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इन्होंने किए एमडीसी-5 वासियों के हाल बेहाल

Wed, 11 Dec 2013 01:33 PM IST
अमर उजाला, पंचकूला
अमर उजाला, पंचकूला Updated Wed, 11 Dec 2013 01:33 PM IST
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mdc-5_chandigarh_nagar nigam_heirless animals
एमडीसी-पांच में रहने वाले लोगों को कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। आजकल स्ट्रीट डॉग्स से लेकर बंदरों तक ने उत्पात मचा रखा है। घर हो या बाहर, बंदरों से हमेशा खतरा रहता है।
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फ्लैट्स के आसपास खाने-पीने की चीजों पर बंदर टूट पड़ते हैं तो सोसाइटी से बाहर निकलते ही स्ट्रीट डॉग्स का खतरा रहता है। इससे कई बार हादसे भी हो चुके हैं। इनके अलावा लावारिस पशुओं और सड़कों पर निकलने वाले सांपों की समस्याएं भी गंभीर हैं।
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एमडीसी-पांच में कुल 39 सोसाइटियां हैं, जहां हजारों रेजीडेंट्स रहते हैं। यदि घरों का दरवाजा थोड़ी देर खुला रह जाए तो बंदरों के पहुंचने का खतरा होता है।
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कई बार तो सीढ़ियों से उतरते-चढ़ते समय बंदरों को देखकर बच्चे भी डर जाते हैं, जिससे उनके गिरने का खतरा रहता है। वहीं, मार्केट से बाहर निकलने पर मुख्य सड़क के आसपास लावारिस गाय-भैंस घूमते रहते हैं।

एमडीसी सेक्टर-पांच रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एस सचदेवा ने बताया कि लावारिस पशुओं से लोगों को कई तरह की दिक्कतें हो रही हैं। कई बार नगर निगम से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बंदरों और स्ट्रीट डॉग्स के कारण लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। सोसाइटी फ्लैटों में रहने वाले हर वक्त इनसे सहमे रहते हैं। स्कूटी पर जाते समय भी स्ट्रीट डॉग्स पीछे दौड़ने लगते हैं।
- सुभाष चंद्र खन्ना

बंदरों, लावारिस पशुओं के कारण लोगों को काफी दिक्कतें पेश आती हैं। इन्हें रोकने के लिए नगर निगम को कुछ न कुछ कदम उठाना चाहिए, क्योंकि इनसे हादसों का खतरा रहता है।
- सोमनाथ

कई बार सीढ़ियों पर ही बंदर बैठे रहते हैं। इस वजह से नीचे उतरने या ऊपर आने के दौरान भी लोगों में बंदरों का खौफ बना रहता है।
- सूरज गुप्ता

कई बार बंदर खाने पीने की चीजें ढूंढने के लिए डस्टबिन को भी गिराकर वेस्ट बिखेर देते हैं। इससे गंदगी फैल जाती है। महिलाओं या बच्चों के हाथ में अगर कुछ खाने-पीने की चीजें हो तो बंदरों के बीच से उन्हें घर लाना भी मुश्किल हो जाता है।

- गोपाल बलवानी

पास बने नालों की वजह से कई बार सांप भी सोसाइटी फ्लैट्स में पहुंच जाते हैं। उन्हें पकड़ने के लिए कोई भी नहीं है। सांप निकलने की घटना कई बार हो चुकी है।
- टीआर तेजपाल



, नगर निगम
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