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Punjab: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड नहीं जानता शहीद ऊधम सिंह की जन्मतिथि, नौवीं कक्षा की किताब में कई गलतियां
Fri, 25 Aug 2023 02:17 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 25 Aug 2023 02:17 PM IST
सार
मंच के प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि वह 17 पुस्तकें लिख चुके हैं और पांच पुस्तकें शहीद ऊधम सिंह की जीवनी पर लिखी है। पंजाब शिक्षा बोर्ड की अंग्रेजी की पुस्तक मेन कोर्स बुक में पेज नंबर-39, 40 पर शहीद ऊधम सिंह की जीवनी से संबंधित लेख लिखा है। इसमें कई गलतियां हैं।
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शहीद ऊधम सिंह के बारे में किताब में दी गई गलत जानकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
पंजाब शिक्षा बोर्ड की नौवीं कक्षा की अंग्रेजी की पुस्तक में शहीद ऊधम सिंह से जुड़ी कई जानकारियां गलत हैं। गदरी शहीद ऊधम सिंह विचार मंच ने नौवीं कक्षा की अंग्रेजी की पुस्तक मेन कोर्स बुक में लिखे शहीद ऊधम सिंह के लेख पर कई सवाल उठाए हैं। लेख में शहीद की जन्म तिथि, फांसी की तिथि के अलावा अन्य कई गलतियां निकाली है। विभाग लंबे समय से बच्चों को शहीद की जीवनी संबंधी गलत जानकारी दे रहा है। मंच ने इस संबंधी मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री व चेयरमैन शिक्षा बोर्ड को पत्र लिखकर इसे सुधारने की मांग की है।
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मंच के प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि वह 17 पुस्तकें लिख चुके हैं और पांच पुस्तकें शहीद ऊधम सिंह की जीवनी पर लिखी है। पंजाब शिक्षा बोर्ड की अंग्रेजी की पुस्तक मेन कोर्स बुक में पेज नंबर-39, 40 पर शहीद ऊधम सिंह की जीवनी से संबंधित लेख लिखा है। इसमें कई गलतियां हैं। बच्चे ऊधम सिंह की जीवनी संबंधी गलत जानकारी हासिल कर रहे हैं। राकेश ने बताया कि शहीद ऊधम सिंह को 31 जुलाई 1940 को फांसी दी गई थी, लेख में लिखा है 30 जुलाई को फांसी दी थी। ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 में हुआ था, लेख में लिखा है कि 18 दिसंबर 1899 में हुआ था। इसके अलावा लेख में छपी ऊधम सिंह की फोटो असल फोटो से नहीं मिलती है।
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जलियांवाला बाग के लिए असली दोषी ब्रिगेडियर जनरल डायर था, जलियांवाला बाग की घटना के बाद बैठे हंटर कमीशन तथा आर्मी कौंसिल ने डायर को ही दोषी ठहराया था। उसी को ही सजा हुई थी। माइकल ओडवायर को कहीं भी जलियांवाला बाग की घटना संबंधित दोषी नहीं ठहराया गया था। जबकि इस लेख में माइकल ओडवायर को दोषी ठहराया है। राकेश ने बताया कि मुख्यमंत्री को जो पत्र भेजा था, उसका जवाब उन्हें मिल गया है। मुख्यमंत्री ने तमाम गलतियों को सुधारने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव को पत्र फॉरवर्ड कर दिया है।
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मंच के प्रधान राकेश कुमार ने कहा कि वह 17 पुस्तकें लिख चुके हैं और पांच पुस्तकें शहीद ऊधम सिंह की जीवनी पर लिखी है। पंजाब शिक्षा बोर्ड की अंग्रेजी की पुस्तक मेन कोर्स बुक में पेज नंबर-39, 40 पर शहीद ऊधम सिंह की जीवनी से संबंधित लेख लिखा है। इसमें कई गलतियां हैं। बच्चे ऊधम सिंह की जीवनी संबंधी गलत जानकारी हासिल कर रहे हैं। राकेश ने बताया कि शहीद ऊधम सिंह को 31 जुलाई 1940 को फांसी दी गई थी, लेख में लिखा है 30 जुलाई को फांसी दी थी। ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर 1899 में हुआ था, लेख में लिखा है कि 18 दिसंबर 1899 में हुआ था। इसके अलावा लेख में छपी ऊधम सिंह की फोटो असल फोटो से नहीं मिलती है।
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जलियांवाला बाग के लिए असली दोषी ब्रिगेडियर जनरल डायर था, जलियांवाला बाग की घटना के बाद बैठे हंटर कमीशन तथा आर्मी कौंसिल ने डायर को ही दोषी ठहराया था। उसी को ही सजा हुई थी। माइकल ओडवायर को कहीं भी जलियांवाला बाग की घटना संबंधित दोषी नहीं ठहराया गया था। जबकि इस लेख में माइकल ओडवायर को दोषी ठहराया है। राकेश ने बताया कि मुख्यमंत्री को जो पत्र भेजा था, उसका जवाब उन्हें मिल गया है। मुख्यमंत्री ने तमाम गलतियों को सुधारने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव को पत्र फॉरवर्ड कर दिया है।