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लोगों को अब PGI में मिलेंगी ये 5 बड़ी सुविधाएं, और भी बहुत कुछ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 07 Aug 2016 02:18 PM IST
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JP Nadda PGI Visit
- फोटो : amar ujala
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चंडीगढ़ पीजीआई में आने वाले लाखों लोगों को अब यहां 5 बहुत बड़ी सुविधाएं मिलेंगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इन्हें जनता को समर्पित किया। इस मौके पर उन्होंने पीजीआई के डायरेक्टर वाइके चावला व अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि शनिवार को पीजीआई में जो सुविधाएं शुरू की गई हैं, वे देश के किसी भी संस्थान में नहीं हैं। इस दौरान उन्होंने पीजीआई के राष्ट्रीय नर्सिंग शिक्षा संस्थान के पहले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया। उन्होंने सभी स्टूडेंट को डिग्री बांटी और शुभकामनाएं दी।
बच्चों के लिए स्पेशल एमआरआई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एडवांस कार्डियक सेंटर के पीछे बने बच्चों के स्पेशल एमआरआई सेंटर का उद्घाटन किया। इस यूनिट में कार्टून फिल्म के माध्यम से बच्चों को पहले एमआरआई के बारे में समझाया जाएगा, ताकि उनका डर खत्म हो सके। इसके बाद उनका एमआरआई किया जाएगा। डाक्टरों ने बताया कि अक्सर बच्चे एमआरआई से पहले डर जाते हैं। फिर उनका एमआरआई करना मुश्किल हो जाता है।
इस स्थिति में डॉक्टर बच्चों को बेहोश कर उन्हें एमआरआई की मशीन में भेज देते हैं। कई बार तो बच्चों को तीन बार बेहोश करने वाली दवा दी जाती है। इतनी दवा देने के बाद उनकी रिकवरी मुश्किल होती है। बार-बार दवा से नुकसान का डर भी रहता है। पीजीआई ने दावा किया है कि फिलहाल ऐसी सुविधा देश के किसी भी अस्पताल में नहीं है। इसमें करीब 13 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
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बच्चों के लिए स्पेशल एमआरआई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एडवांस कार्डियक सेंटर के पीछे बने बच्चों के स्पेशल एमआरआई सेंटर का उद्घाटन किया। इस यूनिट में कार्टून फिल्म के माध्यम से बच्चों को पहले एमआरआई के बारे में समझाया जाएगा, ताकि उनका डर खत्म हो सके। इसके बाद उनका एमआरआई किया जाएगा। डाक्टरों ने बताया कि अक्सर बच्चे एमआरआई से पहले डर जाते हैं। फिर उनका एमआरआई करना मुश्किल हो जाता है।
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इस स्थिति में डॉक्टर बच्चों को बेहोश कर उन्हें एमआरआई की मशीन में भेज देते हैं। कई बार तो बच्चों को तीन बार बेहोश करने वाली दवा दी जाती है। इतनी दवा देने के बाद उनकी रिकवरी मुश्किल होती है। बार-बार दवा से नुकसान का डर भी रहता है। पीजीआई ने दावा किया है कि फिलहाल ऐसी सुविधा देश के किसी भी अस्पताल में नहीं है। इसमें करीब 13 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
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भारता का पहला फीम्टोसेकेंड कैटरेक्ट
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- फोटो : amar ujala
पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में फीम्टोसेकेंड कैटरेक्ट सुविधा शुरू की गई है। इसे ब्लैडलेस कैटरेक्ट प्रोसीजर, रोबोटिक कैटरेक्ट प्रोसीजर भी कहा जाता है। फेम्टोसेकेंड मोतियाबिंद सर्जरी जटिल व चुनौतीपूर्ण मोतियाबिंद मामलों में सर्जिकल कठिनाइयों को कम करने व आपरेशन के बाद के परिणामों को बढ़ाने में सहायता करेगी। यह विशेष तौर पर भारत का पहला केंद्र है, जो सात करोड़ की लागत से स्थापित किया गया है।
स्लीप लैब मरीजों को समर्पित किया
जेपी नड्डा ने नेहरू हास्पिटल की चौथी मंजिल में स्लीप लैब का भी उद्घाटन किया। इसमें आब्स्ट्रैक्टिव स्लीप एपेनिया बीमारी को डाइग्नोज किया जाएगा। खासकर नींद के वक्त खर्राटा, सांस उखड़ना व साइलेंट हार्ट अटैक जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। इसे ईएनटी डिपार्टमेंट ने नेहरू हास्पिटल में इंस्टाल किया है। इसमें पेशेंट को पूरी रात सुलाया जाएगा और उसके सोने के तरीकों का आकलन कर बीमारी का पता लगाया जाएगा। यह बीमारी होने पर लोगों में हाइपरटेंशन, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, पल्मनरी हाइपरटेंशन बढ़ता है।
इसरो-पीजीआई लिंक टेली मेडिसिन सेंटर का उद्घाटन
