{"_id":"5b48359e4f1c1b86468b62c5","slug":"kathua-rape-case-accused-complaint-to-judge","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठुआ रेप और हत्याकांड के सातों आरोपियों ने जज से की शिकायत, बोले- न खाना दिना और न बिस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठुआ रेप और हत्याकांड के सातों आरोपियों ने जज से की शिकायत, बोले- न खाना दिना और न बिस्तर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पठानकोट (गुरदासपुर)
Updated Fri, 13 Jul 2018 10:46 AM IST
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kathua accused
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कठुआ रेप और हत्याकांड के सातों आरोपियों ने वकील के माध्यम से जज को शिकायत दी है। उनका कहना है कि जेल में न खाना दिया गया और न सोने को बिस्तर। मामले में बचाव पक्ष के वकील एके साहनी ने बताया कि गुरुवार को केंद्रीय जेल गुरदासपुर और पंजाब पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया। कठुआ कांड के सभी आरोपियों को हथकड़ी में कोर्ट में लाया गया, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हैं।
सुनवाई के दौरान जज को आरोपियों ने बताया कि गत दिवस जब उन्हें गुरदासपुर की केंद्रीय जेल में स्थानांतरित किया तो उन्हें उम्रकैद के दोषियों की कोठरी में रखा गया। जबकि वह अभी आरोपी हैं। उन्हें दोषियों के साथ नहीं रखा जा सकता। आरोपियों ने कहा कि 3 को एक कोठरी में और चार अन्य को दूसरी कोठरी में रखा था। इतना ही नहीं रात को सोने के लिए बिस्तर तक उपलब्ध नहीं कराया। जब उन्होंने लंच मांगा तो जेल अधिकारियों ने कहा कि लंच संबंधी कोई आदेश नहीं हैं।
इससे पहले उन्हें जम्मू जेल से पैकेट में लंच दिया जाता था। एके साहनी ने बताया कि वीरवार को यह मामला जज के नोटिस में लाया गया। इसके बाद जिला अटार्नी चोपड़ा के एक स्टाफ ने सभी आरोपियों को कैंटीन से लंच कराया। साहनी ने कहा कि आर्डर में लिखा है कि आरोपियों की पूरी देख रेख की जाए। खाने पीने का ध्यान रखा जाए। लेकिन आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया, इस पर गौर करेंगे।
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प्रभारी पर क्यों हो रही मेहरबानी : साहनी
कोर्ट में हुई जिरह के बारे में साहनी ने बताया कि क्राइम ब्रांच, डीजीपी ने केवल हीरानगर के प्रभारी को छोड़कर दो को डिसमिस किया है। इस संबंध में कोई आर्डर या जांच के आदेश भी जारी नहीं किए। बस प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया, इसके अलावा दूसरी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि मेन रोल तो प्रभारी का है। जिस पर दो इन्क्वायरी मार्क है, इसमें एक एडिशनल एसपी तथा मजिस्ट्रेट की जांच के आदेश हैं। जबकि इस संबंध में अभी तक मजिस्ट्रेट जांच शुरू भी नहीं हुई है।
साहनी ने कहा कि प्रभारी को केवल इसलिए डिसमिस नहीं किया, क्योंकि क्राइम ब्रांच, डीजीपी, पुलिस चाहती है कि उनके हिसाब से गवाह गवाही दें। क्योंकि 10, 11, 12 जनवरी 2018 को उस थाने का चार्ज इन्हीं के पास था। प्रभारी, डीएसपी, एसपी मृतका के शव के पास गए थे, उसके जनाजे में भी शामिल हुए थे। साहनी ने बताया कि उन्होंने हवलदार के कागज भी आरटीआई के जरिये प्राप्त किए हैं।
अफसरों पर करेंगे केस
डिफेंस के वकील एके साहनी ने कहा कि प्रोसिक्यूशन वाले हमें गवाह संबंधी प्राथमिक सूचना नहीं दे रहे। जबकि नियम है कि तीन दिन पहले अग्रिम सूचना जरूरी होती है। इस केस के बाद वे पुलिस विभाग से संबंधित कुछ अफसरों के खिलाफ भी केस करेंगे।
