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Hindi News ›   Chandigarh ›   Kartarpur Corridor, India-Pakistan Bilateral Meeting At Wagah Pakistan

करतारपुर कॉरिडोरः अब बिना वीजा जा सकेंगे श्रद्धालु, दोनों देशों में 80 फीसदी मुद्दों पर बनी सहमति

Sun, 14 Jul 2019 06:06 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अटारी सीमा (अमृतसर)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अटारी सीमा (अमृतसर) Published by: ajay kumar Updated Sun, 14 Jul 2019 06:06 PM IST
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Kartarpur Corridor, India-Pakistan Bilateral Meeting At Wagah Pakistan
करतारपुर कॉरिडोर - फोटो : अमर उजाला

जरा मौसम बदला तो है, मगर पेड़ों की शाखाओं पर, नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे, बहुत से जर्द चेहरों पर गुबार-ए- गम हैं कम बेशक, पर उनको मुस्कराने में अभी कुछ दिन लगेंगे। पाकिस्तान शिष्टमंडल की अगवाई कर रहे विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ मोहम्मद फैसल ने दोनों देशो के बीच अधिकारी स्तर की दूसरे दौर की बैठक खत्म होने की बाद किसी शायर की इन पंक्तियों के साथ रविवार को अपनी बातचीत शुरू की। 

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पाकिस्तान वाघा सीमा पर भारतीय व पाकिस्तान के पत्रकारों से बातचीत करते हुए डॉ फैसल ने कहा की दोनों देशों की बीच 80 फीसदी मुद्दों पर सहमति बन गई है। शेष मुद्दों पर सहमति की लिए दोनों देश एक बार फिर बैठक करेंगे।

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यह बैठक कब व कहां होगी इस बारे में उन्होंने कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। फैसल ने दोनों देशों की बीच हुई सहमति की विस्तृत जानकारी देने से इंकार करते हुए कहा की इंटरनेशनल नियमों के अनुसार जब तक इस सहमति पर दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो जाता तब तक कोई बात को सार्वजनिक नहीं कर सकते। 

जब उनसे यह पूछा गया की क्या पाकिस्तान ने गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए पांच हजार श्रद्धालुओं को आज्ञा दे दी है, तो डॉ फैसल ने कहा की वह संबंध में कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने स्वीकार किया की इस बैठक में दोनों देशों की बीच कई मुद्दों पर सहमति बन गई है और जिन मुद्दों पर सहमति नहीं बनी उस पर आगामी बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने कहा जो सोचा नहीं था, उससे अधिक इस बैठक की सार्थक नतीजे निकले हैं। 

Kartarpur Corridor, India-Pakistan Bilateral Meeting At Wagah Pakistan
करतारपुर कॉरिडोर - फोटो : अमर उजाला

डॉ फैसल ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा की करतारपुर कॉरिडोर में श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने की जितनी भी क्षमता होगी, उसका भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। कितने श्रद्धालु एक दिन में दर्शन की लिए जा सकते है, उनकी संख्या पांच हजार है, दो हजार है या आठ हजार इस गिनती में पाकिस्तान सरकार नहीं जाएगी, लेकिन उनकी सरकार की सोच स्पष्ट है की जितनी संख्या में श्रद्धालु जा सकते होंगे, गुरुद्वारा साहिब की दर्शनों की आज्ञा दी जाएगी।

कॉरिडोर का उद्देश्य ही ‘कॉरिडोर फॉर पीस’
डॉ फैसल ने इस बात को स्वीकार किया की भारतीय शिष्टमंडल में उन्हें एक डोजियर सौंपा है। इस डोजियर की डिटेल देने से इंकार करते हुए डॉ फैसल ने कहा की पाकिस्तान सरकार ने भी भारत सरकार को 12 डोजियर सौपें हुए हैं, अभी तक भारत सरकार ने इन डोजियर का कोई भी उत्तर नहीं दिया है। उन्होंने कहा की कॉरिडोर का उदेश्य ही ‘कॉरिडोर फॉर पीस’ है। फैसल ने कहा की करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण कर पाकिस्तान सरकार ने शांति का पौधा लगा दिया है।

करतारपुर कॉरिडोर: अब बिना वीजा जा सकेंगे श्रद्धालु
भारतीय सीमा क्षेत्र डेरा बाबा नानक व पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के बीच निर्माणाधीन महत्वाकांक्षी करतारपुर कॉरिडोर के रास्ते से प्रतिदिन पांच हजार श्रद्धालु बिना वीजा के सात दिन तक गुरुद्वारा साहिबान के दर्शनों के लिए जा सकेंगे। साथ ही विदेशों में बसे ओसीआई कार्ड होल्डर भारतीय भी गुरुद्वारा साहिब के दर्शनों के लिए इस रास्ते का प्रयोग कर सकेंगे। 

Kartarpur Corridor, India-Pakistan Bilateral Meeting At Wagah Pakistan
करतारपुर कॉरिडोर - फोटो : अमर उजाला

एतिहासिक दिनों के विशेष अवसरों पर दस हजार श्रदालुओं को दर्शन करने की मांग पर पाकिस्तान ने कहा की कॉरिडोर की क्षमता को देखते हुए इस पर निर्णय किया जाएगा।

गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु वर्ष के किसी भी दिन सूर्य उदय से ले कर सूर्य अस्त होने तक आ-जा सकते हैं। श्रद्धालुओं को व्यक्तिगत या समूहों में जाने की आज्ञा होगी। यह श्रद्धालुओं की इच्छा पर निर्भर करेगा की वह करतारपुर कॉरिडोर से पैदल जाना चाहते है या किसी वाहन पर।

पाकिस्तान की वाघा सीमा पर दोनों देशो के उच्चधिकारियों की बीच हुई बैठक के बाद वतन लौटते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव एससीएल दास ने अटारी सीमा पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा की पाकिस्तान ने रावी नदी पर पुल बनाने की मांग को स्वीकार कर लिया है।

भारत ने मांग रखी थी डेरा बाबा नानक के साथ बहने वाले रावी दरिया में संभावित बाढ़ को देखते हुए भारत की तरफ पाकिस्तान भी एक पुल का निर्माण करे। भारत ने पाकिस्तान को डेरा बाबा नानक में रावी दरिया के कारण आने वाली बाढ़ के इतिहास की बारे में जानकारी दी। 

करतारपुर साहिब में एक कौंसुलेट स्थापित करने की मांग

एसजीपीसी की ओर से 25 जुलाई को गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब से निकाले जाने वाले नगर कीर्तन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिया वीजा जारी करने की मांग रखी गई। साथ ही दिल्ली सिख गुरुद्वारा कमेटी द्वारा प्रकाश पर्व की उपलक्ष्य में दिल्ली से श्री ननकाना साहिब तक निकाले जाने वाले नगर कीर्तन की अनुमति व श्रद्धालुओं की सुरक्षा की रखी मांग को पाकिस्तान ने स्वीकार कर लिया।

भारतीय शिष्टमंडल ने पाकिस्तान अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी चूक न होने की बात रखी। साथ ही कहा की पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारा करतारपुर साहिब की नजदीक भारत सरकार को एक कौंसुलेट स्थापित करने की मंजूरी दे। ताकि दर्शनों की लिए आने वाले किसी भी श्रद्धालु को यदि कोई मुश्किल पेश आए तो वह भारतीय अधिकारियों की साथ संपर्क स्थापित कर सके। 

गुरुद्वारा साहिब की जमीन को कब्जा मुक्त किया जाए 
गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब की नजदीक की जमीन कब्जों से मुक्त करवाई जाए। उस पवित्र जमीन का दुरुपयोग न हो जो जमीन श्री गुरुद्वारा साहिब के नाम पर है। पाकिस्तान ने कहा की उस जमीन पर तीन सरकारी विभागों का कब्जा है, उसे जल्द खाली करवा लिया जाएगा। भारतीय शिष्टमंडल ने पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया की श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनके लिए सबसे जरूरी है, इसलिए करतारपुर कॉरिडोर आतंकवाद मुक्त क्षेत्र घोषित किया जाए। 

एससीएल दास ने कहा की डेरा बाबा नानक से लेकर इंटरनेशनल बॉर्डर तक सड़क व रोड डिवाइडर का काम सितंबर तक समाप्त कर दिया जाएगा। कॉरिडोर का निर्माण 31 अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। 12 नवंबर को प्रकाश पर्व पर इस कॉरिडोर को खोल दिया जाएगा। एक प्रश्न के उत्तर में दास ने कहा की इस बैठक में कॉरिडोर के उद्घाटन की तारीख व उसमें दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के शामिल होने की बारे में कोई भी चर्चा नहीं हुई। 

खालिस्तानी गतिविधियों पर भारत ने सौंपा डोजियर
भारतीय शिष्टमंडल ने पाकिस्तान में शरण लिए व वहां बैठ कर भारत विरोधी व खालिस्तानी गतिविधियों को चलाने वाले आतंकी संगठनों के बारे एक डोजियर सौंपा गया। इस डोजियर में पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकवादियों के साथ पीएसजीपीसी के पूर्व महासचिव गोपाल चावला की भारत विरोधी गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। 

भारत सरकार की ओर से अमेरिका बेस सिख फॉर जस्टिस पर लगाए प्रबंध का नोटिफिकेशन पाकिस्तान को सौंपा। एससीएल दास ने स्पष्ट किया की उन्होंने पाकिस्तान को साफ कर दिया की भारत आतंकवाद के मुद्दे पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करता है। पाकिस्तान सरकार सिख फॉर जस्टिस की गतिविधियों को रोके।

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