बजट में 'दिखे' बंसल तो विपक्ष ने काटा बवाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर निगम की बुधवार को हुई सदन की बैठक में 792 करोड़ रुपये के बजट को पास कर दिया गया है। इस बार के बजट में कोई भी नया कर शामिल नहीं किया गया है।
भाजपा-अकाली व बसपा समेत मनोनीत पार्षदों ने भी कहा कि अगर इसमें पवन बंसल का नाम शामिल किया गया तो इसमें चंडीगढ़ के प्रशासक और नगर निगम कमिश्नर का भी नाम शामिल किया जाना चाहिए और उनका आभार व्यक्त किया जाना चाहिए। इसके बाद मेयर ने निर्देश दिए कि बजट के इस भाषण में चंडीगढ़ के प्रशासक व निगम आयुक्त का नाम भी शामिल किया जाए।
नगर निगम में बहस के दौरान भड़का विपक्ष
नगर निगम के बजट में सांसद पवन कुमार बंसल का नाम सुनते ही विपक्षी पार्षद बिफर पड़े और नारेबाजी शुरू कर दी। पहले सभी अपने सीट पर खड़े हो गए बाद में बजट का बहिष्कार कर बाहर चले गए और नारेबाजी शुरू कर दी। शोरगुल में ही मेयर भाषण पढ़ते रहे। विरोध में विपक्षी पार्षदों ने बजट भाषण का बहिष्कार कर दिया।
विपक्षी पार्षदों ने मेयर हरफूल चंद्र कल्याण से बंसल का नाम हटाने को कहते रहे, लेकिन मेयर ने उनकी एक न सुनी। विपक्षी पार्षद अरुण सूद, देवेश मोदगिल, सौरभ जोशी आशा जसवाल, राजेश गुप्ता, देशराज गुप्ता सतिंदर सिंह आदि ने कहा कि यह नगर निगम का बजट है, बंसल का बजट नहीं है। विपक्षी ने कहा कि रेलगेट और बूथ घोटाले की भी चर्चा कीजिए।
बजट भाषण का विरोध करने वालों में भाजपा, अकाली और बसपा थी। विपक्ष का कहना है कि यह भाषण असंवैधानिक है। जन्नत जहां ने कहा कि बजट में बंसल का कोई योगदान नहीं है।
प्रदीप छाबड़ा ने रेल गेट और बूथ घोटाले की बात पर विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कोर्ट में शपथपत्र दीजिए।
बजट भाषण के इस पैरा पर भड़का विपक्ष
चंडीगढ़ को विश्वस्तरीय सुंदर नगरी, व्यापारिक केंद्र, अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन स्थल बनाने में सांसद पवन कुमार बंसल के प्रयास सदैव साहस बंधाने वाले रहे हैं और किसी प्रकार की भी वित्तीय कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। इसके लिए हमारा सबका उनके प्रति आभार है।
मेयर ने अपने भाषण में कहा कि बजट में इस साल स्ट्रीट लाइट्स को प्राथमिकता दी गई है और जो भी लाइट्स खराब पड़ी हैं, उन्हें ठीक कराया जाएगा। इसके अलावा जो विकास कार्य पिछले वर्षों से शुरू किए गए थे और अब तक पूरे नहीं हो पाए, उनको जल्दी से जल्दी पूरा किया जाएगा।
हरजिंदर कौर ने भी विरोध किया
नगर निगम सदन कारवाई निर्धारित समय से आधा घंटा देर से शुरू होने का अकाली दल की पार्षद हरज़िदर कौर ने विरोध किया। उनका कहना था कि जब मेयर को ही समय की कदर नहीं है तो अन्य पार्षद क्या करेंगे।
सदन का आज का बजट सत्र सुबह 11 बजे आरंभ होना था पर मेयर साढ़े ग्यारह बजे पहुंचो। अपना विरोध दर्ज कर हरज़िदर कौर ने सुबह के सत्र का बहिष्कार किया। बाद में सत्र में शामिल हुईं।