'मिसकैरिज मामले में रजनी से माफी मांगें मोदी'
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विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ शुक्रवार को टीचर रजनी के घर उससे मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी बेटी बचाओ अभियान चला रहे हैं और दूसरी तरफ उनकी रैली में काले झंडे न दिखाए जा सकें, इसलिए महिला टीचर को अवैध हिरासत में रखा जिस कारण रजनी का मिसकैरिज हो गया।
इसलिए इस घटना में प्रधानमंत्री मोदी को तत्काल माफी मांगनी चाहिए। जाखड़ के साथ विधायक रमनजीत सिंह सिक्की, राणा गुरजीत सिंह, विधायका गुरइकबाल कौर, पूर्व मंत्री चौधरी जगजीत सिंह, अमरजीत सिंह समरा समेत कई कांग्रेसी नेता थे।
जाखड़ ने रजनी के परिजनों से घटना का ब्यौरा लिया और कहा कि उन्होंने इस मामले को जोरदार ढंग से विधानसभा में उठाया था। पिता के आईसीयू में होने के कारण वह जालंधर नहीं आ सके।
जाखड़ ने कहा कि निकायमंत्री अनिल जोशी के भाई पर हमला होता है तो सूबे में औरंगजेब का राज बन जाता है और महिला टीचर को प्रताड़ित कर उसका गर्भ गिरा दिया जाए तो जोशी समेत सारे मंत्रियों की जुबान पर ताले लग जाते हैं।
तमाम विधायकों के साथ वह राज्यपाल को मिलेंगे
जाखड़ ने कहा कि सूबे में औरंगजेब का राज नहीं बल्कि कंस का राज चल रहा है। जाखड़ ने कहा कि भारत में लोकतंत्र है और सभी को अपनी बात कहने का हक है।
मोदी को काले झंडे न दिखाए जा सकें, इसलिए महिलाओं पर अत्याचार किया गया। जाखड़ ने कहा कि अगर चार-पांच दिन में रजनी पर अत्याचार करने के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल न भेजा गया तो तमाम विधायकों के साथ वह राज्यपाल को मिलेंगे।
सुनील जाखड़, सीएलपी लीडर ने कहा कि मुझे खुद शर्म आ रही है कि मैं इस पॉलिटिकल सिस्टम का हिस्सा हूं। एक तरफ पीएम मोदी एक हजार करोड़ रुपये महिलाओं की सुरक्षा के लिए आरक्षित रखने और बेटी बचाओ अभियान की शुरुआत कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जालंधर जैसी घटनाएं इंसानियत के नाम पर कलंक लगा रही हैं।