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पंजाब के नए डीजीपी दिनकर गुप्ता के बारे में जानें ये खास बातें, कई देशों की पुलिस को पढ़ा चुके हैं

Fri, 08 Feb 2019 03:36 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 08 Feb 2019 03:36 PM IST
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Know about dinkar gupta new dgp of punjab police
पंजाब पुलिस के नए डीजीपी

डीजीपी का पदभार संभालने के बाद दिनकर गुप्ता ने आला पुलिस अधिकारियों के साथ मुख्यालय में बैठक की। अधिकारियों के साथ अपनी पहली मुलाकात के दौरान उन्होंने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ शून्य सहिष्णुता की घोषणा की। उन्होंने पुलिसकर्मियों की कड़ी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस एक बहादुर सेना है, जिसका नेतृत्व करने के लिए उन्हें गर्व है। 

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बैठक के बाद डीजपी गुप्ता को गार्ड ऑफ आनर दिया गया। उसके बाद शाम को फिर मुख्यमंत्री से उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि वे डीजीपी के रूप में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
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सुरेश अरोड़ा की उपलब्धियां गिनाईं 
दिनकर गुप्ता ने अधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में कहा कि सुरेश अरोड़ा के कार्यकाल के दौरान पंजाब पुलिस ने संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल कस दी थी। 255 बदमाशों की गिरफ्तारी के साथ 51 गिरोह बेअसर हो गए थे। अरोड़ा के नेतृत्व में पंजाब पुलिस ने 24 आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया और 115 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 10 राइफलें और 65 रिवाल्वर व पिस्तौल बरामद किए गए।
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नियुक्ति को लेकर महीने भर चले कयास 
सुरेश अरोड़ा का एक्सटेंशन केंद्र सरकार द्वारा बढ़ा दिए जाने पर पिछले महीने अचानक ही बदले राज्य सरकार के रुख के बाद नए डीजीपी की नियुक्ति की तैयारियां शुरू हो गई थीं। राज्य सरकार ने आनन-फानन में इस पद के लिए अधिकारियों के नामों का पैनल यूपीएससी को भेजा। इस पैनल में डीजीपी रैंक के सभी अधिकारियों के नाम थे, जिनके बारे में संभावनाएं जताई गईं कि वे अगले डीजीपी हो सकते हैं। 

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पंजाब के नए डीजीपी के रूप में दिनकर गुप्ता ने संभाला पदभार

सबसे पहला नाम डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा का आया, जो प्रदेश के डीजीपी पद के लिए यूपीएससी द्वारा तय शर्तों को भी पूरा करते थे। उनके अलावा वर्तमान में खुफिया एजेंसी रॉ में दूसरे नंबर के अधिकारी सामंत गोयल, पंजाब पुलिस में डीजीपी संजीव चट्टोपाध्याय, डीजीपी एमके तिवारी, सीएसआर रेड्डी ने नाम सुर्खियों में रहे। 

इसका एक कारण यह भी रहा कि पद की दौड़ में शामिल सभी अधिकारी डीजीपी दिनकर गुप्ता के मुकाबले सीनियर हैं। दिनकर गुप्ता के पद संभालने के बाद माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में राज्य पुलिस में उच्च स्तर पर विवाद खड़ा हो सकता है। मौजूदा एसटीएफ चीफ मोहम्मद मुस्तफा के अदालत जाने की अटकलें हैं हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है।

स्काटलैंड यार्ड को भी पुलिसिंग सिखा आए हैं गुप्ता 
अब तक पंजाब पुलिस में डीजीपी (इंटेलिजेंस) के पद पर तैनात रहे डीजीपी दिनकर गुप्ता के जिम्मे पंजाब स्टेट इंटेलिजेंस विंग, स्टेट एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओसीसीयू) की सीधी निगरानी रही है। आईपीएस अधिकारी के तौर पर अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने देश और विदेश में बेहतरीन सेवाएं दी हैं।

