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हरियाणाः 7 दिन की देरी से पहुंचा मानसून, अगले तीन दिन हो सकती है भारी बारिश, संभल कर रहें
Sat, 06 Jul 2019 09:45 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 06 Jul 2019 09:45 AM IST
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आखिरकार सात दिन की देरी से मानसून राजस्थान से होते हुए हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली तक पहुंच गया। इसके सक्रिय होने से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में शनिवार और रविवार को भारी बारिश की उम्मीद है। मौसम विभाग की ओर से 8 और 9 जुलाई को पूरे प्रदेश में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मानसून सीजन में अब तक औसत से 54 प्रतिशत कम बारिश की मार झेल रहे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अच्छी बारिश होने से धान रोपाई की रफ्तार तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में निम्न दाब का क्षेत्र बनने और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियों की वजह से मानसून की उत्तरी सीमा रोहतक, चंडीगढ़, दिल्ली, ऊना और अमृतसर तक पहुंच गई है। मानसून पहुंचते ही बादलवाही शुरू हो गई है। दो-तीन दिनों में मानसून के पूरे प्रदेश में सक्रिय होने के आसार हैं। शनिवार और रविवार को खास तौर चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल क्षेत्र में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की उम्मीद है। इससे वायु गुणवत्ता में सुधारेगी।
दूसरी तरफ बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बसे लोगों को खतरा हो सकता है। मानसून सीजन में 5 जुलाई तक प्रदेश में 63 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन 29.3 मिमी बारिश ही हुई है। हालांकि बीते 24 घंटे में हरियाणा में औसतन 9.6 मिमी बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश गुरुग्राम में 82 मिमी दर्ज हुई। बारिश होने और नमी बढ़ने से तापमान औसत से चार डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
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मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में निम्न दाब का क्षेत्र बनने और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधियों की वजह से मानसून की उत्तरी सीमा रोहतक, चंडीगढ़, दिल्ली, ऊना और अमृतसर तक पहुंच गई है। मानसून पहुंचते ही बादलवाही शुरू हो गई है। दो-तीन दिनों में मानसून के पूरे प्रदेश में सक्रिय होने के आसार हैं। शनिवार और रविवार को खास तौर चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल क्षेत्र में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की उम्मीद है। इससे वायु गुणवत्ता में सुधारेगी।
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दूसरी तरफ बारिश के बाद नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बसे लोगों को खतरा हो सकता है। मानसून सीजन में 5 जुलाई तक प्रदेश में 63 मिमी बारिश होनी चाहिए, लेकिन 29.3 मिमी बारिश ही हुई है। हालांकि बीते 24 घंटे में हरियाणा में औसतन 9.6 मिमी बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश गुरुग्राम में 82 मिमी दर्ज हुई। बारिश होने और नमी बढ़ने से तापमान औसत से चार डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।
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महेंद्रगढ़ से मानसून का प्रवेश
इस बार मानसून राजस्थान के जोधपुर से टर्न लेकर सीकर होते हुए महेंद्रगढ़ में प्रवेश किया। मानसून की यह उत्तरी सीमा रोहतक, अंबाला, चंडीगढ़ होते हुए पंजाब तक पहुंच गई है। इसके सक्रिय होने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार 11 जुलाई तक अच्छी बारिश के आसार हैं।
बीते 24 घंटे में कहां कितनी बारिश (मिमी)
गुरुग्राम- 82
चंडीगढ़-73
करनाल-15.4
नारनौल-16.0
रोहतक-36.6
कुरुक्षेत्र-6.0
अंबाला-2.4
बीते 24 घंटे में कहां कितनी बारिश (मिमी)
गुरुग्राम- 82
चंडीगढ़-73
करनाल-15.4
नारनौल-16.0
रोहतक-36.6
कुरुक्षेत्र-6.0
अंबाला-2.4
यमुनानगर जिले को मिले उपकरणों से लैस आईआरबी कर्मियों के दो दल
हरियाणा पुलिस ने मानसून के दौरान जिला यमुनानगर में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना व अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए कमर कस ली है। बाढ़ बचाव कार्य में प्रशिक्षित पुलिस जवान तैनात रहेंगे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि यमुनानगर जिला बाढ़ की दृष्टि से अति संवेदनशील है।
यहां इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) कर्मियों के दो दल मोटर वोट और बाढ़ बचाव उपकरणों सहित उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस और सिविल प्रशासन किसी भी हालात का सामना करने व लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
कुल 62 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई हैं, जो किसी भी तरह की बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर जोखिम को कम करने के साथ-साथ बचाव एवं राहत कार्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमों व जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे।
प्रत्येक दल में एक एनजीओ, तीन हेड कांस्टेबल और 27 कांस्टेबल सहित कुल 31 पुलिस कर्मी होंगे। प्लाटून कमांडर किसी भी आपात स्थिति में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। इसके अतिरिक्त दोनों टीमें परिवहन, संचार और बाढ़ बचाव उपकरणों से लैस होंगी।
यहां इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) कर्मियों के दो दल मोटर वोट और बाढ़ बचाव उपकरणों सहित उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस और सिविल प्रशासन किसी भी हालात का सामना करने व लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
कुल 62 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई हैं, जो किसी भी तरह की बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर जोखिम को कम करने के साथ-साथ बचाव एवं राहत कार्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमों व जिला प्रशासन का सहयोग करेंगे।
प्रत्येक दल में एक एनजीओ, तीन हेड कांस्टेबल और 27 कांस्टेबल सहित कुल 31 पुलिस कर्मी होंगे। प्लाटून कमांडर किसी भी आपात स्थिति में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे। इसके अतिरिक्त दोनों टीमें परिवहन, संचार और बाढ़ बचाव उपकरणों से लैस होंगी।