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हरियाणाः विधानसभा चुनाव से पहले काम होता जा रहा है इनेलो का कुनबा, जजपा संगठित हो रही
Thu, 04 Jul 2019 12:20 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 04 Jul 2019 12:20 PM IST
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इनेलो नेता अभय चौटाला
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हरियाणा में इनेलो का कुनबा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। विधायकों की संख्या 19 से कम होकर मात्र सात रह गई है। जींद उपचुनाव से ठीक पहले टूटी पार्टी और चौटाला परिवार को आए दिन एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला के करीबी नेताओं ने भी उनका साथ छोड़ दिया है।
एक-एक कर इनेलो के पुराने नेता और विधायक भगवा धारण करने में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार इनेलो के और बड़े नेता भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं। पेंच सिर्फ आगामी विधानसभा चुनाव में मनमाफिक सीटों से टिकट को लेकर फंसा हुआ है। सूटेबल एडजेस्टमेंट होते ही इनेलो को और बड़े झटके लग सकते हैं।
पार्टी के बचे हुए सात विधायकों में से भी कुछ भाजपा नेताओं से बीते दिनों मुलाकात कर चुके हैं। जिसे देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्दी कुछ और इनेलो विधायक भाजपा में जाने की तैयारी में हैं। पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के इस्तीफा देने के बाद इनेलो को बीडी ढालिया के रूप में नया अध्यक्ष भी मिल चुका है, बावजूद उसके पार्टी में टूट नहीं रुक रही।
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इनेलो के विघटन का फायदा उठाकर भाजपा भी पूरी सेंधमारी में जुटी है। इनेलो को भाजपा ने सबसे अधिक झटके मेवात, पलवल, रोहतक, हिसार, जींद, फतेहाबाद में दिए हैं।
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एक-एक कर इनेलो के पुराने नेता और विधायक भगवा धारण करने में लगे हैं। सूत्रों के अनुसार इनेलो के और बड़े नेता भाजपा नेतृत्व के संपर्क में हैं। पेंच सिर्फ आगामी विधानसभा चुनाव में मनमाफिक सीटों से टिकट को लेकर फंसा हुआ है। सूटेबल एडजेस्टमेंट होते ही इनेलो को और बड़े झटके लग सकते हैं।
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पार्टी के बचे हुए सात विधायकों में से भी कुछ भाजपा नेताओं से बीते दिनों मुलाकात कर चुके हैं। जिसे देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्दी कुछ और इनेलो विधायक भाजपा में जाने की तैयारी में हैं। पार्टी अध्यक्ष अशोक अरोड़ा के इस्तीफा देने के बाद इनेलो को बीडी ढालिया के रूप में नया अध्यक्ष भी मिल चुका है, बावजूद उसके पार्टी में टूट नहीं रुक रही।
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इनेलो के विघटन का फायदा उठाकर भाजपा भी पूरी सेंधमारी में जुटी है। इनेलो को भाजपा ने सबसे अधिक झटके मेवात, पलवल, रोहतक, हिसार, जींद, फतेहाबाद में दिए हैं।
इनेलो के ये विधायक हो चुके भाजपाई
हिसार के नलवा से रणवीर गंगवा, पलवल के हथीन से केहर सिंह रावत, फतेहाबाद से बलवान सिंह दौलतपुरिया, मेवात के नूंह से जाकिर हुसैन व जींद के जुलाना से परमिंद्र ढुल।
इनेलो के पास अब सिर्फ ये विधायक, इनमें से एक बागी
अभय चौटाला, माखन लाल सिंगला, ओमप्रकाश बरवा, रामचंद्र कंबोज, प्रो. रविंद्र बलियाला व वेद नारंग। नगेंद्र भड़ाना ने इनेलो नहीं छोड़ी है, लेकिन वह पार्टी की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होते। उनका झुकाव भाजपा की ओर है। बीते दिनों रतिया से विधायक रविंद्र बलियाला की भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से चंडीगढ़ में मुलाकात हुई है।
जजपा खुद को संगठित करने में जुटी
इनेलो से टूटकर चार विधायक नैना सिंह चौटाला, राजदीप फौगाट, पिरथी सिंह नंबरदार और अनूप धानक जजपा के समर्थन में आ चुके हैं। इनेलो के और नेताओं ने भी जजपा का दामन थामा है। इनेलो की टूट को देखते हुए जजपा खुद को संगठित करने में जुटी है ताकि भाजपा और कांग्रेस को विधानसभा में चुनौती दी जा सके।
इनेलो के पास अब सिर्फ ये विधायक, इनमें से एक बागी
अभय चौटाला, माखन लाल सिंगला, ओमप्रकाश बरवा, रामचंद्र कंबोज, प्रो. रविंद्र बलियाला व वेद नारंग। नगेंद्र भड़ाना ने इनेलो नहीं छोड़ी है, लेकिन वह पार्टी की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होते। उनका झुकाव भाजपा की ओर है। बीते दिनों रतिया से विधायक रविंद्र बलियाला की भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से चंडीगढ़ में मुलाकात हुई है।
जजपा खुद को संगठित करने में जुटी
इनेलो से टूटकर चार विधायक नैना सिंह चौटाला, राजदीप फौगाट, पिरथी सिंह नंबरदार और अनूप धानक जजपा के समर्थन में आ चुके हैं। इनेलो के और नेताओं ने भी जजपा का दामन थामा है। इनेलो की टूट को देखते हुए जजपा खुद को संगठित करने में जुटी है ताकि भाजपा और कांग्रेस को विधानसभा में चुनौती दी जा सके।