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Hindi News ›   Chandigarh ›   Know about Haryana Former CM Om Parkash Chautala

कौन हैं ओमप्रकाश चौटाला: सात बार के विधायक, पांच बार के सीएम... एक बार ही पूरा किया कार्यकाल

Fri, 27 May 2022 06:07 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 27 May 2022 06:07 PM IST
सार

ओम प्रकाश को साल 2012 में जेबीटी भर्ती घोटाला में दोषी करार देते हुए तिहाड़ जेल में 10 साल के लिए कारावास की सजा सुनाई गई थी। 87 साल के चौटाला बारहवीं पास हैं। 
 

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Know about Haryana Former CM Om Parkash Chautala
op chautala - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए गए ओम प्रकाश चौटाला पांच बार हरियाणा के सीएम रह चुके हैं। वे सात बार विधायक भी चुने जा चुके हैं। ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और उपप्रधानमंत्री चौधरी देवी लाल के बेटे हैं। ओम प्रकाश को साल 2012 में जेबीटी भर्ती घोटाला में दोषी करार देते हुए तिहाड़ जेल में 10 साल के लिए कारावास की सजा सुनाई गई थी। 87 साल के चौटाला बारहवीं पास हैं। 

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ओम प्रकाश चौटाला का जन्म एक जनवरी 1935 को सिरसा के गांव चौटाला में हुआ था। चौटाला पांच बार हरियाणा के सीएम बने हैं। दो दिसंबर 1989 को चौटाला पहली बार मुख्यमंत्री बने थे। वे 22 मई 1990 तक इस पद पर रहे। 12 जुलाई 1990 को चौटाला ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद को शपथ ली थी, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता को दो माह में ही पद से हटा दिया गया था। हालांकि चौटाला को भी पांच दिन बाद ही पद से त्यागपत्र देना पड़ा था। 22 अप्रैल 1991 को तीसरी बार चौटाला ने सीएम पद संभाला। लेकिन दो हफ्ते बाद ही केंद्र सरकार ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था।
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1993 में उन्होंने नरवाना उपचुनाव जीता। 1996 के लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने हरियाणा लोक दल (राष्ट्रीय) के नाम से नई पार्टी बनाई। 1998 में लोकसभा के मध्यावधि चुनाव में बसपा से गठबंधन कर हरियाणा में पांच लोकसभा सीटें जीती। इसके बाद उनके दल को मान्यता मिली। इसके बाद उनकी पार्टी का नाम बदलकर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) कर दिया गया। 24 जुलाई 1999 में चौटाला ने चौथी बार सीएम पद संभाला। दिसंबर 1999 में उन्होंने विधानसभा भंग करवा दी और विधानसभा चुनाव के बाद दो मार्च 2000 को चौटाला पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने। उसके बाद चौटाला पूरे पांच साल मुख्यमंत्री रहे।
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चौटाला का परिवार

ओम प्रकाश चौटाला का विवाह स्नेह लता से हुआ था। अगस्त 2019 में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके दो बेटे अजय चौटाला और अभय चौटाला हैं। दोनों ही राजनीति में सक्रिय हैं। उनके बड़े बेटे अजय सिंह चौटाला की पत्नी का नाम नैना चौटाला है और छोटे बेटे की पत्नी का नाम कांता चौटाला है। चौटाला की तीन बेटियां भी हैं जिनका नाम सुचित्रा, सुनीता और अंजलि है। उनके तीन भाई रणजीत सिंह चौटाला, प्रताप सिंह चौटाला और जगदीश कुमार चौटाला हैं। रणजीत चौटाला फिलहाल हरियाणा सरकार में बिजली मंत्री हैं। 

चौटाला के बड़े बेटे अजय सिंह चौटाला 2009 में डबवाली से विधायक चुने गए थे। छोटा बेटा अभय ऐलनाबाद से विधायक है जो अक्तूबर 2014–मार्च 2019 तक हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। अजय चौटाला के बेटे दुष्यंत चौटाला इस समय हरियाणा के उपमुख्यमंत्री हैं। 2018 में पारिवारिक विवाद के चलते दुष्यंत को इनेलो से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके बाद उन्होंने जननायक जनता पार्टी बनाई। 

चौटाला की संपत्ति

ओम प्रकाश चौटाला के पास हजार करोड़ की संपत्ति होने का दावा किया जाता रहा है। सीबीआई ने चौटाला परिवार के खिलाफ 1467 करोड़ रुपये की संपत्ति मामले में चार्जशीट दायर की थी। एक अनुमान के मुताबिक चौटाला परिवार की संपत्ति 1467 करोड़ रुपये है। इस संपत्ति में 80 से ज्यादा तो केवल प्रॉपर्टी ही हैं।

जेबीटी भर्ती घोटाला

हरियाणा के आईएएस अधिकारी संजीव कुमार ने हरियाणा में 3,206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की शिकायत करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था । ओम प्रकाश चौटाला पर आरोप था कि उन्होंने प्रत्येक शिक्षक से भर्ती के लिए तीन से चार लाख रूपये वसूले थे। इस मामले में चौटाला ने 9 साल से ज्यादा का समय जेल में काटा है। कोरोना काल में उनकी सेहत देखते हुए सजा के 2 महीने पूरे होने से पहले ही 2 जुलाई 2021 को उन्हें रिहा कर दिया गया था।

चौटाला की शिक्षा

देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के सबसे बड़े बेटे ओमप्रकाश चौटाला पिता के जेल जाने के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए थे। इसका उन्हें हमेशा मलाल रहा। जेबीटी भर्ती घोटाले में जब वे तिहाड़ जेल में बंद थे तो उन्होंने दसवीं की परीक्षा पास की थी। उन्होंने दसवीं पास करने को अपने आत्मसम्मान से जोड़ लिया था। जेल में दिन-रात पढ़ाई की और परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफल रहे। वह आठवीं पास थे, उनका सपना था कि दसवीं की पढ़ाई पूरी करें। 87 वर्षीय चौटाला के इसी जज्बे पर अभिषेक बच्चन की फिल्म दसवीं आधारित है। 
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