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बैकफुट पर कैप्टन सरकार, विरोध के बाद स्कूलों के मर्जर का फैसला टला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 23 Oct 2017 11:24 AM IST
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30 नवंबर तक टला 20 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों का मर्जर
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टीचरों और विपक्षी दलों के तीखे विरोध के बाद पंजाब सरकार बैकफुट पर आ गई है। सरकारी प्राइमरी स्कूलों का विलय फिलहाल 30 नवंबर तक टाल दिया गया है। पंजाब सरकार ने फैसला लिया था कि जिन प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम (20 से कम) हैं, उनका नजदीक के स्कूलों में विलय कर दिया जाए।
शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि इसमें राइट टु एजुकेशन एक्ट का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। स्कूलों का एक किलोमीटर के दायरे में ही विलय किया जाएगा, ताकि बच्चे को अपने घर के पास ही शिक्षा उपलब्ध हो सके। विभाग ने कम बच्चों वाले करीब आठ सौ स्कूल चिह्नित किए थे, जिनका विलय किया जाना था। साथ ही इन स्कूलों के टीचरों को भी 25 अक्तूबर तक दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने की समयसीमा तय कर दी गई थी।
लेकिन विलय का एक तरफ टीचरों ने जबरदस्त विरोध शुरू कर दिया, दूसरी तरफ अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी भी खुल कर इसके विरोध में आ गई। एक दिन में मामला काफी तूल पकड़ गया। जिसके बाद सरकार बैकफुट पर आई। अधिकारियों ने फिलहाल विलय तीस नवंबर तक टालने का फैसला किया है। अब टीचरों को शिफ्ट करने की डेडलाइन तीस नवंबर रखी गई है।
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शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि इसमें राइट टु एजुकेशन एक्ट का उल्लंघन नहीं किया जाएगा। स्कूलों का एक किलोमीटर के दायरे में ही विलय किया जाएगा, ताकि बच्चे को अपने घर के पास ही शिक्षा उपलब्ध हो सके। विभाग ने कम बच्चों वाले करीब आठ सौ स्कूल चिह्नित किए थे, जिनका विलय किया जाना था। साथ ही इन स्कूलों के टीचरों को भी 25 अक्तूबर तक दूसरे स्कूलों में शिफ्ट करने की समयसीमा तय कर दी गई थी।
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लेकिन विलय का एक तरफ टीचरों ने जबरदस्त विरोध शुरू कर दिया, दूसरी तरफ अकाली दल, भाजपा और आम आदमी पार्टी भी खुल कर इसके विरोध में आ गई। एक दिन में मामला काफी तूल पकड़ गया। जिसके बाद सरकार बैकफुट पर आई। अधिकारियों ने फिलहाल विलय तीस नवंबर तक टालने का फैसला किया है। अब टीचरों को शिफ्ट करने की डेडलाइन तीस नवंबर रखी गई है।
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शिअद ने भी की थी विलय की कोशिश
Punjab Primary Schools
शिक्षा प्रोवाइडर और मिड डे मील कुक की नौकरी पर संकट
स्कूलों के मर्जर से प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त शिक्षा प्रोवाइडरों और मिड डे मील कुक व वर्करों की नौकरी पर संकट आ गया है। 800 से ज्यादा स्कूलों का विलय होने के बाद मिड डे मील कुक व वर्कर बेरोजगार हो जाएंगे।
