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हरियाणाः गणेश चतुर्थी पर मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने दी कई बड़ी सौगातें, पढ़ें 5 फैसले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 14 Sep 2018 09:56 AM IST
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manohar lal khattar
- फोटो : फाइल फोटो
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हरियाणा सरकार ने गणेश चतुर्थी पर प्रदेश के हर वर्ग के लिए सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यहां टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में जनता की सहूलियत के मद्देनजर लिए गए निर्णयों से अवगत कराया। पूरे प्रदेश में अब एक ही आवासीय बिल्डिंग प्लान होगा। अभी तक हुडा, एचएसआईआईडीसी, नगर निगमों और प्राइवेट कालोनियों के लिए अलग-अलग बिल्डिंग प्लान था। सरकार ने इसे खत्म कर एक ही बिल्डिंग प्लान को मंजूरी दी है।
अब सरकार का किसी के भी घर के अंदर हस्तक्षेप नहीं रहेगा। घर के अंदर कमरों का साइज इत्यादि मकान मालिक खुद तय कर सकेंगे। पहले इसकी भी मंजूरी लेनी होती थी। घर के बाहर के और सेफ्टी प्लान के लिए ही सरकार से मंजूरी लेनी होगी। सरकार ने फायर सेफ्टी के साथ बेसमेंट में भी रिहायश सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर तीन से 15 प्रतिशत तक एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशो में छूट दी जाएगी।
स्टार रेटिंग के तहत हर स्टार पर तीन प्रतिशत एफएआर छूट मिलेगी। सरकार ने संस्थागत व शैक्षणिक भवनों के लिए एफएआर सौ से बढ़ाकर डेढ़ सौ प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा हर घर में स्टिल्ट पार्किंग बनानी पड़ेगी। इसके बिना नक्शा पास नहीं होगा। सीएम ने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए यह निर्णय लिया है।
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150 वर्ग मीटर या इससे अधिक के हर रिहायशी प्लाट में कार-बे होना अब अनिवार्य है। अपार्टमेंट एक्ट के तहत हुडा, एचएसआईआईडीसी के रिहायशी सेक्टरों में चौथी मंजिल की रजिस्ट्री वीरवार से ही लागू कर दी गई। चौथी मंजिल तक कुल ऊंचाई 15 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। अभी तक तीन ही मंजिल की रजिस्ट्री का प्रावधान था। चौथी मंजिल बनाने के लिए किसी तरह की एनओसी नहीं लेनी होगी।
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अब सरकार का किसी के भी घर के अंदर हस्तक्षेप नहीं रहेगा। घर के अंदर कमरों का साइज इत्यादि मकान मालिक खुद तय कर सकेंगे। पहले इसकी भी मंजूरी लेनी होती थी। घर के बाहर के और सेफ्टी प्लान के लिए ही सरकार से मंजूरी लेनी होगी। सरकार ने फायर सेफ्टी के साथ बेसमेंट में भी रिहायश सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही ग्रीन बिल्डिंग बनाने पर तीन से 15 प्रतिशत तक एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशो में छूट दी जाएगी।
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स्टार रेटिंग के तहत हर स्टार पर तीन प्रतिशत एफएआर छूट मिलेगी। सरकार ने संस्थागत व शैक्षणिक भवनों के लिए एफएआर सौ से बढ़ाकर डेढ़ सौ प्रतिशत कर दिया है। इसके अलावा हर घर में स्टिल्ट पार्किंग बनानी पड़ेगी। इसके बिना नक्शा पास नहीं होगा। सीएम ने कहा कि रिहायशी क्षेत्रों में पार्किंग की समस्या का समाधान करने के लिए यह निर्णय लिया है।
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150 वर्ग मीटर या इससे अधिक के हर रिहायशी प्लाट में कार-बे होना अब अनिवार्य है। अपार्टमेंट एक्ट के तहत हुडा, एचएसआईआईडीसी के रिहायशी सेक्टरों में चौथी मंजिल की रजिस्ट्री वीरवार से ही लागू कर दी गई। चौथी मंजिल तक कुल ऊंचाई 15 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। अभी तक तीन ही मंजिल की रजिस्ट्री का प्रावधान था। चौथी मंजिल बनाने के लिए किसी तरह की एनओसी नहीं लेनी होगी।
