18 मई तक सरकारी दफ्तरों में पब्लिक डीलिंग नहीं, प्रशासक का आदेश- कंटेनमेंट जोन को पूरी तरह सील करें
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चंडीगढ़ में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस स्थिति से कैसे निपटा जाए, इस पर प्रशासन अब पीजीआई के डॉक्टरों व अन्य एक्सपर्ट की सलाह लेगा। सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके अलावा कंटेनमेंट जोन घोषित बापूधाम व अन्य जगहों से निकल कर बाहर घूम रहे लोगों पर भी अब सख्ती बरती जाएगी।
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने सोमवार को ट्राइसिटी के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। बैठक में बदनौर ने डीजीपी संजय बेनीवाल को आदेश दिए कि कंटेनमेंट जोन घोषित एरिया को पूरी तरह से सील करें। अनिवार्य सेवाओं को छोड़ किसी भी व्यक्ति के एंट्री और एग्जिट पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस काम में सहायता लेने के लिए वॉलिंटियरों की मदद ली जा सकती है, ताकि ऐसे लोगों की पहचान की जा सके, जो नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रशासक ने कंटेनमेंट जोन के अंदर राशन पहुंचाने के भी आदेश दिए ताकि कोई भी भूखा न रह पाए।
#Chandigarh Administration has decided that public dealings in government offices to start from May 18. pic.twitter.com/cRgYQAnAHC— ANI (@ANI) May 11, 2020
18 मई से खुलेंगे शहर के सभी संपर्क सेंटर, आदेश जारी
यूटी प्रशासन के तहत आने वाले सभी सरकारी दफ्तरों में पब्लिक डीलिंग के कार्य 18 मई से शुरू हो जाएंगे। एडवाइजर मनोज परिदा की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि शहर के संपर्क सेंटर भी 18 मई की दोपहर से खुलेंगे। पहले प्रशासन ने फैसला किया था कि 11 मई से सरकारी दफ्तरों में पब्लिक डीलिंग शुरू कर दी जाएगी लेकिन कोरोना को लेकर चल रहे शहर के वर्तमान हालातों के मद्देनजर अब इस तिथि को बढ़ाकर 18 मई कर दिया गया है।
आदेशों में बताया गया है कि वर्तमान हालातों के मद्देनजर अब पब्लिक डीलिंग 11 के बजाय 18 मई से कर दी गई है। आदेश में कहा गया है कि सभी ऑफिस हाईजीन, सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के साथ काम करेंगे। सी और डी कैटेगरी का 33 प्रतिशत स्टाफ पहले की भांति सरकारी दफ्तरों में आता रहेगा। जिस जगह जरूरी है, वहां के हेड या अफसरों को पूरी छूट है कि वह किसी भी अधिकारी या मुलाजिम को तुरंत ड्यूटी पर बुला सकते हैं।
चंडीगढ़ में जरूरी टेस्टिंग पूरी: डॉ. जी दीवान
डायरेक्टर हेल्थ सर्विस डॉ. जी. दीवान ने बताया कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार चंडीगढ़ में जरूरी टेस्टिंग पूरी की जा चुकी है। सभी संदिग्ध मामलों में कोरोना वायरस की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में जिन 3 व्यक्तियों की मौत हुई है, वह सिर्फ कोरोना वायरस की वजह से नहीं, बल्कि उनकी उम्र और अन्य बीमारियों की वजह से भी हुई है।
प्रशासक ने कंटेनमेंट जोन में टेस्टिंग की संख्या को बढ़ाने के आदेश दिए। स्वास्थ्य सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि विदेश से चंडीगढ़ लौट रहे विदेशी भारतीयों को क्वारंटीन करने संबंधी सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। प्रशासक ने इस पर कहा कि सभी एनआरआई के लिए भुगतान करने की क्षमता अलग-अलग होगी, इसलिए होटल के किराए की एक सीमा होनी चाहिए।
इसे लेकर भी उन्होंने चंडीगढ़ प्रशासन को निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले सभी व्यक्तियों की पूरी तरीके से जांच की जानी चाहिए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि चंडीगढ़ में कोरोना के मामले तेजी से इसलिए भी बढ़े हैं, क्योंकि शहर में स्क्रीनिंग और टेस्टिंग की संख्या बढ़ी है।
प्रवासी मजदूरों के टिकट का खर्च उठा रहा प्रशासन
बदनौर ने चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए की गई तैयारियों को लेकर भी संतुष्टि जाहिर की। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन प्रवासी मजदूरों को स्पेशल श्रमिक ट्रेन के माध्यम से उनके घर तक पहुंचा रहा है। इस दौरान मजदूरों को खाना और पानी के साथ उनके स्वास्थ्य की भी जांच की जा रही है।
बदनौर ने कहा कि मजदूरों के रेल टिकट का खर्च भी चंडीगढ़ प्रशासन ही उठा रहा है। कम समय में चंडीगढ़ को ट्रेन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासक बदनौर ने रेल मंत्रालय का भी शुक्रिया अदा किया। एडवाइजर मनोज परिदा ने समीक्षा बैठक में बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से जैसे ही प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की मंजूरी मिली, प्रशासन ने इस संबंध कार्य करना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार और मणिपुर में अलग-अलग जगहों पर 16 ट्रेनों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक भेजा जाएगा।