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सिक्योरिटी भी बन सकती है वोट का आधार

Sat, 15 Mar 2014 06:57 PM IST
राजेश ढल्ल /अमर उजाला, चंडीगढ़
राजेश ढल्ल /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 15 Mar 2014 06:57 PM IST
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Loksabha Election Issues in Chandigarh

इस बार के लोकसभा चुनाव में शहरवासियों को जनप्रतिनिधियों के घोषणा पत्र में विकास के साथ-साथ सुरक्षा के मुद्दों पर भी दावे चाहिए। शहरवासियों का कहना है कि ऐसे प्रयास किए जाने चाहिए, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा न हो।

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बीते कुछ समय में नगर के बंद मकानों में चोरी और महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि बंद मकान के अलावा वाहनों की चोरी की वारदात पुलिस की लापरवाही से ही हो रही हैं। ऐसे में उस उम्मीदवार को वोट दिया जाएगा, जो शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने का दम भरता हो।
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इस साल 10 मार्च तक हुईं वारदात
रेप-08
चोरी-40
वाहन चोरी-140
छेड़छाड़-20
झपटमारी-26

कोट्स   
शहर में पीजी की दिक्कत बढ़ती जा रही है। हाल ही में देखा गया है कि पीजी में रहने वाले कई संदिग्ध लोग आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं। उनका कहना है कि पीजी पर लगाम लगाकर युवाओं के लिए नए हास्टल बनाने चाहिए।
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- सुनील चोपड़ा, अध्यक्ष, सेक्टर-18 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन

बाजार में प्रशासन को अपने खर्चे पर सीसीटीवी कैमरे लगाने चाहिए। रात को व्यापारी लाखों रुपये का माल पुलिस सुरक्षा पर छोड़ जाते हैं, लेकिन दो से तीन पुलिस कर्मचारी एक बाजार में हर दुकान की सुरक्षा नहीं कर सकते। ऐसे में सीसीटीवी कैमरे जरूरी हो गए हैं।
चरणजीव सिंह, अध्यक्ष व्यापार मंडल

अभी तक शहर में करीब एक दर्जन सरकारी मकानों में चोरी हो चुकी है। सरकारी मकानों के दरवाजे के कुड़े काफी खस्ता हालत में हैं, जिसका फायदा चोरों को मिलता है। आटोमेटिक लॉक की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे घर के अंदर किसी संदिग्ध के घुसने पर मालिक के मोबाइल पर मैसेज आ जाए।
हरजिंद्र सिंह, अध्यक्ष इंटक

शहर में एक भी सरकारी नशा छुड़वाने का सेंटर नहीं है। जबकि, शहर में नशे का जमकर कारोबार हो रहा है। नशे के कारण अपराध भी बढ़ रहा है।
सुखविंद्र सिंह, अध्यक्ष, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन, सेक्टर-47

सेक्टर-15 में प्रशासन ने तीन साल से सिक्योरिटी गेट लगाए हुए हैं, लेकिन इनका कोई फायदा नहीं है। क्योंकि इन गेट की लंबाई दो फीट भी नहीं है। इससे लावारिस पशुओं को भी सेक्टर में आने से नहीं रोका जा सकता। सिक्योरिटी पर पुलिस को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए, लेकिन पुलिस इसके लिए तैयार नहीं है।
सुरेंद्र शर्मा, अध्यक्ष, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन

शहर के रिहायशी इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगने चाहिए। जिस तरह से निजी सोसायटी के प्रवेश और निकासी द्वार पर सिक्योरिटी गेट लगते हैं, उसी तरह से हर सेक्टर में इस तरह के गेट लगने चाहिए। ऐसा होने पर वाहन चोरी की वारदात पर रोक लग सकेगी।

- ब्रजेश्वर जसवाल, सेक्टर-21 निवासी एवं वकील

युवतियों को पुलिस द्वारा विशेष ट्रेनिंग देनी चाहिए, जिससे वह आपातकालीन स्थिति में अपराधियों का मुकाबला कर सकें। शहर में आधे से ज्यादा थानों में प्रभारी महिला अधिकारी तैनात करने चाहिए, क्योंकि शहर की आधी आबादी महिलाओं की है।
-अंशुल चावला, अध्यक्ष, युवा इनोवेटिव सोसायटी

बोले जनप्रतिनिधि
पवन बंसल के लोक सभा चुनाव जीतने के बाद हर छोटी से बड़ी समस्या का हल किया जाएगा। सुरक्षा के लिए भी कई अहम एवं आधुनिक कदम उठाएं जाएंगे।
बीबी बहल, अध्यक्ष, टेरिटोरियल कांग्रेस चंडीगढ़

करोड़ों रुपये का बजट होने के बावजूद शहरवासियों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। इसके लिए कांग्रेस ही जिम्मेदार है।
हरमोहन धवन, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता

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