वहीं, शिक्षा विभाग के पास लगभग 1600 अतिरिक्त रेगुलर टीचर आ जाएंगे। जिसके चलते शिक्षा प्रोवाइडरों की भी जरूरत नहीं रह जाएगी। अध्यापकों का कहना है ज्ञानी जैल सिंह ने 1975-76 में सीएम रहते हुए सभी गांवों में स्कूल खोलने का फैसला किया था। आज कांग्रेस सरकार ही इन्हें बंद करने पर तुली है। गरीबों के लिए अपना काम छोड़ कर बच्चों को स्कूल छोड़ें व ले जा सकें। बच्चे पढ़ाई ही छोड़ देंगे। कई जगह बच्चों को स्कूल जाने केलिए हाईवे पार करना पड़ेगा।
शिअद ने भी की थी विलय की कोशिश
आज शिरोमणि अकाली दल स्कूलों के मर्जर का विरोध कर रहा है। लेकिन दो साल पर अकाली सरकार ने भी स्कूलों के मर्जर का प्रयास किया था। पर तब भी टीचरों और आम लोगों के विरोध के चलते यह फैसला वापस लेना पड़ा था। अब भी गांव स्तर पर यह सियासी मुद्दा बनेगा।
स्कूलों के मर्जर से प्राइमरी स्कूलों में नियुक्त शिक्षा प्रोवाइडरों और मिड डे मील कुक व वर्करों की नौकरी पर संकट आ गया है। 800 से ज्यादा स्कूलों का विलय होने के बाद मिड डे मील कुक व वर्कर बेरोजगार हो जाएंगे।
वहीं, शिक्षा विभाग के पास लगभग 1600 अतिरिक्त रेगुलर टीचर आ जाएंगे। जिसके चलते शिक्षा प्रोवाइडरों की भी जरूरत नहीं रह जाएगी। अध्यापकों का कहना है ज्ञानी जैल सिंह ने 1975-76 में सीएम रहते हुए सभी गांवों में स्कूल खोलने का फैसला किया था। आज कांग्रेस सरकार ही इन्हें बंद करने पर तुली है। गरीबों के लिए अपना काम छोड़ कर बच्चों को स्कूल छोड़ें व ले जा सकें। बच्चे पढ़ाई ही छोड़ देंगे। कई जगह बच्चों को स्कूल जाने केलिए हाईवे पार करना पड़ेगा।
शिअद ने भी की थी विलय की कोशिश
आज शिरोमणि अकाली दल स्कूलों के मर्जर का विरोध कर रहा है। लेकिन दो साल पर अकाली सरकार ने भी स्कूलों के मर्जर का प्रयास किया था। पर तब भी टीचरों और आम लोगों के विरोध के चलते यह फैसला वापस लेना पड़ा था। अब भी गांव स्तर पर यह सियासी मुद्दा बनेगा।
प्री-प्राइमरी में पढ़ाएंगे शिक्षा प्रोवाइडर
Punjab Primary Schools
टीचर यूनियन आज करेंगे रोष प्रदर्शन
प्राइमरी स्कूलों के मर्जर के खिलाफ टीचरों के तमाम संगठन सोमवार को रोष प्रदर्शन करेंगे। सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर जिला मुख्यालयों पर धरने देंगे या फिर सरकार के पुतले जलाएंगे।
प्री-प्राइमरी में पढ़ाएंगे शिक्षा प्रोवाइडर
पंजाब के डीपीआई (एलिमेंट्री) इंदरजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार को के लिए ही स्कूलों के विलय का फैसला किया गया है। इसके लिए टीचरों की शिफ्टिंग की डेडलाइन जो पहले 25 अक्तूबर थी, अब तीस नवंबर तक बढ़ा दी गई है। मर्जर के बाद शिक्षा प्रोवाइडरों की नौकरी पर कोई संकट नहीं आएगा। उन्हें प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मिड-डे मील कुक व वर्करों के हितों की भी रक्षा की जाएगी।
प्राइमरी स्कूलों के मर्जर के खिलाफ टीचरों के तमाम संगठन सोमवार को रोष प्रदर्शन करेंगे। सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर जिला मुख्यालयों पर धरने देंगे या फिर सरकार के पुतले जलाएंगे।
प्री-प्राइमरी में पढ़ाएंगे शिक्षा प्रोवाइडर
पंजाब के डीपीआई (एलिमेंट्री) इंदरजीत सिंह ने कहा कि शिक्षा के स्तर में सुधार को के लिए ही स्कूलों के विलय का फैसला किया गया है। इसके लिए टीचरों की शिफ्टिंग की डेडलाइन जो पहले 25 अक्तूबर थी, अब तीस नवंबर तक बढ़ा दी गई है। मर्जर के बाद शिक्षा प्रोवाइडरों की नौकरी पर कोई संकट नहीं आएगा। उन्हें प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मिड-डे मील कुक व वर्करों के हितों की भी रक्षा की जाएगी।