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जानिए, महाशिवरात्रि पर कब-कब करें पूजा

Wed, 26 Feb 2014 09:20 AM IST
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़
नीरज कुमार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 26 Feb 2014 09:20 AM IST
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Mahashivratri Pujan Schedule
महाशिवारात्रि पर भगवान शिव को मनाने का सुनहरा मौका है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर जयंती योग बन रहा है। 27 फरवरी दिन वीरवार को महाशिवरात्रि का महापर्व है।
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नारद संहिता के अनुसार त्र्योदशी तिथि में यदि चतुर्दशी तिथि रात के समय में उसे जयंती योग या योगवली योग कहते हैं। इस योग में पूजा और व्रत रखने पर अत्यंत शुभ फल की प्राप्ति होती है।
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यह कहना है भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख बीरेंद्र नारायण मिश्र का। उनका कहना है कि त्रयोदशी तिथि में चतुर्दशी रात्रि आठ बजकर 18 मिनट पर त्रयोदशी समाप्त होकर चतुर्दशी तिथि का शुभारंभ हो रहा है। चतुर्दशी में श्रवण नक्षत्र है। इसका स्वामी चंद्रमा होने के कारण और मकर राशि का स्वामी शनि बहुत ही शुभ योग बना रहा है।
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मिश्र का कहना है कि विशेष योग यह है कि भद्रा त्रयोदशी में रात आठ बजकर 18 मिनट से शुरू होकर शिवरात्रि में होने के कारण बहुत ही शुभ योग में महाजयंती योग बनता है। यह योग तंत्र मंत्र, रोग, ब्याधि और शत्रुओं के नाश के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पारदेश्वर भगवान का अभिषेक सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

रात में ये 4 समय होगी पूजा

Mahashivratri Pujan Schedule
  1. प्रथम पूजा शाम को छह बजकर 15 मिनट से रात नौ बजकर 25 मिनट तक
  2. दूसरी पूजा रात को नौ बजकर 25 मिनट से रात 12 बजकर 35 मिनट तक
  3. तीसरी पूजा रात 12 बजकर 35 मिनट से रात तीन बजकर 45 मिनट तक
  4. चौथी पूजा रात तीन बजकर 45 मिनट से सुबह छह बजकर 54 मिनट तक।

ये चारों पूजन का विशेष महत्व है, लेकिन दूसरे पूजन में रात नौ बजकर 25 मिनट से रात 12 बजकर 35 मिनट का समय बहुत ही शुभ है। इसमें चतुर्दशी श्रवण नक्षत्र और भद्रा मकर राशि प्रदोष काल में होने के कारण महाजयंती योग बन रहा है।

सर्प पूजन के बाद करें शिव पार्वती पूजा

Mahashivratri Pujan Schedule
चंडीगढ़ में सेक्टर-38 के श्री सनातन धर्म मंदिर के प्रमुख पुजारी उमाशंकर पांडेय का कहना है कि महाशिवरात्रि के दिन शांति पाठ करने के बाद संकल्प, गणेश, नंदी, वीरभद्र, कार्तिक, कुबेर, कीर्तिमुख, सर्प का पूजन करना चाहिए। इस पूजन को करने के बाद शिव पार्वती का पूजन प्रारंभ करनी चाहिए। इस तरह विधिवत पूजन करने से महादेव खुश होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

किस चीज से अभिषेक करने पर क्या मिलेगा

Mahashivratri Pujan Schedule
सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी लाल बहादुर दुबे, सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के पुजारी श्याम सुंदर शास्त्री और सेक्टर-15 के जय श्री राम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र का कहना है कि महाशिवरात्रि को भगवान शिव को मनाने का सुनहरा मौका है। ऐसा समय बार बार नहीं आता।

उन्होंने कहा कि जल से अभिषेक करने पर वृष्टि, रोग की शांति कि लिए कुशा के जल से, वाहन सवारी और भूमि के लिए दही से, लक्ष्मी की प्राप्ति के लिए गन्ने के रस से, धन की प्राप्ति के लिए मधु से, मोक्ष की प्राप्ति के लिए तीर्थ के जल से, पुत्र की प्राप्ति के लिए दूध से अभिषेक करनी चाहिए। दूध में शक्कर मिलाकर अभिषेक करने पर बुद्धि श्रेष्ठ होती है।
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