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जब करोड़ों की बिजली चोरी तो कैसे रुकेंगे कट?
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 09 May 2014 11:36 AM IST
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हरियाणा में बिजली कंपनियां बिजली की चोरी रोकने में नाकाम साबित हो रही हैं। प्रदेश में 11 केवी के 1250 फीडर ऐसे हैं जिन पर 50 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है।
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इनमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गृह जिला रोहतक दूसरे नंबर पर है। जींद जिला बिजली चोरी में पहले नंबर पर है। जींद के करीब 35 फीसदी और रोहतक के 31 फीसदी फीडरों पर 50 फीसदी से ज्यादा चोरी हो रही है। बिजली चोरी नहीं रुकने पर हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने नाराजगी जताई है।
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आयोग ने इस बाबत सख्त टिप्पणी की है कि बिजली चोरी में कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही आयोग ने निर्देश दिए हैं कि जिन फीडरों पर 50 फीसदी से ज्यादा चोरी हो रही है, उन्हें फ्रेंचाइजी के हवाले कर दिया जाए।
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आयोग ने रोहतक सर्किल के अधीक्षण अभियंता को बुलाकर पूछा कि बिजली चोरी क्यों नहीं रोकी जा रही? एसई ने जवाब दिया, ‘11 केवी के जितने फीडरों पर 50 फीसदी चोरी हो रही है, वे सब ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू बिजली सप्लाई के हैं। चूंकि बिजली मीटर घरों के अंदर लगे हैं इसलिए चेकिंग के दौरान घर मालिक विरोध करते हैं। वे घर में घुसने ही नहीं देते।’ आयोग को अन्य अफसरों ने भी यही कारण बताया।
निवेश किया मगर बिजली चोरी नहीं थमी
हरियाणा में उत्तर हरियाणा और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण कंपनियां बिजली सप्लाई करती हैं। उत्तर हरियाणा के 3649 फीडरों में से 852 फीडरों पर 50 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है जबकि दक्षिण हरियाणा के 3807 फीडरों में से 506 पर 50 फीसदी से ज्यादा बिजली चोरी हो रही है।
बिजली चोरी में चोरी और लाइन लॉस भी शामिल हैं। आयोग ने टिप्पणी की, ‘दोनों निगम लाइन लॉस कम करने के लिए बड़ा निवेश कर रहे हैं मगर स्थिति सुधर नहीं रही है। अगर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की बात की जाए तो 2001-02 से 2012-13 के 11 सालों में लाइन लॉस वही 31 फीसदी है।
अलबत्ता दक्षिण हरियाणा में इन 11 सालों के दौरान पैसा खर्च करने से लाइन लॉस 29 फीसदी से घटकर 22 फीसदी यानी सिर्फ 7 फीसदी कम हुआ है। यह स्थिति निगमों की कार्यशैला दर्शाती है। बिजली चोरी में निगमों के कर्मचारी और बिल वितरण और वसूली करने के लिए लगे प्राइवेट लोग शामिल हैं।
इसलिए उन फीडरों को पांच-छह के ग्रुप बनाकर फ्रेंचाइजी को दे दिया जाए जिनका लाइन लॉस 50 फीसदी से ज्यादा है। यह फ्रेंचाइजी निगमों के अफसरों को दे दिया जाए या प्राइवेट लोगों को। अगर अफसर फ्र्रेंचाइजी लेंगे तो उन्हें वेतन नहीं मिलेगा।’
दोनों बिजली निगमों में बिजली चोरी थम नहीं रही है। इसलिए आयोग ने संज्ञान लेते हुए फ्रेंचाइजी मॉडल अपनाने के आदेश जारी किया है।
आरएन पराशर, चेयरमैन, हरियाणा बिजली नियामक आयोग
हम बिजली चोरी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस थाने खोल रखे हैं। पिल्लर बाक्स प्रणाली बिजली चोरी रोकने में कामगर है मगर लोग उसका विरोध कर रहे हैं।
कैप्टन अजय यादव, बिजली मंत्री, हरियाणा सरकार