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सालों बाद चंद मिनटों में मिल गया इंसाफ
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 13 Apr 2014 01:50 PM IST
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जिला अदालत में मेगा लोक अदालत आयोजित की गई। इस दौरान 5925 केसों को मौके पर सुलझाया गया। अधिकतर केसों में दोनों पक्षों में समझौते हुए। इस दौरान सुलझाए गए केस अदालतों में कई सालों से लंबित चल रहे थे।
यह जानकारी डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव एवं चीफ ज्यूडिशियल मेजिस्ट्रेट तरनतारन सिंह बिंद्रा ने दी। उन्होंने बताया कि मोहाली जिले में दस बैंच स्थापित की गई थीं। जबकि डेराबस्सी और खरड़ में तीन-तीन बैंच स्थापित की गई थीं।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत को कामयाब बनाने में बार एसोसिएशन मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी ने शानदार भूमिका निभाई। बिंद्रा ने बताया कि लोक अदालत में सुनवाई के लिए आए अधिकतर केस चैक बाउंसिंग, मेट्रीमोनियल, रिकवरी और ट्रैफिक से संबंधित थे। जिनका मौके पर निपटारा किया गया।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत का केवल लक्ष्य एक साथ कई केसों को निपटाना नहीं था। बल्कि लोगों को तुरंत इंसाफ दिलाना था। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के दौरान जो भी मामले हल किए गए हैं। उन फैसलों के खिलाफ आगे अपील भी दायर नहीं की जा सक ती है।
लोक अदालत में हल हुए मामलों की फीस भी लोगों को वापस की गई। जिक्रयोग है कि लोक अदालत में मामले निपटाने के लिए के लिए काफी संख्या में लोग कोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए थे। जहां पर लोगों की सहायता की जा रही थी।
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यह जानकारी डिस्ट्रिक लीगल सर्विस अथॉरिटी के सचिव एवं चीफ ज्यूडिशियल मेजिस्ट्रेट तरनतारन सिंह बिंद्रा ने दी। उन्होंने बताया कि मोहाली जिले में दस बैंच स्थापित की गई थीं। जबकि डेराबस्सी और खरड़ में तीन-तीन बैंच स्थापित की गई थीं।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत को कामयाब बनाने में बार एसोसिएशन मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी ने शानदार भूमिका निभाई। बिंद्रा ने बताया कि लोक अदालत में सुनवाई के लिए आए अधिकतर केस चैक बाउंसिंग, मेट्रीमोनियल, रिकवरी और ट्रैफिक से संबंधित थे। जिनका मौके पर निपटारा किया गया।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत का केवल लक्ष्य एक साथ कई केसों को निपटाना नहीं था। बल्कि लोगों को तुरंत इंसाफ दिलाना था। उन्होंने बताया कि लोक अदालत के दौरान जो भी मामले हल किए गए हैं। उन फैसलों के खिलाफ आगे अपील भी दायर नहीं की जा सक ती है।
लोक अदालत में हल हुए मामलों की फीस भी लोगों को वापस की गई। जिक्रयोग है कि लोक अदालत में मामले निपटाने के लिए के लिए काफी संख्या में लोग कोर्ट पहुंचे थे। इस दौरान लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए थे। जहां पर लोगों की सहायता की जा रही थी।