है। नाटिंघम सिटी काउंसिल ट्रेड और इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देना चाहती है। हेल्थ, लाइफ साइंस, क्लीनटेक, एजूकेशन, इंफारमेशन टेक्नोलॉजी इसमें प्रमुख हैं। नाटिंघम इंटरप्राइज जोन व्यापार के कम रेट्स, साधारण योजनाओं, सुपरफास्ट ब्राडबैंड और टेलर्ड इनवार्ड इनवेस्टमेंट सपोर्ट पंजाब और चंडीगढ़ रीजन के व्यापारियों के लिए बेहतर हैं।
टैक्स के आकर्षित करने वाले प्लान-जी 20 यानी अप्रैल 2015 तक बीस फीसदी कारपोरेट टैक्स, आर एंड डी टैक्स क्रेडिट्स, स्ट्रांग रिसर्च बेस और वर्ल्ड लीडिंग एकेडेमिक इंस्टीट्यूशन हैं। किसी भी व्यापार को सेट करने में सिर्फ 13 दिन का समय लगता है।
नार्थ वेस्ट इंडिया के डिप्टी हाई कमिश्नर डेविड लेलियट ने कहा कि नाटिंघम की जियोग्राफिकल पोजीशनिंग बेहतर है। यह भारत और यूके के बीच निवेश के लिए बेहतर है। सीआईआई चंडीगढ़ काउंसिल के चेयरमैन दर्पण कपूर ने कहा कि चीन के बाद भारत दूसरा तेजी से बढ़ता देश है। भारत यूके में पांचवा सबसे बड़ा निवेशक है।