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शीतकालीन सत्र: कांग्रेस और इनेलो विधायकों ने किया वॉकआउट, गन्ने के भाव की होगी समीक्षा, कमेटी गठित

Wed, 28 Dec 2022 12:15 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Wed, 28 Dec 2022 12:15 PM IST
सार

विधायक नैना चौटाला ने स्कूल में टीचरों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हंसावाद कलां स्कूल में शिक्षकों की कमी है। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने जवाब दिया कि स्कूलों में अधिक शिक्षक हैं। अध्यापकों की कमी की जानकारी लेंगे।

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Many issues raised on the third day of winter session of Haryana Assembly
हरियाणा विधानसभा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गन्ने का भाव न बढ़ाने और सोनीपत में दो ठेकेदारों के गोदाम से शराब की 7.4 लाख पेटियां गायब होने पर बुधवार को हरियाणा विधानसभा में खूब हंगामा हुआ। एक घंटा दो मिनट तक इन दोनों मुद्दों पर सरकार और विपक्ष में बहस होती रही। शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार भी अपने रुख पर कायम रही, इसे देखते हुए पहले अभय चौटाला और उसके बाद गन्ने के भाव को लेकर कांग्रेस विधायक वॉकआउट कर गए। 

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मुखयमंत्री मनोहर लाल और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के बीच बुधवार को भी शेर-ओ-शायरी का लंबा दौर चला। सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कमान संभाली तो विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष भूपेद्र हुड्डा, विधायक रघुबीर कादियान, अभय चौटाला, किरण चौधरी आक्रामक रहे।  
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हुड्डा ने मुख्यमंत्री से भाव बढ़ाने की घोषणा करने की अनेक बार मांग की लेकिन मुख्यमंत्री टस से मस नहीं हुए। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री जेपी दलाल की अध्यक्षता में कृषि विशेषज्ञों की कमेटी गठित करते हैं, यह पूरा अध्ययन कर 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर भाव को लेकर निर्णय लिया जाएगा। हुड्डा ने कहा कि सरकार पंजाब के बराबर ही गन्ने का भाव कर दे। हरियाणा में इस बार पड़ोसी राज्य से 18 रुपये कम भाव है। यह पहली बार हुआ है।
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गोदामों की पेटियां गायब होने के मुद्दे पर अभय चौटाला ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाए थे। कांग्रेस विधायक किरण चौधरी के प्रस्ताव को भी इसी में जोड़ दिया गया था। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने इसे सदन पटल पर रखा, जैसे ही चर्चा कराने के लिए कहने लगे डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने उन्हें बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस पर चर्चा नहीं हो सकती, इसके बाद डिप्टी स्पीकर ने अभय के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इससे अभय व किरण भड़क गए, उन्हें कांग्रेस विधायकों का साथ मिलने से सदन की कार्यवाही में गतिरोध उत्पन्न हो गया। विपक्षी विधायकों की स्पीकर व डिप्टी स्पीकर के साथ भी अनेक बाहर बहस हुई। अभय वेल तक पहुंच गए, कांग्रेस विधायकों ने अपनी सीट पर खड़े होकर उनका समर्थन किया। हंगामा बढ़ता देखकर स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता अपने आसन पर आसीन हुए। 

ये बोले हुड्डा 
शराब घोटाले में एक आरोपी के जमानत के लिए कोर्ट चले जाने से चर्चा नहीं रोकी जा सकती। जब प्रस्ताव सदन पटल पर आ गया तो उसे पढ़ने दें, सरकार जवाब देने से इन्कार कर दे। डिप्टी स्पीकर की जगह स्पीकर होते तो वह प्रस्ताव को सदन पटल पर रखते ही नहीं। स्पीकर को अपने आसन और कोर्ट दोनों की मर्यादा रखनी चाहिए। 

कादियान बोले- सरकार के दबाव में स्पीकर 
कांग्रेस विधायक रघुवीर कादियान ने कहा कि प्रस्ताव नामंजूर करने को लेकर स्पीकर साहब आप सरकार के दबाव में हो। दाल में कुछ काला नजर आ रहा है। सरकार के लोग शराब घोटाले में संलिप्त हैं, इसलिए चर्चा नहीं कराई जा रही। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।
 
क्या सोए रहे अधिकारी: अभय चौटाला 
अभय चौटाला ने कहा कि कोर्ट आर्डर 22 दिसंबर का है, 28 दिसंबर को प्रस्ताव विधानसभा में चर्चा के लिए लाया गया। इतने दिन अधिकारी क्या सोए रहे। उन्होंने विधानसभा को समय पर जानकारी क्यों नहीं दी। सदन की कार्यवाही अलोकतांत्रिक तरीके से चलाई जा रही है। शराब घोटाले में सरकार चर्चा नहीं चाहती, क्योंकि इसमें उसके अधिकारियों और मंत्रियों की संलिप्तता सामने आती। सरकार गन्ने का दाम बढ़ाकर 426 रुपये प्रति क्विंटल करे। 

विपक्ष को दिखास की बीमारी लग गई: मनोहर लाल 
शराब घोटाले का प्रस्ताव पेश करने की मांग के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल सदन में नहीं थे। जैसे ही वह पहुंचे उन्हें डिप्टी सीएम से पूरा मामला जाना। इसके बाद वह थोड़ी देर शांत रहे लेकिन हुड्डा व विपक्षी विधायक जब बार-बार प्रस्ताव पढ़ने का मुद्दा उठाते रहे तो सीएम ने कहा कि विपक्ष को दिखास की बीमारी लग गई है। इन्हें अहम मुद्दों पर चर्चा नहीं करनी, सिर्फ लोगों को दिखाना है। एक दिन में दो प्रस्ताव पर ही चर्चा हो सकती है, 37-37 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा नहीं करा सकते।

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