दूर-दराज एरिया में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और इसरो के बीच समझौते के तहत टेलीमेडिसिन लिंक का उद्घाटन किया गया। तीनों ही लिंक दुर्गम इलाके में हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिले के पूह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केरल में सबरीमाला के पम्पा हास्पिटल व अमरनाथ धाम मार्ग पर शेषनाग बेस कैंप शामिल है। इसके तहत पीजीआई के डाक्टर कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों सेंटरों के डाक्टरों के माध्यम से मरीजों का इलाज करेंगे।
स्लीप लैब मरीजों को समर्पित किया
जेपी नड्डा ने नेहरू हास्पिटल की चौथी मंजिल में स्लीप लैब का भी उद्घाटन किया। इसमें आब्स्ट्रैक्टिव स्लीप एपेनिया बीमारी को डाइग्नोज किया जाएगा। खासकर नींद के वक्त खर्राटा, सांस उखड़ना व साइलेंट हार्ट अटैक जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। इसे ईएनटी डिपार्टमेंट ने नेहरू हास्पिटल में इंस्टाल किया है। इसमें पेशेंट को पूरी रात सुलाया जाएगा और उसके सोने के तरीकों का आकलन कर बीमारी का पता लगाया जाएगा। यह बीमारी होने पर लोगों में हाइपरटेंशन, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, पल्मनरी हाइपरटेंशन बढ़ता है।
इसरो-पीजीआई लिंक टेली मेडिसिन सेंटर का उद्घाटन
दूर-दराज एरिया में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और इसरो के बीच समझौते के तहत टेलीमेडिसिन लिंक का उद्घाटन किया गया। तीनों ही लिंक दुर्गम इलाके में हैं। इसमें हिमाचल प्रदेश का किन्नौर जिले के पूह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, केरल में सबरीमाला के पम्पा हास्पिटल व अमरनाथ धाम मार्ग पर शेषनाग बेस कैंप शामिल है। इसके तहत पीजीआई के डाक्टर कांफ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों सेंटरों के डाक्टरों के माध्यम से मरीजों का इलाज करेंगे।
‘अमृत’ मतलब डेढ़ लाख का स्टेंट 40 हजार में
पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर में खुला अमृत आउटलेट हार्ट के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। एक आम केमिस्ट शॉप के मुकाबले अमृत आउटलेट पर ब्रांडेड दवाएं व हार्ट इम्प्लांट करीब 30 से 70 प्रतिशत तक सस्ते मिलेंगे। पीजीआई में तीसरे आउटलेट के उद्घाटन पर पहुंचे जेपी नड्डा ने बताया कि पीजीआई के आउटलेट को मिलाकर पूरे देश में अब तक नौ अमृत आउटलेट खोले जा चुके हैं।
केंद्र सरकार की योजना है कि मरीजों को सस्ते रेट पर ब्रांडेड मेडिसिन व सर्जिकल इम्प्लांट मुहैया करवाने हैं। इसके तहत (एचएलएल) लाइफकेयर लिमिटेड को जिम्मा सौंपा गया है। भारत सरकार को एचएलएल के साथ मिलकर देशभर में सस्ती दवाएं मुहैया करवानी हैं। इसके लिए कैंसर व हृदय रोग की 200 से ज्यादा दवाओं और सर्जिकल इम्प्लांट को चिन्हित किया गया है। पीजीआई में कुल तीन अमृत स्टोर हैं। दो नेहरू हास्पिटल में व एक कार्डियक स्टोर में।
इतना सस्ता मिलेगा
आइटम कंपनी एमआरपी इतने में मिलेगा छूट
जाइनेस प्राइम (स्टेंट) एबोट 1,50,000 40,000 73 प्रतिशत
जाइनेस वी (स्टेंट) एबोट 95,000 22,500 76.32 प्रतिशत
प्रोमस एलिमेंट प्लस (स्टेंट) बोस्टन 1,60,000 40,000 75 प्रतिशत
रीजोल्यूट इंटेग्रिटी (स्टेंट) मेडट्रोनिक्स 1,20,000 40,000 66.67 प्रतिशत
बायोमाइन (स्टेंट) मिरिल 1,00,000 22,500 77.50 प्रतिशत
स्प्रिंटर लीजैंड (बैलून्स) मेडट्रोनिक्स 26,000 7,100 72.69 प्रतिशत
एनसी स्प्रिंटर (बैलून्स) मेडट्रोनिक्स 23,000 7,100 69.13 प्रतिशत
हार्ट वाल्व मिरिल 77,500 47,000 39.35 प्रतिशत
डेस्टीनी (घुटना) मिरिल 80,000 55,000 31.25 प्रतिशत
केंद्र सरकार की योजना है कि मरीजों को सस्ते रेट पर ब्रांडेड मेडिसिन व सर्जिकल इम्प्लांट मुहैया करवाने हैं। इसके तहत (एचएलएल) लाइफकेयर लिमिटेड को जिम्मा सौंपा गया है। भारत सरकार को एचएलएल के साथ मिलकर देशभर में सस्ती दवाएं मुहैया करवानी हैं। इसके लिए कैंसर व हृदय रोग की 200 से ज्यादा दवाओं और सर्जिकल इम्प्लांट को चिन्हित किया गया है। पीजीआई में कुल तीन अमृत स्टोर हैं। दो नेहरू हास्पिटल में व एक कार्डियक स्टोर में।
इतना सस्ता मिलेगा
आइटम कंपनी एमआरपी इतने में मिलेगा छूट
जाइनेस प्राइम (स्टेंट) एबोट 1,50,000 40,000 73 प्रतिशत
जाइनेस वी (स्टेंट) एबोट 95,000 22,500 76.32 प्रतिशत
प्रोमस एलिमेंट प्लस (स्टेंट) बोस्टन 1,60,000 40,000 75 प्रतिशत
रीजोल्यूट इंटेग्रिटी (स्टेंट) मेडट्रोनिक्स 1,20,000 40,000 66.67 प्रतिशत
बायोमाइन (स्टेंट) मिरिल 1,00,000 22,500 77.50 प्रतिशत
स्प्रिंटर लीजैंड (बैलून्स) मेडट्रोनिक्स 26,000 7,100 72.69 प्रतिशत
एनसी स्प्रिंटर (बैलून्स) मेडट्रोनिक्स 23,000 7,100 69.13 प्रतिशत
हार्ट वाल्व मिरिल 77,500 47,000 39.35 प्रतिशत
डेस्टीनी (घुटना) मिरिल 80,000 55,000 31.25 प्रतिशत