{"_id":"606b76738ebc3e76a253eb73","slug":"lawrence-s-close-gangster-gagan-arrested-chandigarh-news-pkl4094133139","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉरेंस का करीबी गैंगस्टर गगन गिरफ्तार... जानिए किसकी हत्या की रची थी साजिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉरेंस का करीबी गैंगस्टर गगन गिरफ्तार... जानिए किसकी हत्या की रची थी साजिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी गगन बराड़ को पंजाब और हिमाचल प्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में कसौल से गिरफ्तार कर लिया। गगन ने बिश्नोई और कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ के इशारे पर फरीदकोट में यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह बलवान की हत्या की साजिश रचने, अंजाम देने और हत्यारों को पनाह देने में अहम भूमिका निभाई थी। गगनदीप सिंह उर्फ पड्डा उर्फ गगन बराड़, उर्फ लाभ सिंह लभ्भू, उर्फ गोगी पुत्र गुरमीत सिंह निवासी पंजगराई कलां कोटकपूरा फरीदकोट का रहने वाला है।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सोमवार को प्रेस बयान में कहा कि गोल्डी बराड़ ने गैंगस्टर बिश्नोई की मदद से उसके भाई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया था। हत्या के कुछ घंटों बाद अजमेर जेल में बंद लारेंस बिश्नोई ने फेसबुक पर इससे संबंधित पोस्ट भी डाली थी। उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने हत्याकांड में शामिल गुरविंदर पाल उर्फ गोरा, सुखविंदर ढिल्लों और सौरभ वर्मा को गिरफ्तार किया था। अगले ही दिन उन्हें हथियार मुहैया कराने के मामले में घणीया वाला गांव के गुरपिंदर सिंह को गिरफ्तार किया था।
जांच में पता चला कि गुरविंदर खरड़ में गगन बराड़ के साथ किराए के एक फ्लैट में रहता था। इसी फ्लैट में ही साजिश रची गई थी। गोल्डी बराड़ का करीबी होने के कारण गगन दिल्ली स्पेशल सेल और फरीदकोट पुलिस का वांछित था। दिल्ली पुलिस ने उसकी खरड़ वाली रिहायश पर छापा मारा लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया था। उसे दिल्ली पुलिस की तरफ से गिरफ्तारी की भनक लग गई थी।
विज्ञापन
डीजीपी गुप्ता ने बताया कि विशेष सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस की संगठित क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओसीसीयू) और काउंटर इंटेलिजेंस यूनिटों की टीमों को अतिरिक्त डीजीपी (एडीजीपी) (आंतरिक सुरक्षा) आरएन ढोके की निगरानी में आरोपी को गिरफ्तार करने का काम सौंपा गया था। टीमों ने हिमाचल प्रदेश के कसौल में आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और हिमाचल पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन में गैंगस्टर गगन बराड़ को धर दबोचा।
डीजीपी ने बताया कि गगन बराड़ गोल्डी बराड़ के संपर्क में रहा। गोल्डी ने उसे गूगल-पे के जरिए पैसे भी भेजे। गगन पर आईपीसी की धारा 302, 120 -बी, 34 और हथियार एक्ट की धारा 25 के तहत थाना सिटी फरीदकोट में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया है।
गगन बराड़ इस तरह पहुंचा कसौल
