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Punjab Roadways Strike: रोडवेज कर्मियों और सरकार में नहीं बना तालमेल, यूनियन ने कहा- बेनतीजा रही बैठक

Tue, 15 Nov 2022 01:23 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 15 Nov 2022 01:23 AM IST
सार

बैठक के बाद यूनियन के नेताओं ने बताया कि निदेशक के अड़ियल रुख के कारण बैठक में किसी समस्या का हल नहीं निकल सका। 15 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। साथ ही पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के सभी 27 डिपुओं में मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। 

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Meeting between roadways workers and government inconclusive
पंजाब रोडवेज की हड़ताल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पंजाब में जारी परिवहन कर्मियों की हड़ताल को समाप्त और कर्मचारियों की मांगों पर विचार के लिए बुलाई गई बैठक में कच्चे मुलाजिमों की यूनियन और राज्य सरकार के बीच तालमेल नहीं बन सकी। सरकार ने बैठक सफल रहने का दावा किया जबकि यूनियन ने बैठक को बेनतीजा करार देते हुए हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। 

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पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के मुलाजिम 15 नवंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। रोडवेज यूनियन के प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि सोमवार को पंजाब सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हिमांशु जैन के साथ हुई उनकी वार्ता बेनतीजा रही है। हालांकि राज्य सरकार ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि सरकार ने रोडवेज मुलाजिमों की सभी मांगें मान ली हैं। दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक 12 दिसंबर को तय की गई है। इस बैठक में परिवहन विभाग के निदेशक भी शामिल थे।
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रोडवेज के कच्चे मुलाजिमों की यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा है कि यूनियन अपनी मांगों पर कायम है और जब तक सरकार टंकी पर चढ़े कंडक्टर की तुरंत बहाली और मुलाजिमों के तबादला आदेश को रद्द नहीं करेगी, उनकी हड़ताल जारी रहेगी। सरकार के मांगें माने जाने संबंधी बयान के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार के बयान से यूनियन का कुछ लेना-देना नहीं है और इसमें मुलाजिमों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है।

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बैठक के बाद यूनियन के नेताओं ने बताया कि निदेशक के अड़ियल रुख के कारण बैठक में किसी समस्या का हल नहीं निकल सका। 15 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। साथ ही पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के सभी 27 डिपुओं में मंगलवार को भी हड़ताल जारी रहेगी। 

यूनियन की तरफ से इस बैठक में भी सरकार को मांग पत्र सौंपा गया है और सरकार की तरफ से कंडक्टर के मामले में तीन दिन में जांच पूरी करने का भरोसा दिया जा रहा है। इसके साथ ही मुलाजिमों को तबादला आदेश की भी सात दिन में समीक्षा करने की बात कही गई है लेकिन यूनियन का कहना है कि कंडक्टर की बहाली के लिए जांच की जरूरत नहीं है। उस मामले से संबंधित सारे सबूत पहले ही दिए जा चुके हैं, जिनसे साबित होता है कि कंडक्टर बेकसूर है।

सरकार का यह है दावा
पंजाब सरकार की ओर से सोमवार शाम प्रेस बयान जारी कर कहा गया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर परिवहन विभाग ने पंजाब रोडवेज, पनबस व पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों की यूनियन की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव हिमांशु जैन और निदेशक (परिवहन) अमनदीप कौर ने यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।

इसमें प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह, शमशेर सिंह ढिल्लों, हरकेश कुमार, जगतार सिंह और दलजीत सिंह शामिल थे। बैठक के दौरान फैसला लिया गया कि निलंबित कंडक्टर प्रीतपाल सिंह के खिलाफ समयबद्ध तरीके से तीन दिन में जांच पूरी की जाएगी। यूनियन ने इस मामले की समयबद्ध जांच की मांग की थी, जिसे राज्य सरकार ने मान लिया है। साथ ही, परिवहन निदेशक ने फिरोजपुर से स्थानांतरित कर्मचारियों के तबादलों की विभाग के नियमानुसार सात दिन में समीक्षा करने पर सहमति जताई है। सरकार ने यूनियन के प्रतिनिधियों को भरोसा दिया है कि मुलाजिमों की लंबित जायज मांगों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इन पर फैसला लेने के लिए 12 दिसंबर को फिर से बैठक की जाएगी।

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