4 को स्कूल जरूर आएं स्टूडेंट्स, मोदी करेंगे बात
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कूल स्टूडेंट्स के साथ लाइव टॉक करेंगे। प्रोग्राम का शेड्यूल तय हो गया है। यह बातचीत होगी टीचर्स डे से एक दिन पहले। प्रधानमंत्री मोदी नई दिल्ली से सेटेलाइट के जरिए देश भर के स्कूली बच्चों से बातचीत करेंगे।
पीएम मोदी और स्कूली बच्चों के बीच यह वार्ता चार सितंबर को सुबह 10 से 11.45 बजे तक होगी। इसे एजूसेट नेटवर्क पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।
हालांकि यह कार्यक्रम एजूसेट नेटवर्क के अलावा दूरदर्शन के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय चैनलों की ओर से भी प्रसारित किया जाएगा। इस बीच हरियाणा के स्कूलों में बच्चों की प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत कराने के लिए प्रदेश के शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है।
बातचीत कराने के उपयुक्त इंतजाम करने के निर्देश
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला एलीमेंटरी शिक्षा अधिकारियों को भेजे पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले में एजूसेट सिस्टम सुचारु कर लें। पत्र में सरकारी व निजी सभी प्राइमरी, मिडिल, हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जनरेटर/इनवर्टर की मदद से बिजली की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह भी हिदायत दी गई है कि स्कूलों में एजूसेट उपकरण अच्छी तरह काम करें, इस बात को भी यकीनी बनाया जाए। जिन स्कूलों में एजूसेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां आईसीटी लैब का उपयोग वेबकास्टिंग के जरिए लाइव टेलीकास्ट देखने के लिए किया जा सकता है।
जिन स्कूलों में एजूसेट और आईसीटी सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां एक दिन के लिए किराए पर टीवी/प्रोजेक्टर की व्यवस्था विकल्प के तौर पर की जाए। अगर यह भी नहीं हो सके तो स्कूल प्रशासन कम से कम रेडियो का प्रबंध कर बच्चों को प्रधानमंत्री का भाषण अवश्य सुनाएं।
बंद हो चुके हैं सभी एजूसेट
हरियाणा में हुड्डा सरकार की ओर से स्कूलों में शुरू एजूसेट कार्यक्त्रस्म 2011 में ही बंद हो गया था। केरल की तर्ज पर शुरू इस कार्यक्रम को मूर्त रूप देने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने करोड़ों रुपये का निवेश भी किया था।
इसके तहत छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम शिक्षण सामग्री व लेक्चर तैयार करती थी। कार्यक्रम को चलाने के लिए एलसीडी, प्रोजक्टर, वीडियो और कंप्यूटर का आधारभूत ढांचा भी खड़ा किया, लेकिन कहीं स्कूलों में बिजली नहीं तो कहीं अच्छी कनेक्टिविटी न होने से एजूसेट सफेद हाथी साबित हुए।
इस समय प्रदेश के किसी भी स्कूल में एजूसेट काम नहीं कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से अब जारी किए गए आदेश के बाद स्कूलों की ओर से धूल फांक रहे एजूसेटों को झाड़ा-पोंछा जाने लगा है। ऐसे में अध्पायक दिवस के कार्यक्रम के लिए भी इन्हें चला पाना संभव नहीं है।