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किसान उतरे नोटबंदी के विरोध में, फैसला वापस लेने की मांग को लेकर धरना

Tue, 22 Nov 2016 10:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला Updated Tue, 22 Nov 2016 10:09 PM IST
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Kissan union protest against notebandi in patiala punjab
किसानों ने किया नोटबंदी का विरोध - फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के बैनर तले राज्य भर से पटियाला में जुटे किसानों ने मंगलवार को पटियाला-नाभा रोड पर पंजाब पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड मुख्यालय के सामने धरना दिया। इस दौरान किसानों ने आरबीआई की ओर से सहकारी बैंकों व संस्थाओं पर 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट लेने पर लगाई पाबंदी का विरोध किया।
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इसके साथ पुराने नोट बदलवाने के लिए किसानों को आ रही दिक्कतों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार को जमकर कोसा। इस मौके पर किसानों ने धान के सीडन में पराली को आग लगाने वाले किसानों पर पीपीसीबी की ओर से किए जुर्मानों और पर्चों का विरोध किया गया। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल ने पीपीसीबी और पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द जुर्माना और पर्चा रद न किया गया तो भविष्य में आंदोलन को तेज किया जाएगा। 
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पीपीसीबी के दफ्तर के आगे भारतीय किसान यूनियन का धरना

Kissan union protest against notebandi in patiala punjab
पीपीसीबी के दफ्तर के आगे भारतीय किसान यूनियन का धरना - फोटो : अमर उजाला
किसान नेताओं ने कहा कि यदि किसान पराली को आग नहीं लगाएंगे तो गेहूं की बुवाई में वह पीछे रह जाएंगे। पंजाब के किसान तो पहले ही कर्ज के भार से दबे हैं। सरकार ने कुछ करना ही है, तो पराली का उचित हल किया जाए। जिससे किसान पराली को आग न लगाएं।

उन्होंने कहा कि किसानों को गुमराह करने के लिए एसवाईएल मुद्दे पर अकाली-भाजपा सरकार पाखंड कर रही है, उसके बारे में पंजाब के किसान अच्छी तरह जानते हैं। राजेवाल ने कहा कि राज्य के किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी स्कीम के अधीन सहकारी संस्थाओं और बैंकों पर 500 और 1000 रुपये के नोट लेने पर पाबंदी लगाई है जो किसानों के हित में नहीं है। अकाली-भाजपा और केंद्र सरकार सिर्फ और सिर्फ वोट के लिए ड्रामा कर रही है। इस धरने में नेक सिंह खोख, ओंकार सिंह, गुलजार सिंह, गुरजंट सिंह शामिल रहे। 
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