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बच्चे पैदा करने को लेकर मुनि तरुण सागर का विवादित बयान
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
Updated Thu, 26 May 2016 12:31 PM IST
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बच्चे पैदा करने पर विवादित बयान देने वाले मुनि तरुण सागर
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा सरकार के राजकीय अतिथि व कड़वे प्रवचनों के लिए प्रसिद्ध क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुण सागर ने बच्चे पैदा करने को लेकर विवादित बयान दिया है। उनका कहना है कि देश पहले और मजहब बाद में हो तो देश तरक्की करेगा। हिंदुस्तान में दो बच्चों से ज्यादा पैदा करने पर कानूनी तौर पर रोक लगा देनी चाहिए। फिर वह चाहे हिंदू हो या कोई अन्य। जो इसकी खिलाफत करें उसे वोट देने के हक से वंचित कर देना चाहिए। उसे किसी भी तरह की सरकारी सुविधाएं नहीं दी जानी चाहिए।
मुनिश्री मिठ्ठन मोहल्ला सर्राफा बाजार स्थित जैन मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मुनिश्री तरुण सागर ने कहा कि यद्यपि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता पर कुछ धर्म के लोग आतंकवादी हो रहे हैं। जो धर्म आतंकवादियों को जन्म दे, उससे तो तौबा कर लेना ही श्रेयस्कर है। उन्होंने कहा कि शिष्य की जेब साफ करने वाले गुरु तो कदम-कदम पर मिल जाएंगे पर चित्त को साफ करने वाले सद्गुरु बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। जिसे अपना बोध हो गया वह संसार में बसेगा तो सही पर फंसेगा नहीं। अस्तित्व का बोध सद्गुरु से मिलता है।
उन्होंने कहा कि जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाएं वहां खुद को समझा लेना ही बेहतर है। हम सब के लिए सबसे पहले जरूरी देश है। देश को सर्वोच्च मानकर ही काम करें तो देश यकीनन तरक्की करेगा। इस अवसर पर वीरेश जैन, किशोर नागपाल, शेखरचंद जैन, आशीष जैन, सुशील जैन, वंदन जैन, आशु जैन व सचिन जैन मौजूद रहे।
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मुनिश्री मिठ्ठन मोहल्ला सर्राफा बाजार स्थित जैन मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। मुनिश्री तरुण सागर ने कहा कि यद्यपि आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता पर कुछ धर्म के लोग आतंकवादी हो रहे हैं। जो धर्म आतंकवादियों को जन्म दे, उससे तो तौबा कर लेना ही श्रेयस्कर है। उन्होंने कहा कि शिष्य की जेब साफ करने वाले गुरु तो कदम-कदम पर मिल जाएंगे पर चित्त को साफ करने वाले सद्गुरु बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। जिसे अपना बोध हो गया वह संसार में बसेगा तो सही पर फंसेगा नहीं। अस्तित्व का बोध सद्गुरु से मिलता है।
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उन्होंने कहा कि जहां दूसरों को समझाना मुश्किल हो जाएं वहां खुद को समझा लेना ही बेहतर है। हम सब के लिए सबसे पहले जरूरी देश है। देश को सर्वोच्च मानकर ही काम करें तो देश यकीनन तरक्की करेगा। इस अवसर पर वीरेश जैन, किशोर नागपाल, शेखरचंद जैन, आशीष जैन, सुशील जैन, वंदन जैन, आशु जैन व सचिन जैन मौजूद रहे।
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