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सुखना लेक पहुंचे मेहमान परिंदे, देखने जाएं तो इन बातों का ध्यान रखें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 27 Nov 2016 11:16 AM IST
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सुखना लेक पर पहुंचे विदेशी परिंदे
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सुखना लेक पर मेहमान परिंदों ने डेरा डालना शुरू कर दिया है। अगर आप उन्हें देखने के लिए जाते हैं तो कुछ खास बातों का ध्यान रखें। इस बार पिछले साल के अपेक्षा लगभग दोगुने प्रवासी पक्षी आए हैं। इससे लेक की रौनक और बढ़ गई है।
बोटिंग वाले एरिया में भी काफी संख्या में पक्षी देखे जा रहे हैं। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि एक अनुमान के मुताबिक सुखना पर आए प्रवासी पक्षियों की संख्या करीब डेढ़ हजार से ज्यादा होगी। पिछली बार इस समय तक करीब 700-800 के करीब पक्षी पहुंचे थे।
अगले 15-20 दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार करीब तीन हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी लेक दस्तक दे सकते हैं। अब तक लगभग 12 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी लेक पर चहुच चुके हैं, धीरे-धीरे इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है।
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बोटिंग वाले एरिया में भी काफी संख्या में पक्षी देखे जा रहे हैं। वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि एक अनुमान के मुताबिक सुखना पर आए प्रवासी पक्षियों की संख्या करीब डेढ़ हजार से ज्यादा होगी। पिछली बार इस समय तक करीब 700-800 के करीब पक्षी पहुंचे थे।
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अगले 15-20 दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार करीब तीन हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी लेक दस्तक दे सकते हैं। अब तक लगभग 12 प्रजातियों के प्रवासी पक्षी लेक पर चहुच चुके हैं, धीरे-धीरे इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है।
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इसलिए आए ज्यादा पक्षी
सुखना लेक पर पहुंचे विदेशी परिंदे
सुखना में इस समय शैलो वाटर (उथला जल) है। बारिश कम होने की वजह से सुखना में पानी कम हो गया है। प्रवासी पक्षी कम गहरे पानी को पसंद करते हैं। इससे उन्हें मछली पकड़ने में मदद मिलती है। मछली और दूसरे जीव जंतु इन पक्षियों की फेवरेट है।
दूसरा कारण यह है कि सुखना में इस समय काफी वीड है। कई पक्षियों को वीड खाते हुए भी देखा गया है। कुल मिलाकर प्रवासी पक्षियों को बेहतर पानी और खाना मिल रहा है। सुखना के आसपास का माहौल भी अच्छा है। इस वजह से प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी है।
इन्हें देख सकते हैं सुखना लेक पर
सुखना लेक में इस समय मुख्य रूप से कोरमोरेंट, रूडी डक, हीरोन, पिनटेल, कॉमन पोचार्ड, गारग्ने, कामन कूट, मलार्ड शामिल है। ये अप्रैल के पहले हफ्ते तक सुखना पर रहेंगी। इनमें से तो कुछ पक्षी साल भर लेक पर देखे जा सकते हैं।
यह पक्षियां चाइना और हिमालय की ओर से आती हैं। इस समय वहां पर ठंड की वजह से पानी जम जाता है। इससे प्रवासी पक्षियों के खाने पर संकट आ जाता है। इस वजह से पक्षी उत्तर भारत की ओर प्रस्थान करते हैं।
दूसरा कारण यह है कि सुखना में इस समय काफी वीड है। कई पक्षियों को वीड खाते हुए भी देखा गया है। कुल मिलाकर प्रवासी पक्षियों को बेहतर पानी और खाना मिल रहा है। सुखना के आसपास का माहौल भी अच्छा है। इस वजह से प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी है।
इन्हें देख सकते हैं सुखना लेक पर
सुखना लेक में इस समय मुख्य रूप से कोरमोरेंट, रूडी डक, हीरोन, पिनटेल, कॉमन पोचार्ड, गारग्ने, कामन कूट, मलार्ड शामिल है। ये अप्रैल के पहले हफ्ते तक सुखना पर रहेंगी। इनमें से तो कुछ पक्षी साल भर लेक पर देखे जा सकते हैं।
यह पक्षियां चाइना और हिमालय की ओर से आती हैं। इस समय वहां पर ठंड की वजह से पानी जम जाता है। इससे प्रवासी पक्षियों के खाने पर संकट आ जाता है। इस वजह से पक्षी उत्तर भारत की ओर प्रस्थान करते हैं।
पक्षियों को देखना है तो अपनाएं यह तरीके
सुखना लेक पर पहुंचे विदेशी परिंदे
- सुखना के रेग्युलेटरी एंड पर बाइनाकुलर लगाया गया है।
- सुबह आठ से 11 और दोपहर दो से पांच बजे तक बाइनाकुलर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- पक्षियों को देखने का सबसे उपयुक्त समय 10-4 बजे के बीच है।
- लाल, काला और सफेद रंग के कपड़े न पहनकर आएं
- पीटी शूज पहनकर आएं और शोर न मचाएं।
डेढ़ हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी आ चुके हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार तीन हजार से ज्यादा पक्षी लेक पर आ सकते हैं। पिछली बार से इस बार करीब दोगुने प्रवासी पक्षी आए हैं।
- संतोष कुमार, निर्देशक वन विभाग चंडीगढ़
पक्षियों को देखने के लिए विभाग की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं। बाइनाकुलर के साथ विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे, जो पक्षियों के बारे में जानकारी देंगे और उन्हें दिखाने में मदद भी करेंगे।
- कर्ण सिंह, रेंज फारेस्ट ऑफिसर, वन विभाग चंडीगढ़
- सुबह आठ से 11 और दोपहर दो से पांच बजे तक बाइनाकुलर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- पक्षियों को देखने का सबसे उपयुक्त समय 10-4 बजे के बीच है।
- लाल, काला और सफेद रंग के कपड़े न पहनकर आएं
- पीटी शूज पहनकर आएं और शोर न मचाएं।
डेढ़ हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी आ चुके हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार तीन हजार से ज्यादा पक्षी लेक पर आ सकते हैं। पिछली बार से इस बार करीब दोगुने प्रवासी पक्षी आए हैं।
- संतोष कुमार, निर्देशक वन विभाग चंडीगढ़
पक्षियों को देखने के लिए विभाग की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं। बाइनाकुलर के साथ विभाग के कर्मचारी भी मौजूद रहेंगे, जो पक्षियों के बारे में जानकारी देंगे और उन्हें दिखाने में मदद भी करेंगे।
- कर्ण सिंह, रेंज फारेस्ट ऑफिसर, वन विभाग चंडीगढ़