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Chandigarh: पीजीआई कार्डियोलॉजी विभाग की करोड़ों की मशीनें बेकार, रिकॉर्ड भी अधूरा; ऑडिट में सामने आई लापरवाही
Mon, 22 Sep 2025 01:53 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 22 Sep 2025 01:53 PM IST
सार
ऑडिट ने माना कि विभाग ने कई कमियों को दूर करने के कदम उठाए हैं, लेकिन कैथ लैब में पैकेज डील सामग्री का अधूरा रिकॉर्ड गंभीर चिंता का विषय है। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकारी धन से खरीदी गई वस्तुओं का सही हिसाब रखना अनिवार्य है।
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चंडीगढ़ पीजीआई
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई कार्डियोलॉजी विभाग में करोड़ों रुपये की मशीनें धूल फांक रही हैं, दवाओं का हिसाब अधूरा है और रिकॉर्ड में ओवरराइटिंग से लेकर गड़बड़ियों तक की पूरी फेहरिस्त सामने आई है।
सेंट्रल ऑडिट की रिपोर्ट ने न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोली है बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि लापरवाही की कीमत आखिरकार मरीजों को चुकानी पड़ रही है। ऑडिट में पाया गया कि आईसीसीयू में वेंटिलेटर, मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और इन्फ्यूजन पंप जैसे महंगे उपकरण अनुपयोगी पड़े हैं। कई दवाओं और उपभोग्य सामग्रियों का स्टॉक रजिस्टर अधूरा है। ई-रजिस्टर समय पर अपडेट नहीं किया गया, जिससे दवा स्टॉक की वास्तविक स्थिति संदिग्ध रही।
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सेंट्रल ऑडिट की रिपोर्ट ने न सिर्फ विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोली है बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि लापरवाही की कीमत आखिरकार मरीजों को चुकानी पड़ रही है। ऑडिट में पाया गया कि आईसीसीयू में वेंटिलेटर, मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और इन्फ्यूजन पंप जैसे महंगे उपकरण अनुपयोगी पड़े हैं। कई दवाओं और उपभोग्य सामग्रियों का स्टॉक रजिस्टर अधूरा है। ई-रजिस्टर समय पर अपडेट नहीं किया गया, जिससे दवा स्टॉक की वास्तविक स्थिति संदिग्ध रही।
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कैथ लैब की गंभीर खामियां
कैथ लैब में महंगी पैकेज डील सामग्री जैसे टाइगर कैथेटर, डायग्नोस्टिक कैथेटर, साइड आर्म शीथ आदि का लेखा-जोखा अधूरा और संदिग्ध पाया गया। उपयोगिता शीट में काट-छांट, ओवरराइटिंग और गलत प्रविष्टियां थीं। जारी की गई वस्तुओं और खपत में भारी अंतर पाया गया। ऑडिट ने स्पष्ट कहा कि व्यस्त शेड्यूल और स्टाफ की कमी रिकॉर्ड न रखने का उचित कारण नहीं हो सकता।
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