सीएम मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थानों को सीएलयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थानों को सीएलयू की अनुमति देने का निर्णय लिया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक सीएलयू दे सकेंगे। इसके लिए एनओसी को खत्म कर दिया गया है। एक एकड़ तक सीएलयू देने की शक्तियां डीसी के पास ही रहेंगी।
कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थाओं को स्थापित करने के लिए सीएलयू की अनुमति लेने के लिए सरकार से जोनिंग विनियमों एवं नियमों में छूट ली जानी अनिवार्य थी। इससे लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे धन एवं समय की हानि होती थी। अब इन गतिविधियों के लिए लोगों को सरकार से छूट लेने की आवश्यकता नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थानों को सीएलयू की अनुमति देने का निर्णय लिया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक सीएलयू दे सकेंगे। इसके लिए एनओसी को खत्म कर दिया गया है। एक एकड़ तक सीएलयू देने की शक्तियां डीसी के पास ही रहेंगी।
कृषि जोन में शैक्षणिक संस्थाओं को स्थापित करने के लिए सीएलयू की अनुमति लेने के लिए सरकार से जोनिंग विनियमों एवं नियमों में छूट ली जानी अनिवार्य थी। इससे लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे धन एवं समय की हानि होती थी। अब इन गतिविधियों के लिए लोगों को सरकार से छूट लेने की आवश्यकता नहीं है।
किफायती मकान के लिए 10 से 15 एकड़ भूमि पर मिलेंगे लाइसेंस
manohar lal khattar
- फोटो : ANI
सरकार ने अनाधिकृत कालोनियां बनने से रोकने के लिए सस्ते प्लाट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दीनदयाल उपाध्याय जन आवास योजना के तहत बड़ा निर्णय लिया है। अब सस्ते किफायती मकानों के निर्माण के लिए 5 से 15 एकड़ भूमि पर लाइसेंस दिए जाएंगे। अफोर्डेबल ग्रुप हाउसिंग कॉलोनी के लिए छोटे कस्बों में अधिकतम सीमा 75 एकड़ तथा गुरुग्राम में 300 एकड़ की सीमा को सरकार ने हटा लिया है।
हर रिहायशी सेक्टर में अधिकतम सीमा को 10 एकड़ से 15 एकड़ तक कर दिया है। इस स्कीम के तहत फ्लैटों के आवंटन में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
22220 रिहायशी प्लॉट मिलेंगे जल्द
पंडित दीन दयाल जन आवास योजना के तहत 5 से 15 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किए जा रहे हैं। अभी तक विभाग ने 1051 एकड़ क्षेत्र पर 107 लाइसेंस प्रदान किए हैं, जिससे 20819 रिहायशी प्लाट आम जनता के लिए उपलब्ध हो गए हैं। इसके अतिरिक्त 39 एलओआई 415 एकड़ क्षेत्र पर जारी कर दिए गए हैं, जिससे 7392 रिहायशी प्लाट मध्यम वर्ग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
इसके तहत 1250 एकड़ भूमि के लिए 120 आवेदन और प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जल्द लाइसेंस देंगे। इससे लगभग 22220 अतिरिक्त रिहायशी प्लाट उपलब्ध होंगे। 250 लाइसेंस मिलने से लगभग 1 लाख 50 हजार लोगों को रिहायशी सुविधा मिलेगी।
हर रिहायशी सेक्टर में अधिकतम सीमा को 10 एकड़ से 15 एकड़ तक कर दिया है। इस स्कीम के तहत फ्लैटों के आवंटन में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
22220 रिहायशी प्लॉट मिलेंगे जल्द
पंडित दीन दयाल जन आवास योजना के तहत 5 से 15 एकड़ भूमि पर लाइसेंस प्रदान किए जा रहे हैं। अभी तक विभाग ने 1051 एकड़ क्षेत्र पर 107 लाइसेंस प्रदान किए हैं, जिससे 20819 रिहायशी प्लाट आम जनता के लिए उपलब्ध हो गए हैं। इसके अतिरिक्त 39 एलओआई 415 एकड़ क्षेत्र पर जारी कर दिए गए हैं, जिससे 7392 रिहायशी प्लाट मध्यम वर्ग के लिए उपलब्ध हो जाएंगे।
इसके तहत 1250 एकड़ भूमि के लिए 120 आवेदन और प्राप्त हुए हैं, जिन्हें जल्द लाइसेंस देंगे। इससे लगभग 22220 अतिरिक्त रिहायशी प्लाट उपलब्ध होंगे। 250 लाइसेंस मिलने से लगभग 1 लाख 50 हजार लोगों को रिहायशी सुविधा मिलेगी।