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लोकसभा चुनाव 2019: अकालियों की इच्छा, फिरोजपुर से लड़ें हरसिमरत कौर बादल, जानिए आखिर क्यों
Sun, 17 Mar 2019 12:09 PM IST
खुशबू गोयल
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:09 PM IST
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हरसिमरत कौर बादल।
- फोटो : फाइल फोटो
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पिछले 27 साल के कब्जे को बरकरार रखने के लिए अकाली नेता फिरोजपुर से हरसिमरत कौर बादल को चुनाव मैदान में उतारने के लिए पार्टी से गुजारिश कर रहे हैं। फिरोजपुर लोकसभा हलके को शिरोमणि अकाली दल (ब) अपना गढ़ मानता है। इस हलके में राय सिख बिरादरी के वोट ही प्रत्याशी की हार जीत का फैसला करते हैं। फिरोजपुर में 15 लाख 87 हजार 292 वोटर हैं, इनमें से लगभग ढाई लाख राय सिख बिरादरी के वोट हैं।
सियासी जानकारों के मुताबिक, फिरोजपुर, फाजिल्का और मुक्तसर की नौ विधानसभाओं में फैले फिरोजपुर लोकसभा हलके पर पिछले 27 साल से शिअद (ब) का कब्जा है। अकाली दल से तीन बार जोरा सिंह मान लोकसभा चुनाव जीते। उसके बाद शिअद से दो बार शेर सिंह घुबाया लोकसभा चुनाव जीते हैं। अब घुबाया के कांग्रेस में चले जाने के बाद क्षेत्रीय नेता चाहते हैं कि यहां से बादल परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़े, ताकि शिअद का कब्जा बरकरार रहे।
बेअदबी कांड के बाद शिअद के प्रदेश में गिरे जनाधार को देखते हुए फिरोजपुर के शिअद नेताओं का कहना है कि इस सीट पर राय-सिख व कंबोज बिरादरी के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, जिन पर बेअदबी कांड का कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह सीट शिअद के लिए ज्यादा सुरक्षित है। यहां के नेता फिरोजपुर से हरसिमरत कौर बादल को चुनाव लड़ाने की गुजारिश करने लगे हैं।
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वहीं अकाली छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले सांसद शेर सिंह घुबाया से कांग्रेसी नाराज हैं। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेसी चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली दरबार तक जोर लगा रहे है कि घुबाया को टिकट न मिले।
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सियासी जानकारों के मुताबिक, फिरोजपुर, फाजिल्का और मुक्तसर की नौ विधानसभाओं में फैले फिरोजपुर लोकसभा हलके पर पिछले 27 साल से शिअद (ब) का कब्जा है। अकाली दल से तीन बार जोरा सिंह मान लोकसभा चुनाव जीते। उसके बाद शिअद से दो बार शेर सिंह घुबाया लोकसभा चुनाव जीते हैं। अब घुबाया के कांग्रेस में चले जाने के बाद क्षेत्रीय नेता चाहते हैं कि यहां से बादल परिवार का कोई सदस्य चुनाव लड़े, ताकि शिअद का कब्जा बरकरार रहे।
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बेअदबी कांड के बाद शिअद के प्रदेश में गिरे जनाधार को देखते हुए फिरोजपुर के शिअद नेताओं का कहना है कि इस सीट पर राय-सिख व कंबोज बिरादरी के मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, जिन पर बेअदबी कांड का कुछ ज्यादा प्रभाव नहीं दिख रहा है। ऐसे में यह सीट शिअद के लिए ज्यादा सुरक्षित है। यहां के नेता फिरोजपुर से हरसिमरत कौर बादल को चुनाव लड़ाने की गुजारिश करने लगे हैं।
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वहीं अकाली छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले सांसद शेर सिंह घुबाया से कांग्रेसी नाराज हैं। प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेसी चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली दरबार तक जोर लगा रहे है कि घुबाया को टिकट न मिले।