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मकानों में अवैध निर्माण को वैध करने के लिए महापौर ने गठित की कमेटी

Tue, 08 Dec 2020 02:38 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 02:38 AM IST
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Mayor constituted committee to legalize illegal construction in houses
चंडीगढ़। मौलीजागरां के विकास नगर, सेक्टर-52 और 53 के मकानों में अतिक्रमण को वैध करने के लिए महापौर राजबाला मलिक ने एक कमेटी बना दी है। कमेटी की रिपोर्ट इस माह की सदन की बैठक में आएगी। इसके बाद सदन से प्रस्ताव बनाकर अतिक्रमण को एक तय मानक तक वैध करने के लिए प्रशासन को भेजा जाएगा। कमेटी में उप महापौर जगतार सिंह जग्गा, अनिल कुमार दूबे, चंद्रवती शुक्ला, सतीश कैंथ और मनोनीत पार्षद हाजी मोहम्मद खुर्शीद अली को सदस्य बनाया गया है। महापौर ने कमेटी में निगम आयुक्त केके यादव से अधिकारियों को शामिल करने को कहा है।
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बीते 29 नवंबर को हुई सदन की बैठक में पार्षद अनिल दूबे और चंद्रवती शुक्ला की ओर से सदन में प्रस्ताव लाया गया था कि मौलीजागरां के विकास नगर, सेक्टर-52 और 53 में पांच हजार से ज्यादा ऐसे मकान हैं, जहां लोगों ने तय मानक से ज्यादा निर्माण कार्य करा लिया है। अब उसे तोड़ना संभव नहीं है, इसलिए एक नई पॉलिसी बनाकर अतिक्रमण को वैध किया जाए। इसके लिए एक कमेटी का गठन कर इन मकानों में नया मानक तय किया जाए। इससे ज्यादा अतिक्रमण होने पर उसे हटाया जा सके। मालूम हो कि अतिक्रमण का प्रस्ताव पास होने के बाद तब तक यह लागू नहीं माना जाएगा, जब तक प्रशासन इस पर अपनी मंजूरी नहीं देगा। क्योंकि प्रशासन पहले से हाउसिंग बोर्ड के मकानों में हुए बदलाव को मंजूरी देने का प्रस्ताव खारिज कर चुका है। हालांकि, पार्षद अनिल दूबे का कहना है कि विकास नगर, सेक्टर-52 और 53 में ज्यादातर मकान पावर ऑफ अटॉरिनी पर बिक चुके हैं, जबकि नियमों के अनुसार यह आगे बिक भी नहीं सकते। प्रशासन की ओर से यह मकान लोगों को पुनर्वास योजना के तहत संपदा विभाग ने आवंटित किए थे। अतिक्रमण करने वाले लोगों को नगर निगम ने नोटिस जारी किए थे। यह प्रस्ताव सदन में पहले भी आया था, लेकिन तब इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। हालांकि, यह प्रस्ताव पहले भी प्रशासन के पास गया था। तब भी प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया था। बैठक में पार्षदों की अपील के बाद तय किया गया था कि अब किसी को नए नोटिस नहीं भेजे जाएंगे। कमेटी के फैसले के बाद प्रशासन की ओर से जो जबाव आएगा उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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