पंजाब में उन्होंने आतंकवाद के दौर में सराहनीय कार्य किया, वहीं प्रोफेसर की भूमिका में उन्होंने गवर्नमेंट अंडर सीज अंडरस्टेंडिंग टेररिज्म एंड टेररिस्ट विषय पर पाठ्यक्रम भी तैयार किया। उन्होंने स्कॉटलैंड यार्ड लंदन और न्यूयॉर्क पुलिस डिर्पाटमेंट समेत अनेक अंतरराष्ट्रीय पुलिस फोर्स को शिक्षित किया। उन्होंने 1996 में इंटरपोल द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद संबंधी एक सिम्पोजियम में भारतीय नुमाइंदगी भी की और वर्ष 1997 में उन्हें सुपरकॉप पर भारत की डीजीपी/आईजीपी कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुति देने के लिए न्योता दिया गया। 

अपराध, प्रबंधन पर तैयार किया सॉफ्टवेयर 
दिनकर गुप्ता ने अपराध, डाटाबेस, प्रबंधन और ग्रामीण सूचना व्यवस्था का सॉफ्टवेयर भी तैयार किया। उन्हें केंद्र में एडीशनल डायरेक्टर जनरल स्तर के पद पर नियुक्ति के लिए भी 26 अप्रैल, 2018 की सूची में शामिल किया गया था। वह 1987 बैच के उन 20 आईपीएस अधिकारियों में शामिल रहे, जिन्हें केंद्र सरकार ने सूची में शामिल किया था।

 खास बात यह भी है कि वे केंद्र की सूची में शामिल होने वाले पंजाब के एकमात्र अधिकारी रहे। वे जून, 2004 से जुलाई, 2012 तक एमएचए के पास केंद्रीय डेपुटेशन पर रहे, जहां उन्होंने अनेक संवेदनशील स्थानों पर जिम्मेदारी निभाई। इनमें एमएचए के डिगनेटरी प्रोटेक्शन डिवीजन के प्रमुख का पद भी शामिल है।

कई मेडल से सम्मानित 
दिनकर गुप्ता पंजाब में आतंकवाद के समय लुधियाना, जालंधर और होशियारपुर जिलों के पुलिस प्रमुख (एसएसपी) रहे। उन्होंने डीआईजी (जालंधर रेंज), डीआईजी (लुधियाना रेंज), डीआईजी (काउंटर इंटेलिजेंस) और डीआईजी (इंटेलीजेंस) के तौर पर 2004 तक सेवा निभाई। 

इसके अलावा दिनकर गुप्ता ने एडीजीपी एडमिनिस्ट्रेशन एंड कम्युनिटी पुलिसिंग (2015-17), एडीजीपी प्रोविजनिंग एंड माडर्नाइजेशन (2014-15), एडीजीपी कानून व्यवस्था (2012 -15), एडीजीपी सुरक्षा (2012-15), एडीजीपी ट्रैफिक (2013-14), डीआईजी रेंज (2002 में एक साल से अधिक और 2003 -04), एसएसपी (जनवरी 1992 से जनवरी 1999 तक सात साल) सेवा निभाई।

 उन्हें बहादुरी के लिए 1992 में पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया और 1994 में बार टू पुलिस मेडल के साथ सम्मानित किया गया। उन्हें राष्ट्रपति द्वारा शानदार सेवाओं के लिए पुलिस मेडल भी प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2010 में शानदार सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस मेडल मिला।

अमेरिका में विजिटिंग प्रोफेसर रहे 
दिनकर गुप्ता जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी, वाशिंगटन डीसी (यूएसए) में 2000-01 के दौरान विजटिंग प्रोफेसर रहे। वर्ष 1999 में गुप्ता को ब्रिटिश काउंसिल द्वारा ब्रिटिश चेवेनिंग गुरुकुल स्कॉलरशिप प्रदान की गई, जिसके तहत उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक में 10 हफ्ते के गुरुकुल प्रोग्राम में हिस्सा लिया। 

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