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वह पार्षद कौन है जो वोट डालना नहीं जानता!
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 02 Jan 2014 01:50 PM IST
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लोकसभा चुनाव से पहले यह मेयर चुनाव कांग्रेस के लिए अपने दरवाजे दुरुस्त करने का संदेश लाया है। चुनाव में तीनों पदों के लिए एक-एक वोट इनवैलिड रहा।
अब इसकी तलाश हो रही है कि आखिर यह पार्षद कौन है जो वोट डालना नहीं जानता। क्या यह किसी एक ही पार्षद का काम है या अलग-अलग ने ऐसा किया है। नेता भी यह राज जानने में जुटे हैं।
सूत्रों का कहना है कि गलती तो एक बार ही होगी, लेकिन यहां तो तीन-तीन वोट अवैध रहे हैं। ऐसे में किसी सदस्य ने दूसरे को हराने के लिए क्रॉस वोटिंग की बजाय अवैध वोट डालने का हथियार अपनाया होगा।
निगम के ज्वाइंट कमिश्नर व सेक्रेटरी राजीव गुप्ता ने बुधवार को वोटिंग शुरू होने से पहले ही मतदान का तरीका विस्तार से समझाया था।
मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए एक वोटर ने नाम के आगे तय जगह की स्थान पर नाम पर ही मोहर लगा दी थी। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर के लिए दोनों उम्मीदवारों के नाम के आगे मोहर लगा दी गई थी।
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हालांकि बंसल और कांग्रेसी पार्षदों ने नाम पर लगी मोहर को सही मानने पर जोर दिया मगर भाजपा पार्षद अरुण सूद ने चुनाव संबंधी नियमावली सबको दिखाकर इसका विरोध किया और वोट अवैध माने गए।
इसके अलावा डिप्टी मेयर की एक ओर वोट को लेकर हंगामा हुआ। इस वोट में मोहर का इंप्रेशन तय स्थान के खाने के कुछ बाहरी हिस्से तक जा रहा था मगर ज्यादा हिस्सा खाने में ही था इसलिए इसे बाद में वैध मान लिया गया। यह वोट भाजपा के खाते में गया।
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अब इसकी तलाश हो रही है कि आखिर यह पार्षद कौन है जो वोट डालना नहीं जानता। क्या यह किसी एक ही पार्षद का काम है या अलग-अलग ने ऐसा किया है। नेता भी यह राज जानने में जुटे हैं।
सूत्रों का कहना है कि गलती तो एक बार ही होगी, लेकिन यहां तो तीन-तीन वोट अवैध रहे हैं। ऐसे में किसी सदस्य ने दूसरे को हराने के लिए क्रॉस वोटिंग की बजाय अवैध वोट डालने का हथियार अपनाया होगा।
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निगम के ज्वाइंट कमिश्नर व सेक्रेटरी राजीव गुप्ता ने बुधवार को वोटिंग शुरू होने से पहले ही मतदान का तरीका विस्तार से समझाया था।
मेयर और डिप्टी मेयर पद के लिए एक वोटर ने नाम के आगे तय जगह की स्थान पर नाम पर ही मोहर लगा दी थी। जबकि सीनियर डिप्टी मेयर के लिए दोनों उम्मीदवारों के नाम के आगे मोहर लगा दी गई थी।
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हालांकि बंसल और कांग्रेसी पार्षदों ने नाम पर लगी मोहर को सही मानने पर जोर दिया मगर भाजपा पार्षद अरुण सूद ने चुनाव संबंधी नियमावली सबको दिखाकर इसका विरोध किया और वोट अवैध माने गए।
इसके अलावा डिप्टी मेयर की एक ओर वोट को लेकर हंगामा हुआ। इस वोट में मोहर का इंप्रेशन तय स्थान के खाने के कुछ बाहरी हिस्से तक जा रहा था मगर ज्यादा हिस्सा खाने में ही था इसलिए इसे बाद में वैध मान लिया गया। यह वोट भाजपा के खाते में गया।