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लोकसभा चुनाव 2019: चंडीगढ़ से भाजपा उम्मीदवार का फैसला इसी माह, दावेदारों पर सवाल-जवाब
Wed, 20 Mar 2019 01:44 PM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 20 Mar 2019 01:44 PM IST
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लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। भाजपा ने भी अपनी पूरी तैयारी कर ली है। चंडीगढ़ से प्रत्याशी कौन होगा, फाइनल करने के लिए तीन नाम भेजे गए हैं। तीन में से एक नाम पार्टी की केंद्रीय कमेटी तय करेगी, लेकिन किन मुद्दों के साथ, किस चेहरे पर इस बार भाजपा दांव खेलेगी, इसको लेकर भी पार्टी ने योजना तैयार कर ली है। पार्टी की क्या योजना है, इस मुद्दे पर अमर उजाला ने भाजपा के संगठन मंत्री दिनेश कुमार से खास बातचीत की।
सवाल- सांसद किरण खेर की परफार्मेंस से पार्टी कितनी खुश है?
जवाब- केंद्र में नरेंद्र मोदी व शहर में सांसद किरण खेर के कार्यकाल में काफी विकास हुआ है। शहर में ओपन एयर जिम, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक आदि का जाल बिछ गया है। सांसद निधि से काफी कार्य कराए गए हैं। लोगों में भी सांसद किरण खेर के प्रति सकारात्मक रुख है।
सवाल- भाजपा में टिकट के कितने दावेदार हैं?
जवाब- भाजपा का हर कार्यकर्ता टिकट के लिए दावेदार है। कोई भी चाहे तो वह चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी पेश कर सकता है। प्रत्याशी का चुनाव करना पार्टी के केंद्रीय कमेटी का काम है। हमने नाम फाइनल कर केंद्र को भेज दिए हैं, अब केंद्रीय कमेटी तय करेगी कि उम्मीदवार कौन होगा। प्रत्याशी का एलान इसी महीने कर दिया जाएगा।
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सवाल- सांसद किरण खेर की परफार्मेंस से पार्टी कितनी खुश है?
जवाब- केंद्र में नरेंद्र मोदी व शहर में सांसद किरण खेर के कार्यकाल में काफी विकास हुआ है। शहर में ओपन एयर जिम, फुटपाथ, साइकिल ट्रैक आदि का जाल बिछ गया है। सांसद निधि से काफी कार्य कराए गए हैं। लोगों में भी सांसद किरण खेर के प्रति सकारात्मक रुख है।
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सवाल- भाजपा में टिकट के कितने दावेदार हैं?
जवाब- भाजपा का हर कार्यकर्ता टिकट के लिए दावेदार है। कोई भी चाहे तो वह चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी पेश कर सकता है। प्रत्याशी का चुनाव करना पार्टी के केंद्रीय कमेटी का काम है। हमने नाम फाइनल कर केंद्र को भेज दिए हैं, अब केंद्रीय कमेटी तय करेगी कि उम्मीदवार कौन होगा। प्रत्याशी का एलान इसी महीने कर दिया जाएगा।
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सवाल- आपकी पसंद का कौन है?
जवाब- भाजपा में उम्मीदवार तो कमल का फूल है, चेहरा कोई भी हो। इस बार का चुनाव भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम व नाम पर लड़ा जाएगा। जनता प्रधानमंत्री को दोबारा देखना चाहती है।
सवाल- टिकट के एलान के बाद उपजने वाली फूट से भाजपा कैसे उबरेगी?
जवाब- साल 2014 में जब किरण खेर के नाम की घोषणा की गई थी, उस समय पार्टी के कुछ लोग नाराज हुए थे लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। पार्टी एकजुट होकर पीएम के कामों को जन-जन तक पहुंचा रही है और पिछली बार से भी ज्यादा अंतर से चुनाव जीतेंगे।
सवाल- हरमोहन धवन के जाने से पार्टी को कितना फर्क पड़ा है?
जवाब- हरमोहन धवन चले हुए कारतूस व मुरझाए हुए फूल हैं। भाजपा ने उन्हें काफी सम्मान दिया। हमने उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां दीं लेकिन वह चले गए, हालांकि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रही बात कांग्रेस के पवन बंसल की तो उन्होंने कई साल राज किया लेकिन शहर का विकास नहीं किया।
जवाब- भाजपा में उम्मीदवार तो कमल का फूल है, चेहरा कोई भी हो। इस बार का चुनाव भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम व नाम पर लड़ा जाएगा। जनता प्रधानमंत्री को दोबारा देखना चाहती है।
सवाल- टिकट के एलान के बाद उपजने वाली फूट से भाजपा कैसे उबरेगी?
जवाब- साल 2014 में जब किरण खेर के नाम की घोषणा की गई थी, उस समय पार्टी के कुछ लोग नाराज हुए थे लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। पार्टी एकजुट होकर पीएम के कामों को जन-जन तक पहुंचा रही है और पिछली बार से भी ज्यादा अंतर से चुनाव जीतेंगे।
सवाल- हरमोहन धवन के जाने से पार्टी को कितना फर्क पड़ा है?
जवाब- हरमोहन धवन चले हुए कारतूस व मुरझाए हुए फूल हैं। भाजपा ने उन्हें काफी सम्मान दिया। हमने उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां दीं लेकिन वह चले गए, हालांकि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। रही बात कांग्रेस के पवन बंसल की तो उन्होंने कई साल राज किया लेकिन शहर का विकास नहीं किया।