सभी आरोपियों से पकड़े 50 बीड़ी के बंडल
गुरदासपुर के एसपी करनजीत सिंह ने बताया कि गुरदासपुर केंद्रीय जेल में बुधवार को देर शाम कठुआ केस के सभी सात आरोपियों से बीड़ी के 50 बंडल बरामद हुए हैं। लेकिन उन्होंने आरोपियों को नियम की जानकारी न होने के कारण चेतावनी देकर देकर छोड़ दिया है। अगली बार अगर कुछ भी प्रतिबंधित वस्तु पाई गई तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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सुनवाई के दौरान जज को आरोपियों ने बताया कि गत दिवस जब उन्हें गुरदासपुर की केंद्रीय जेल में स्थानांतरित किया तो उन्हें उम्रकैद के दोषियों की कोठरी में रखा गया। जबकि वह अभी आरोपी हैं। उन्हें दोषियों के साथ नहीं रखा जा सकता। आरोपियों ने कहा कि 3 को एक कोठरी में और चार अन्य को दूसरी कोठरी में रखा था। इतना ही नहीं रात को सोने के लिए बिस्तर तक उपलब्ध नहीं कराया। जब उन्होंने लंच मांगा तो जेल अधिकारियों ने कहा कि लंच संबंधी कोई आदेश नहीं हैं।
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इससे पहले उन्हें जम्मू जेल से पैकेट में लंच दिया जाता था। एके साहनी ने बताया कि वीरवार को यह मामला जज के नोटिस में लाया गया। इसके बाद जिला अटार्नी चोपड़ा के एक स्टाफ ने सभी आरोपियों को कैंटीन से लंच कराया। साहनी ने कहा कि आर्डर में लिखा है कि आरोपियों की पूरी देख रेख की जाए। खाने पीने का ध्यान रखा जाए। लेकिन आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया, इस पर गौर करेंगे।
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प्रभारी पर क्यों हो रही मेहरबानी : साहनी
कोर्ट में हुई जिरह के बारे में साहनी ने बताया कि क्राइम ब्रांच, डीजीपी ने केवल हीरानगर के प्रभारी को छोड़कर दो को डिसमिस किया है। इस संबंध में कोई आर्डर या जांच के आदेश भी जारी नहीं किए। बस प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया, इसके अलावा दूसरी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि मेन रोल तो प्रभारी का है। जिस पर दो इन्क्वायरी मार्क है, इसमें एक एडिशनल एसपी तथा मजिस्ट्रेट की जांच के आदेश हैं। जबकि इस संबंध में अभी तक मजिस्ट्रेट जांच शुरू भी नहीं हुई है।
साहनी ने कहा कि प्रभारी को केवल इसलिए डिसमिस नहीं किया, क्योंकि क्राइम ब्रांच, डीजीपी, पुलिस चाहती है कि उनके हिसाब से गवाह गवाही दें। क्योंकि 10, 11, 12 जनवरी 2018 को उस थाने का चार्ज इन्हीं के पास था। प्रभारी, डीएसपी, एसपी मृतका के शव के पास गए थे, उसके जनाजे में भी शामिल हुए थे। साहनी ने बताया कि उन्होंने हवलदार के कागज भी आरटीआई के जरिये प्राप्त किए हैं।
अफसरों पर करेंगे केस
डिफेंस के वकील एके साहनी ने कहा कि प्रोसिक्यूशन वाले हमें गवाह संबंधी प्राथमिक सूचना नहीं दे रहे। जबकि नियम है कि तीन दिन पहले अग्रिम सूचना जरूरी होती है। इस केस के बाद वे पुलिस विभाग से संबंधित कुछ अफसरों के खिलाफ भी केस करेंगे।
सभी आरोपियों से पकड़े 50 बीड़ी के बंडल
गुरदासपुर के एसपी करनजीत सिंह ने बताया कि गुरदासपुर केंद्रीय जेल में बुधवार को देर शाम कठुआ केस के सभी सात आरोपियों से बीड़ी के 50 बंडल बरामद हुए हैं। लेकिन उन्होंने आरोपियों को नियम की जानकारी न होने के कारण चेतावनी देकर देकर छोड़ दिया है। अगली बार अगर कुछ भी प्रतिबंधित वस्तु पाई गई तो केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।