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गुरसेवक ने एक दिन में की थी 19 लूट, पुलिस कस्टडी से हुआ था फरार

Wed, 22 Mar 2017 10:09 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Updated Wed, 22 Mar 2017 10:09 AM IST
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Khalistan Commando Force Member Gursewak Singh Caught in Delhi
संदिग्ध खालिस्तानी आतंकी गुरसेवक सिंह गिफ्तार - फोटो : अमर उजाला
खालिस्तान कमांडो फोर्स का आतंकवादी गुरसेवक सिंह उर्फ बबला कई प्रदेशों की पुलिस पर भारी था। उसने 1984 में एक ही दिन में 19 लूटपाट की वारदात को अंजाम देकर पंजाब में सनसनी फैला दी थी। पंजाब समेत कई राज्यों की पुलिस उसको खोज रही थी क्योंकि वह कुछ समय पहले पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। बबला 26 साल तिहाड़ जेल में बंद रहा है और जेल से निकलते ही उसने पैसा कमाने की चाहत में एक लुटेरा गिरोह का गठन कर लिया था। 
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2015 में खालिस्तान कमांडो फोर्स के गुरसेवक सिंह को लुधियाना पुलिस की सीआईए शाखा ने गिरफ्तार किया था। खालिस्तान कमांडो फोर्स के इस पूर्व आतंकी ने 26 साल बाद दिल्ली के तिहाड़ जेल से बाहर आकर लूटपाट के लिए 6 सदस्यीय गिरोह बना लिया था। डेहलों स्थित एक कोठी और शहर के नामी ज्वेलर को लूटने की योजना बनाते गुरसेवक सिंह को लुधियाना की सीआईए-1 पुलिस ने रेड कर दबोच लिया था। उस समय गुरसेवक सिंह व उसके साथियों से आल्टो कार, देसी पिस्तौल, 10 कारतूस, 70 हजार कैश, लोहे की रॉड और तेजधार हथियार बरामद हुए थे। 
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लुधियाना पुलिस ने बबला, गांव फुल्लांवाल निवासी सुखजीत सिंह मुमताज मिरजा उर्फ सोनू, एसबीएस नगर निवासी मदनलाल और गांव खासी कलां के चनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। गुरसेवक सिंह का अतीत खालिस्तान कमांडो फोर्स से जुड़ा रहा है और आतंकवादी घटनाओं में सजा पाने के बाद उसने एक गिरोह का गठन किया था और इसी गिरोह ने 2010 से 2015 के बीच 10 से अधिक एटीएम लूटे थे। 1984 में एक दिन में सड़क के किनारे 19 ढाबों और पेट्रोल पंप स्टेशनों पर लूट की घटनाओं को अंजाम दिया था। आतंकवादी गतिविधियों, हत्या और लूट सहित कम से कम 75 आरोपों में केस का सामना कर रहा गुरसेवक सिंह इस कदर शातिर था कि वह तीन बार पुलिस कस्टडी से भाग चुका था। गुरसेवक सिंह 1986 और 2004 में भी फरार हो चुका था। 2015 में लुधियाना पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया तो वह कुछ समय पहले तीसरी बार फिर पुलिस कस्टडी से भाग निकला।
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