फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kiran Chaudhary nomination for Rajyasabha Seat in chandigarh

Haryana: राज्यसभा के लिए भाजपा की किरण चौधरी ने भरा नामांकन, सीएम नायब सैनी रहे साथ

Wed, 21 Aug 2024 11:56 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 21 Aug 2024 11:56 AM IST
सार

किरण चौधरी कांग्रेस से तोशाम विधानसभा क्षेत्र से विधायक थीं। करीब सवा दो महीने पहले लोकसभा चुनाव के बाद वे कांग्रेस के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गई थीं। एक दिन पहले ही उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा दिया था। शाम को भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया था।

विज्ञापन
Kiran Chaudhary nomination for Rajyasabha Seat in chandigarh
सीएम नायब सैनी के साथ किरण चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा की एक राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल की बहू किरण चौधरी ने आज नामांकन भर दिया। इस दौरान सीएम नायब सैनी भी उनके साथ मौजूद रहे। 
विज्ञापन


इस दौरान किरण चौधरी ने कहा कि मैं सबसे पहले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पीएम नरेंद्र मोदी, मनोहर लाल, जेपी नड्डा और नायब सिंह सैनी समेत सभी विधायकों का धन्यवाद करती हूं। हमारे परिवार का भाजपा के साथ बहुत पुराना रिश्ता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की नीतियों से प्रभावित होकर मैं भाजपा में शामिल हुई हूं... हमेशा से मैंने बहुत ईमानदारी और नीयत के साथ काम किया है और आने वाले समय में भी मैं राज्यसभा में हरियाणा के सभी विषयों को उठाऊंगी।
विज्ञापन


किरण चौधरी के नामांकन के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि किरण चौधरी ने आज नामांकन दाखिल किया है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हमारे सभी विधायक यहां मौजूद हैं। अन्य विधायकों ने भी किरण चौधरी को समर्थन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
जोगीराम सिहाग, अनूप धानक, नयनपाल रावत, रामनिवास सूरजाखेड़ा, रामकुमार गौतम और गोपाल कांडा ने भी चौधरी को समर्थन दिया। पार्टी ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि राज्यसभा में किरण जाएंगी। किरण चौधरी का लंबा अनुभव रहा है। दिल्ली में विधानसभा अध्यक्ष भी रही हैं। वह हरियाणा के मुद्दों को प्रमुखता से राज्यसभा में उठाएंगी। राज्यसभा में भी हमारी ताकत बढ़ गई है।

कांग्रेस में 45 साल बिताए, अंतिम सांस तक भाजपा की सेवा करूंगी
नामांकन दाखिल करने के बाद किरण चौधरी ने कहा कि उन्होंने भले ही कांग्रेस में 45 साल बिताए हों, मगर अब वह भाजपा के साथ हैं और अंतिम सांस तक पार्टी की सेवा करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि वह चौधरी बंसीलाल के परिवार से ताल्लुक रखती हैं, जिन्होंने 1990 के दशक में भाजपा के साथ गठबंधन में हरियाणा में सरकार चलाई थी। भाजपा से उनके पुराने संबंध हैं और वह उनकी नीतियों से प्रभावित थीं।

2004 में मिली थी हार

इससे पहले कांग्रेस ने 2004 में किरण चौधरी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया था, मगर उस दौरान किस्मत ने साथ नहीं दिया और वह जीत नहीं सकी थी। इस बार भाग्य किरण के साथ है। भाजपा के पास बहुमत है और कांग्रेस ने फिलहाल उम्मीदवार उतारने से मना कर दिया है। ऐसे में उनकी जीत तय मानी जा रही है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2026 तक रहेगा।

भाजपा ने 20 अगस्त मंगलवार को विधायक दल की बैठक बुलाई थी। बैठक में राज्यसभा के उपचुनाव को लेकर चर्चा होनी थी। बैठक में सीएम नायब सिंह सैनी समेत सभी मंत्री व विधायक शामिल हुए। बैठक में जजपा के विधायक जोगी राम सिहाग भी शामिल हुए। बैठक में किरण चौधरी का नाम रखा गया, जिस पर सभी विधायकों ने सहमति जताई। बैठक के बाद कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने जानकारी दी कि किरण चौधरी के नाम पर सभी विधायकों के बीच सहमति बनी है। वह 21 अगस्त को सुबह नौ बजे अपना नामांकन दाखिल करेंगी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्र्रेस अपना उम्मीदवार खड़ा करती है तो वह मुकाबले के लिए तैयार हैं। उनके पास पूर्ण बहुमत हैं। विधानसभा में भाजपा के 43 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं, जजपा के बागी विधायक भी पार्टी के संपर्क में हैं। बरवाला से विधायक जोगी राम सिहाग भी भाजपा की बैठक में शामिल हुए थे।

भाजपा ने निभाया वादा, अब दूसरे वादे की बारी

किरण खेर जब कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुई थी तो उस दौरान वह इसी शर्त पर आई थी कि उन्हें राज्यसभा भेजा जाए और उनकी बेटी श्रुति को तोशाम से विधानसभा चुनाव का टिकट दिया जाए। भाजपा ने अपना एक वादा पूरा कर दिया है और अब दूसरे वादे की बारी है। हालांकि दूसरा वादा भाजपा के लिए इतना आसान नहीं होने वाला है। कुछ अपवादों को छोड़ भाजपा में नीति रही है कि एक व्यक्ति एक पद। ऐसे में भाजपा यदि श्रुति को तोशाम से उम्मीदवार बनाती है तो पार्टी बरसों से चली आ रही नीति से किनारा कर सकती है। हालांकि पिछले दिनों संघ के साथ हुई समन्वय बैठक में आरएसएस ने नेताओं के रिश्तेदारों को टिकट देने की वकालत की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed