ईयर एंडर 2021: चंडीगढ़ को स्मार्ट साइकिल की मिली सवारी, निगम ने कचरा उठाने की भी ली जिम्मेदारी
नगर निगम ने इस साल पूरे शहर में घर-घर से कचरा लेने की व्यवस्था को स्मार्ट करने के लिए 29.66 करोड़ की लागत से 390 गाड़ियां खरीदीं। वहीं तीन जगह कचरा संग्रहण केंद्र (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एंड गारबेज ट्रांसफर स्टेशन) बनाए गए हैं। इसमें दो इस साल शुरू हो गए हैं जबकि तीसरा लगभग बनकर तैयार है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
2021 में चंडीगढ़ नगर निगम ने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के लोगों को काफी सहूलियत दी। पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए शहर में साइकिलों का संचालन शुरू किया तो गर्मियों में होने वाली पेयजल आपूर्ति समस्या को दूर करने के लिए पानी के संग्रह क्षमता को भी बढ़ाने का काम किया। दो कचरा संग्रहण केंद्र बनकर तैयार हुए जबकि एक लगभग तैयार होने की कगार पर है। वहीं घर-घर से गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लेने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था की गई।
कोरोना काल होने के बावजूद नगर निगम ने लोगों के लिए सुविधाओं को बेहतर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जनसमस्याओं को बेहतर तरीके से सुलझाने के लिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया। सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म को लोगों तक पहुंचाया गया, जिससे शहर के लोगों खासकर युवाओं को अपनी बात निगम तक पहुंचाने में काफी सहूलियत हुई।
इस साल मिली ये सौगात
घर-घर से कचरा लेने के लिए आईं 390 गाड़ियां
नगर निगम ने इस साल पूरे शहर में घर-घर से कचरा लेने की व्यवस्था को स्मार्ट करने के लिए 29.66 करोड़ की लागत से 390 गाड़ियां खरीदीं। 26 अक्तूबर 2020 को शुरू हुई इस योजना को चार माह में शुरू करना था, लेकिन 11 फरवरी 2021 को व्यवस्था शुरू हुई। कुछ क्षेत्रों को छोड़कर शहर में लगभग सभी जगह यह गाड़ियां चलने लगीं हैं।
ई-गवर्नेंस सेवा से सुविधाओं को किया मजबूत
एक सिस्टम पर निगम की सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने के उद्देश्य से ई-गवर्नेंस सुविधा शुरू हुई। 12.07 करोड़ की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में इस साल कई सेवाओं को जोड़ा गया। इसमें समस्याओं के साथ ही ऑनलाइन आवेदन भी शामिल हैं।
मनीमाजरा 24 घंटे पेयजलापूर्ति का काम शुरू
हाल ही में गिरते भूजल स्तर की सूची में मनीमाजरा गंभीर स्थिति में था। इसके बाद निगम ने यहां पायलट योजना के अंतर्गत 24 घंटे 7 दिन पेयजलापूर्ति परियोजना को शुरू कर दिया है। जल्द लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू होगा।
तीन कचरा संग्रहण केंद्र बनाए
शहर भर से कचरा उठाने के बाद गाड़ियों को कचरा निस्तारण प्लांट या डंपिंग ग्राउंड तक ले जाया जाता है। इससे पूरे शहर में कचरे के साथ दुर्गंध फैलती जाती है। इसके लिए तीन जगह कचरा संग्रहण केंद्र (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी एंड गारबेज ट्रांसफर स्टेशन) बनाए गए हैं। इसमें दो इस साल शुरू हो गए हैं जबकि तीसरा लगभग बनकर तैयार है। यहां गाड़ियां जाकर कचरा डालती हैं। उसके गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग कर के बाद एयर पैक गाड़ियों से कचरा निस्तारण केंद्र भेजा जाता है।
स्मार्ट शौचालय से आएगी फाइव स्टार रेटिंग
निगम ने स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत शहर के बाजारों में शौचालयों को नवनिर्मित किया है। इसमें महिला, पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग व्यवस्था है। वहीं वेंडिंग मशीन से लेकर सफाई के लिए बेहतर व्यवस्था की गई। यह स्मार्ट शौचालय स्वच्छता रैंकिंग में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
शानदार सभागार, जहां हो सकें भव्य आयोजन
निगम की ओर से सेक्टर-38 स्थित महिला भवन में भव्य सभागार का निर्माण कराया गया। टैगोर थिएटर की तर्ज पर बने इस सभागार में शानदार लाइटिंग के साथ अच्छी गुणवत्ता वाली कुर्सियां भी लगवाई गई हैं।
नगर निगम ने कोरोना काल में जितना लोगों की सुरक्षा के लिए काम किया, उतनी ही तेजी से लोगों को विकास कार्यों की सौगात भी दी। निगम आगे भी बेहतर योजनाएं तैयार कर रहा है, जो अगले साल तोहफे के रूप में शहर को देंगे। -आनिंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम