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इस शख्स ने फिनिशिंग मैटेरियल में जमाई पंचूकला की धाक

Wed, 13 Jan 2016 03:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Wed, 13 Jan 2016 03:21 PM IST
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msme special, industrialist ashwini jindal success story

चाहे फर्नीचर इंडस्ट्री हो या आटो इंडस्ट्री...इनके प्रोडक्ट की चमक दमक तो निखरती है पंचकूला के कलर उद्योग से। पंचकूला के कलर उद्योग की खूबी यही है। पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कलर उद्योग में तैयार किए जाते हैं कोटिंग मैटेरियल। ऐसे कोटिंग मैटेरियल जिनकी हरियाणा में सीमित इंडस्ट्री ही हैं।

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कलर उद्योग के मालिक अश्वनी जिंदल ने बताया कि केमिस्ट्री से एमएससी करने के बाद उन्होंने मानसा में स्माल स्केल इंडस्ट्री लगाई। वर्ष 1991 में लगाई गई इस इंडस्ट्री में डाई स्टफ तैयार किया जाता था। यह कलर स्टफ टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
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आतंकवाद का दौर होने के कारण उन्होंने वर्ष 1992 अपनी इंडस्ट्री को पंचकूला शिफ्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में पंचकूला में जब काम शुरू किया तो यहां भी डाई स्टफ ही तैयार करते थे। इसकी सप्लाई चेन पानीपत और लुधियाना की रही।
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चीन ने खत्म कर दिया कारोबार
अश्वनी जिंदल ने बताया कि डाई स्टफ की मार्केट को चीन ने एकदम खत्म कर दिया। कारण था कि चीन से आने वाला प्रोडक्ट एकदम सस्ता होता था और उसको टक्कर देना काफी कठिन होता था। ऐसी स्थिति में डाई स्टफ का काम एकदम खत्म हो गया। वर्ष 2007 में यह काम एकदम खत्म हो गया।

फिर बनाने लगे कोटिंग मैटेरियल

अश्वनी जिंदल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2007 में कोटिंग मैटेरियल बनाने का काम शुरू किया। इस कोटिंग मैटेरियल को प्रोडक्ट की फिनिशिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि थिनर, कोटिंग मैटेरियल की सप्लाई चेन के लिए उन्होंने मार्केटिंग काफी की। उनकी मेहनत रंग लाई और यह मैटेरियल पेंट मैन्यु्फैक्चरिंग, आटोमोबाइल इंडस्ट्री के साथ फर्नीचर इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने लगा। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी इंडस्ट्री कलर उद्योग में मैटाचिटग्रीन और मर्जेंटा कलर खास है। जिनको रीजन में दो यूनिट्स ही हैं तैयार करती हैं।

पिता और भाई ने किया सपोर्ट
अश्वनी जिंदल ने बताया कि उनके पिता मदनलाल जिंदल और भाई बरिंदर जिंदल दोनों ने उनको काफी सपोर्ट किया। जिसके कारण वह अपनी इंडस्ट्री लगा सके। उन्होंने कहा कि भाई की डेराबस्सी में अपनी फैक्ट्री है।


आग लगी पर नहीं टूटा हौसला
अश्वनी जिंदल ने बताया कि वर्ष 2014 में उनकी पंचकुला स्थित फैक्ट्री में आग लग गई लेकिन उनका हौसला नहीं टूटा। दोबारा से इंडस्ट्री को रिवाइव किया। उन्होंने बताया कि अभी बरवाला यूनिट में सारा कामकाज होता है।

प्रोफाइल
अश्वनी जिंदल
कलर उद्योग
स्कूलिंग-गांधी हायर सेकेंडरी स्कूल, मानसा
कालेज-डीएवी कालेज, चंडीगढ़
एमएससी (कैमिस्ट्री)-पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
सदस्य-इंडस्ट्रियल एसोसिएशन पंचकूला

टिप्स
1-ग्रास रूट लेवल पर मार्केट की स्टडी की।
2-इंडस्ट्री में कम से कम ओवरहेड होने चाहिए।
3-मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें।
4-जिस इंडस्ट्री को लगाएं, उसके बारे में जान लें।

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