Onion Price: चंडीगढ़ में भी बढ़ी प्याज की कीमत, जानें- क्यों आया उछाल, कब तक मिलेगी राहत?
त्योहारों से ठीक पहले प्याज की बढ़ती कीमतों से हर कोई परेशान है। त्योहारों तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। चंडीगढ़ में भी प्याज की कीमतों में उछाल आया है।
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टमाटर के बाद अब प्याज पर अचानक से महंगाई आ गई है। इस महंगाई ने त्योहार से पहले ही घर का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। चंडीगढ़ में सोमवार को फुटकर में 70-80 और थोक में 52-60 रुपये तक प्याज बिका।
स्थिति यह है कि महज छह दिनों में प्रति किलो प्याज की कीमत पर 35 से 40 रुपये की तेजी आई है। इससे आम जनता परेशान है। उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं टमाटर की तरह प्याज की कीमत भी देखते ही देखते आसमान न छूने लगे। वहीं, मंडी के आढ़तियों का कहना है कि आवक अचानक से कम होने के कारण रेट में तेजी आई है, जो अगले 10 से 15 दिन बरकरार रहेगी।
आढ़ती इसकी मुख्य वजह जमाखोरी बता रहे हैं। उनका कहना है कि स्टॉकिस्टों ने काफी मात्रा में स्टॉक खरीदकर स्टोर कर दिया है। अब वे दाम में और तेजी आने का इंतजार कर रहे हैं। इस कारण बाजार में आवक तेजी से कम हुई है और दाम तेजी से बढ़े हैं।
सेक्टर-26 स्थित मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन बलबीर सिंह का कहना है कि सामान्य दिनों में 14 से 15 ट्रक आने वाला प्याज अब महज चार से पांच ट्रक पर सिमट गया है। आवक अचानक से कम होने से दाम बढ़ना तय है। वहीं, आढ़ती दीपक धवन ने बताया कि मौजूदा समय में सिर्फ नासिक से माल आ रहा है।
दीपक का कहना है कि जब तक जमाखोरी वाला प्याज बाजार में नहीं आएगा, तब तक दाम में तेजी ही रहेगी, क्योंकि नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) ने भी जो माल खरीदा है, उसे भी सरकार बाजार दर पर ही बेचेगी। ऐसे में राजस्थान के खैरथल से प्याज की नई खेप की आवक शुरू होने पर ही राहत की उम्मीद है। वहीं, अपनी मंडी के सब्जी विक्रेता दिनेश का कहना है कि मंडी से 55 रुपये किलो खरीदा गया माल 70 से 75 रुपये किलो ही बिकेगा, क्योंकि उसमें कुछ माल खराब भी निकल जाता है।
महिलाएं बोलीं- टमाटर के बाद प्याज करने लगा परेशान
अभी चंद महीने पहले टमाटर की महंगाई ने जीना मुश्किल किया था। अब प्याज रुलाने लगा। सरकार को अचानक बढ़ने वाली इस तरह की महंगाई पर रोक के पुख्ता इंतजाम करने होंगे, वर्ना मध्यवर्गीय परिवार हर समय परेशान ही होगा। -डॉली देवी, मौलीजागरां।
प्याज के स्टॉक जब सरकार खरीद चुकी, महंगाई का क्या मतलब
त्योहार पर महंगाई से राहत मिलनी चाहिए लेकिन हर बार उल्टा ही होता है। प्याज के स्टॉक जब सरकार खरीद चुकी है फिर इस महंगाई का क्या मतलब है। सरकार को अपने स्टॉक बाजार में सस्ते दर पर उतार कर जनता को राहत देना चाहिए। -प्रिया, बहलाना।
डराने लगा है किचन का बजट
अब तो किचन का बजट डराने लगा है। ऐसा लगता है जैसे बचत का पैसा ऐसी महंगाई पर ही खर्च हो जाएगा। अगर टमाटर और प्याज पर इस रफ्तार से महंगाई आने लगी तो सोने-चांदी की जगह इसकी खरीदारी के लिए विशेष बचत करनी पड़ेगी। - सपना, रायपुरखुर्द।
| तिथि | फुटकर कीमत | थोक कीमत |
| 24 अक्तूबर | 40-45 | 35- 38 |
| 25 अक्तूबर | 50-55 | 40-45 |
| 26 अक्तूबर | 55-60 | 45-50 |
| 27 अक्तूबर | 70-80 | 52-57 |
| 28 अक्तूबर | 70-80 | 52- 60 |
| 29 अक्तूबर | 70-80 | 52-60 |