गगन बराड़ ने खुलासा किया कि वह चंडीगढ़ के नाइट क्लबों में बाउंसर के तौर पर काम कर रहा था और 4-5 साल से गोरा और गुरलाल बराड़ का दोस्त था। उसे गुरलाल बराड़ के जरिए ही बाउंसर की नौकरी मिली थी। डीजीपी ने बताया कि गोरा ने उसे गोल्डी बराड़ से मिलाया था। इसके अलावा राजन पांडे उर्फ विशाल और छोटू जोकि हरियाणा के रहने वाले हैं, करीब 20 दिन तक उसके कमरे में रहे और हत्या से दो दिन पहले ही गोरा का कमरा छोड़ कर चले गए थे। गोल्डी के निर्देश पर हत्या से एक दिन पहले गगन ने खरड़ के फर्स्ट बाइट पीजा के नजदीक एक अनजान व्यक्ति को हथियारों और गोला-बारूद से भरा थैला पकड़ाया था। यह थैला गोरा लाया था और अपने कमरे की अलमारी में रखा हुआ था। जब दिल्ली पुलिस ने मकान पर छापा मारा तो उसने अगले दो दिनों के लिए खरड़ में एक दोस्त के फ्लैट में पनाह ली। इसके बाद वह अमृतसर चला गया। वहां से वह मकलौडगंज चला गया और फिर हिमाचल प्रदेश के कसौल पहुंच गया।
विज्ञापन
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सोमवार को प्रेस बयान में कहा कि गोल्डी बराड़ ने गैंगस्टर बिश्नोई की मदद से उसके भाई गुरलाल बराड़ की हत्या का बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया था। हत्या के कुछ घंटों बाद अजमेर जेल में बंद लारेंस बिश्नोई ने फेसबुक पर इससे संबंधित पोस्ट भी डाली थी। उन्होंने बताया कि 21 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने हत्याकांड में शामिल गुरविंदर पाल उर्फ गोरा, सुखविंदर ढिल्लों और सौरभ वर्मा को गिरफ्तार किया था। अगले ही दिन उन्हें हथियार मुहैया कराने के मामले में घणीया वाला गांव के गुरपिंदर सिंह को गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
जांच में पता चला कि गुरविंदर खरड़ में गगन बराड़ के साथ किराए के एक फ्लैट में रहता था। इसी फ्लैट में ही साजिश रची गई थी। गोल्डी बराड़ का करीबी होने के कारण गगन दिल्ली स्पेशल सेल और फरीदकोट पुलिस का वांछित था। दिल्ली पुलिस ने उसकी खरड़ वाली रिहायश पर छापा मारा लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया था। उसे दिल्ली पुलिस की तरफ से गिरफ्तारी की भनक लग गई थी।
विज्ञापन
डीजीपी गुप्ता ने बताया कि विशेष सूचना के आधार पर पंजाब पुलिस की संगठित क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओसीसीयू) और काउंटर इंटेलिजेंस यूनिटों की टीमों को अतिरिक्त डीजीपी (एडीजीपी) (आंतरिक सुरक्षा) आरएन ढोके की निगरानी में आरोपी को गिरफ्तार करने का काम सौंपा गया था। टीमों ने हिमाचल प्रदेश के कसौल में आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और हिमाचल पुलिस के साथ संयुक्त आपरेशन में गैंगस्टर गगन बराड़ को धर दबोचा।
डीजीपी ने बताया कि गगन बराड़ गोल्डी बराड़ के संपर्क में रहा। गोल्डी ने उसे गूगल-पे के जरिए पैसे भी भेजे। गगन पर आईपीसी की धारा 302, 120 -बी, 34 और हथियार एक्ट की धारा 25 के तहत थाना सिटी फरीदकोट में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर ले लिया है।
गगन बराड़ इस तरह पहुंचा कसौल
गगन बराड़ ने खुलासा किया कि वह चंडीगढ़ के नाइट क्लबों में बाउंसर के तौर पर काम कर रहा था और 4-5 साल से गोरा और गुरलाल बराड़ का दोस्त था। उसे गुरलाल बराड़ के जरिए ही बाउंसर की नौकरी मिली थी। डीजीपी ने बताया कि गोरा ने उसे गोल्डी बराड़ से मिलाया था। इसके अलावा राजन पांडे उर्फ विशाल और छोटू जोकि हरियाणा के रहने वाले हैं, करीब 20 दिन तक उसके कमरे में रहे और हत्या से दो दिन पहले ही गोरा का कमरा छोड़ कर चले गए थे। गोल्डी के निर्देश पर हत्या से एक दिन पहले गगन ने खरड़ के फर्स्ट बाइट पीजा के नजदीक एक अनजान व्यक्ति को हथियारों और गोला-बारूद से भरा थैला पकड़ाया था। यह थैला गोरा लाया था और अपने कमरे की अलमारी में रखा हुआ था। जब दिल्ली पुलिस ने मकान पर छापा मारा तो उसने अगले दो दिनों के लिए खरड़ में एक दोस्त के फ्लैट में पनाह ली। इसके बाद वह अमृतसर चला गया। वहां से वह मकलौडगंज चला गया और फिर हिमाचल प्रदेश के कसौल पहुंच गया।