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'देश में सबसे असुरक्षित शहर अमृतसर, दूसरे स्थान पर लुधिायाना, हर वक्त रहता मौत का खतरा'

Wed, 08 Jan 2020 04:41 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 08 Jan 2020 04:41 PM IST
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Ludhiana ranks second in the country in deaths due to road accidents
प्रतीकात्मक तस्वीर

सड़क हादसों में होने वाली मौत के मामले में देश में लुधियाना नंबर दो पर आ चुका है। हर साल सड़क हादसों में 350 लोगों की मौत होती है और 500 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। सड़क हादसों में मृत्युदर लुधियाना में सबसे ज्यादा 68 फीसदी है। सड़क हादसों से लोगों के जीवन को बचाने के लिए समाजसेवी संस्था ‘राहत’ पहल करने जा रही है। 

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मंगलवार को संस्था के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य डॉक्टर कमल सोई ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि साल 2020 में उनके संगठन ने 25 फीसदी मृत्युदर कम करने का फैसला लिया है। डॉक्टर सोई ने बताया कि लुधियाना शहर को इस समय सिटी ऑफ ट्रैफिक जाम और सिटी ऑफ डेथ माना जाता है। 
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बीते तीन साल से दौरान सड़क हादसों में 11 सौ लोगों की मौत हो चुकी है। ट्रैफिक जाम के कारण लगभग 500 करोड़ का वित्तीय नुकसान भी आम लोगों को झेलना पड़ा है। सड़क हादसों में उच्च मृत्यु दर के कई कारण हो सकते है लेकिन खराब सड़के और बुनियादी ढांचे में कमी एक प्रमुख कारण है। 

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खास बात यह है कि आज तक सड़क सुरक्षा का ऑडिट नहीं किया गया है और बिना योजना के सड़कें बनाई जा रही हैं। विश्व में हम सड़कों पर क्रैश बैरियर की बात सुनते है, लुधियाना में क्रैश बैरियर की जगह बड़े कंक्रीट ब्लॉक रख दिए जाते है। इनसे चाहे कार टकराए या फिर दो पहिया वाहन मौत तो पक्का है। सड़क हादसों में मौत का एक सबसे बड़ा कारण गति सीमा है। उन्होंने बताया मामले में पुलिस, प्रशासन से लेकर हर व्यक्ति का सहयोग लिया जाएगा। हर माह वह संस्था की तरफ से उठाए जा चुके कदमों की जानकारी भी सभी को देंगे।  

‘सरकार ने फंड नहीं दिया तो चंदा करेंगे एकत्र’
डॉ. सोई का कहना है कि शहर में सड़क हादसों को रोकने के लिए सबसे बड़ी जरूरत इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने की है। ऐसे में मृत्युदर का आंकड़ा तभी नीचे आ सकता है, जब शहर के चौराहों पर जेब्रा लाइन, ट्रैफिक लाइट, ब्लैक स्पॉट दूर करने के लिए पैसा खर्च किया जाए। इस पर डॉ. सोई ने कहा कि सरकार के पास पैसा है लेकिन अगर वह खर्च नहीं करेंगे तो उनकी संस्था शहर के कारोबारियों से लेकर आम व्यक्ति तक पहुंच बनाएगी। उनसे पैसा लेकर खर्च किया जाएगा। मार्च में संस्था सेमिनार का आयोजन करेगी। इसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी भी हिस्सा लेंगे। उन्होंने बताया फंड के लिए गडकरी से भी कहा जाएगा।

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