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पठानकोट हमले से सबक सीख सुरक्षा पुख्ता करने में जुटी सरकार

Thu, 28 Apr 2016 06:37 PM IST
भूपेंदर सिंह भाटिया/अमर उजाला, चंडीगढ़
भूपेंदर सिंह भाटिया/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 28 Apr 2016 06:37 PM IST
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भारतीय सेना - फोटो : DEMO Pics

पठानकोट वायुसेना के एयरबेस पर आतंकी हमले के बाद पंजाब पुलिस ने अपनी आंतरिक सुरक्षा और पुख्ता करने की कवायद शुरू कर दी है। खासकर सीमावर्ती इलाकों और जम्मू-कश्मीर के साथ जुड़े जिलों में सुरक्षा और मजबूत की जाएगी।

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इसी क्रम में पिछले दिनों पंजाब पुलिस के कमांडोज ने सेना के साथ कई दिनों तक कड़ा अभ्यास किया। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार पंजाब पुलिस और सेना ने संयुक्त अभ्यास में किसी भी आतंकी वारदात से तत्काल कारगर तरीके से निपटने की रणनीति का प्रशिक्षण लिया। उनका कहना था कि किसी आतंकी वारदात के बाद केंद्र से नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) के पहुंचने में काफी समय लगता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पंजाब के कमांडोज को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें आधुनिक हथियारों के साथ त्वरित कार्रवाई की ट्रेनिंग दी गई।
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पंजाब सरकार ने पठानकोट और दीनानगर हमले के बाद अपने सुरक्षा कर्मियों की आपरेशनल कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से आधुनिक हथियार आयात करने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार ने 107 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत सेना की तर्ज पर मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) और बम व बुलेट प्रूफ घात संरक्षित वाहन खरीदे जाएंगे ताकि सुरक्षाकर्मी किसी आतंकी हमले के बाद तत्काल घटनास्थल पर प्रवेश कर बचाव कार्य कर सकें।
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सरकार ने न सिर्फ आधुनिक हथियार खरीदने का फैसला किया है, बल्कि सीमावर्ती जिलों में पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक ढांचा तैयार करने के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च करने को भी मंजूरी दे दी है। उच्च पुलिस अधिकारी के अनुसार पुलिस बल को नवीनतम बुलेट प्रूफ जैकेट, बख्तरबंद वाहन और नाइट विजन डिवाइस से इसी वित्त वर्ष में युक्त किया जाएगा। नाइट विजन डिवाइस का उपयोग मुख्य तौर पर सेना और बीएसएफ की ओर से बार्डर व लाइन आफ कंट्रोल पर आतंकियों पर पैनी नजर रखने के लिए किया जाता है।


आधुनिक हथियारों की खरीद के अलावा बम की खोज और उसे नष्ट करने के लिए बम निरोधक उपकरण किए जाएंगे। इसके लिए बम विरोधी सूट, डीप सर्च के लिए माइन मेटल डिटेक्टर, विस्फोटक का पता लगाने वाले किट और रियल टाइम एक्सरे व्यूविंग सिस्टम भी लाए जाएंगे ताकि किसी भी अप्रिय वारदात के बाद घटनास्थल के आसपास के लोगों की सुरक्षा की जा सके।

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