Haryana: हड़ताल के बीच तीन हजार डॉक्टरों को किया गया तैनात, छुट्टियां रद्द, सरकार के साथ बैठक जारी
हरियाणा के डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। उधर हड़ताली डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बैठक जारी है।
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विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए विशेष कैडर बनाने की मांग पूरी होने के बाद दो अन्य मांगों पर सहमति न बनने पर सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। 27 दिसंबर की एक दिन हड़ताल से सबक लेते हुए सरकार ने पहले से तैयारी कर रखी थी। 22 में से 15 जिलों में वरिष्ठ और सेवानिवृत्त चिकित्सकों ने ओपीडी की व्यवस्था संभाली। इससे मरीजों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
हड़ताल से निपटने के लिए शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की सभी तरह की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रूप से चालू रखने के लिए तीन हजार डॉक्टरों को तैनात किया है। उधर, देर रात तक हड़ताली डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के निदेशकों के बीच बातचीत चल रही थी। हड़ताली डॉक्टरों की शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी मुलाकात होनी थी मगर उनकी तबीयत ठीक न होने से मुलाकात नहीं हो सकी। फिलहाल डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज (एचसीएमएस) एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि शुक्रवार को सभी अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं और ऑपरेशन ठप रहे। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं हुईं। एसोसिएशन ने इमरजेंसी सेवाएं चालू का आश्वासन एक दिन पहले स्वास्थ्य निदेशक के साथ हुई बैठक में दिया था। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं तब तक वह हड़ताल के फैसले से पीछे नहीं हटने वाली।
एनएचएम व डीएनबी डॉक्टरों को फील्ड में उतारा
हरियाणा सरकार ने हड़ताल से निपटने के लिए तीन हजार डॉक्टरों को राज्य के विभिन्न अस्पतालों में तैनात किया है। इनमें सलाहकार, वरिष्ठ सलाहकार, एनएचएम डॉक्टर, डीएनबी डॉक्टर, मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा अधिकारी और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शामिल हैं। साथ ही इन डॉक्टरों की हड़ताल रहने तक छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
सरकार ने कहा- 100 डॉक्टरों को एसएमओ पदोन्नत करेंगे
हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया, डॉ. जेएस पुनिया, डीजीएचएस व डीएचएस डॉ. मनीष बंसल की एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ देर रात तक बैठक चली। बैठक में अधिकारियों ने एसोसिएशन को बताया कि विशेषज्ञ कैडर को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और वर्तमान में सीधे एसएमओ की कोई भर्ती नहीं की जा रही है बल्कि 100 चिकित्सा अधिकारियों को एसएमओ के रूप में पदोन्नत किया जाएगा। वेतन संशोधन और पीजी नीति में संशोधन पर सरकार विचार कर रही है और इन मांगों को भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाएगा। मगर एसोसिएशन का कहना है कि जब वेतन व पीजी नीति में संशोधन पर सहमति नहीं बनती तब तक हड़ताल से पीछे नहीं हटेंगे।
राज्य के किसी भी सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाई जाएगी। एसोसिएशन की कुछ मांगें मान ली गई हैं और कुछ पर प्राथमिकता के साथ विचार किया जा रहा है। इसलिए एसोसिएशन की हड़ताल अनुचित है और डॉक्टरों को जनहित में तुरंत हड़ताल वापस लेनी चाहिए। अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।
फतेहाबाद में इमरजेंसी में तड़पते रहे मरीज, सोनीपत में हंगामा
फतेहाबाद में सभी विशेषज्ञों की ओपीडी बंद रही। इमरजेंसी में भी घायल दर्द से तड़पते रहे। करीब 20 मिनट बाद कॉल करके मेडिकल ऑफिसर को बुलाया गया। वहीं, सिजेरियन डिलीवर के लिए निजी डॉक्टर पैनल पर लिए गए। एक केस अग्रोहा रेफर कर दिया गया। सोनीपत में इंटर्न चिकित्सकों के सुबह 11 बजे ओपीडी बंद करने पर मरीजों ने हंगामा कर दिया। स्वास्थ्य अधिकारियों से शिकायत करने पर इंटर्न चिकित्सकों को वापस बुलाया गया। नागरिक अस्पताल में निरीक्षण करने पहुंचे पीएमओ डॉ. लोकवीर को इमरजेंसी का गेट बंद मिला। इस पर उन्होंने नर्सिंग अधिकारी को कड़े शब्दों में चेताया।
15 जिलों में नहीं पड़ा असर, सीएमओ, डिप्टी सीएमओ, सेवानिवृत्त चिकित्सकों ने संभाली ओपीडी
रोहतक नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के सामूहिक अवकाश का शुक्रवार को कोई खास असर नहीं दिखा। 12 डिप्टी सीएमओ ने ऑफिशियल काम छोड़कर ओपीडी की कमान संभाली। हिसार में पीजी स्टूडेंट और कंसलटेंट चिकित्सकों, सिरसा में एनएचएम और डेरा सच्चा सौदा के चिकित्सकों, भिवानी में अलग-अलग विभागों के चिकित्सकों ने कमान संभाली।
कैथल में एनएचएम के चिकित्सकों ने ओपीडी देखी। चरखी दादरी में कार्यवाहक सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने मुख्य गेट के समीप ही एक घंटे में 80 मरीज देखे। इसी प्रकार करनाल, पानीपत, जींद, रेवाड़ी में भी खुद सीएमओ ने ओपीडी संभाली। जींद में सेवानिवृत्त चिकित्सकों ने भी मरीज देखे। इसके अलावा प्रदेश के फरीदाबाद, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल में इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से चलीं।
चार जिलों में 49 ऑपरेशन टले
जिला ऑपरेशन टले
- गुरुग्राम 12
- भिवानी 07
- सिरसा 15
- सोनीपत 15