'पंजाब को गृह युद्ध की तरफ धकेल रहे केजरीवाल, दांव पर अमन और शांति'
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आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल सत्ता हासिल करने के लिए पंजाब की अमन शांति और धार्मिक सद्भावना को दांव पर लगा रहे हैं। वह ऐसे व्यक्तियों और संगठनों का समर्थन ले रहे हैं, जिनका देश के संविधान में विश्वास नहीं है।
वह पंजाब को दोबारा गृहयुद्ध की तरफ धकेल रहे हैं। यह कहना है शिअद के महासचिव और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा और दल के महासचिव व लोकसभा सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा का।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में केजरीवाल ने चरमपंथियों और अपराधियों के साथ नजदीकियां बनाकर यह संकेत दे दिया है कि आप की सरकार बनने के बाद पंजाब में दोबारा अराजकता का दौर शुरू हो सकता है।
'जीतने के लिए असामाजिक तत्वों के साथ कर लिया गठजोड़'
उन्होंने कहा कि केजरीवाल का मोगा में एक पूर्व आतंकवादी के घर रात गुजारना, साबित करता है कि आप नेता ने चुनाव जीतने के लिए असामाजिक तत्वों के साथ गठजोड़ कर लिया है। उन्होंने कहा कि अगर आप सत्ता में आ गई तो इसका खामियाजा पूरे पंजाब को भुगतना पड़ सकता है।
आप नेताओं की आतंकी का घर उसकी पत्नी के नाम होने की दलील को नकारते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि यह सारी घटना आप नेताओं की सोची समझी साजिश का नतीजा है। केजरीवाल सभी पूर्व आतंकवादियों के परिवारों के वोट बैंक के लिए इस्तेमाल करने की फिराक में हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कई परिवार आज भी देश विरोधी राजनीति से जुड़े हैं। इन परिवारों की संविधान में रत्ती भर भी आस्था नहीं है। ऐसे समाज विरोधी तत्वों को प्रोत्साहित कर केजरीवाल राज्य और देश दोनों की सुरक्षा को खतरे में डाल रहे हैं।