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देश भर में सप्लाई होते हैं इस शख्स के बनाए CNC के पार्ट्स

Wed, 06 Jan 2016 01:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला Updated Wed, 06 Jan 2016 01:52 PM IST
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msme special, cnc parts maker rajan sahni and company

मिलिए एक ऐसे शख्स से, जिसके बनाए (कंप्यूटराइज्ड न्यूमेरिकल कंट्रोल्ड मशीन) सीएनसी मशीन के पार्ट्स देश भर में सप्लाई होते हैं। ये हैं पंचकूला के राजन साहनी और इनकी कंपनी लीनियर वेज इंडिया। देशभर के सीएनसी मशीन मैन्युफैक्चरर को सीएनसी मशीन के पार्ट्स तैयार करता है लीनियर वेज इंडिया।

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यहां सीएनसी मशीनों के लिए बनाए जाते हैं लीनियर बियरिंग। इसके साथ ही इसी इंडस्ट्री में स्क्रू इंडस्ट्री के लिए बनाई जाती है थ्रेड रोलिंग डाई। लीनियर वेज इंडिया के राजन साहनी ने बताया कि डिप्लोमा करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया में आईसोमेट में वर्ष 1985 में जॉब ज्वाइन किया।
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यह कंपनी इंस्ट्रूमेंट मैन्युफैक्चरिंग में थी। वर्ष 1991 में उन्होंने कंपनी छोड़कर इंडस्ट्रियल एरिया में सीएनसी मशीन के लिए पार्ट्स बनाना शुरू किया। वर्ष 1993 में उन्होंने पंचकूला शिफ्ट किया। उन्होंने बताया कि जब इंडस्ट्री लगाई तो उसकी मार्केटिंग सबसे चैलेंजिंग रही। अब लोग जानते हैं और पार्ट्स की सप्लाई यहां से पूरे देश में होती है।
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एजूकेशन से है गहरा संबंध
राजन साहनी ने कहा कि उनका एजूकेशन से हमेशा से गहरा नाता रहा है। अपनी इंडस्ट्री के अपडेट्स पर नजर रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी सुकून साहनी बीटेक करने के बाद इंफोसिस में जॉब कर रही है और छोटी बेटी एमबीए कर रही है।

सीएनसी ने बदल दी है दुनिया
राजन साहनी ने बताया कि सीएनसी ने पूरी इंडस्ट्री बदल दी है। इंडस्ट्री का एडवांसमेंट हो चुका है। पहले हम भी मैनुअल मशीनों से काम करते थे लेकिन सीएनसी मशीनों को लगाने के बाद काम में एकदम बदलाव आ गया। सीएनसी मशीनों से एक्यूरेसी ठीक होती है। इसका लाभ उद्यमियों को मिलता है।


ट्रेनिंग का पार्ट करें प्रेक्टिकल

राजन साहनी ने बताया कि प्रेक्टिकल ट्रेनिंग न होने से समस्या ज्यादा है। इंडस्ट्री और इंस्टीट्यूशन के बीच गैप बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि बीटेक करने के बाद जो स्टूडेंट्स इंडस्ट्री ज्वाइन करते हैं उनमें से ज्यादातर को इंडस्ट्री की जानकारी नहीं होती। जिसके कारण उनको ट्रेंड करने में कम से कम एक साल का वक्त लगता है। जिस तरह से इंडस्ट्री में तेजी के साथ बदलाव आ रहा है उसे देखते हुए बीटेक करने वाले स्टूडेंट्स की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग, वह भी इंडस्ट्री के लिहाज से होनी चाहिए।

राजन साहनी

स्कूलिंग-डीएवी स्कूल चंडीगढ़
डिप्लोमा-आईटीआई से मैकेनिकल
सदस्य-इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पंचकूला

टिप्स

1-वही इंडस्ट्री लगाएं जिसकी जानकारी हो।
2-इंडस्ट्री में आपकी निष्ठा सबसे आवश्यक।
3-इंडस्ट्री लगाने के पहले बजट बना लीजिए।
4-आपका प्रोडक्ट यूनीक और इनोवेटिव हो।
5-प्रेक्टिल नालेज आपके लिए है सबसे जरूरी।

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