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करतारपुर कारिडोर: जमीन की निशानदेही करने आए अधिकारियों से उलझे किसान, तनावपूर्ण माहौल
Tue, 26 Feb 2019 10:31 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डेरा बाबा नानक (बटाला)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 26 Feb 2019 10:31 AM IST
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किसानों का विरोध प्रदर्शन
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भारत-पाक सीमा पर डेरा बाबा नानक में करतारपुर कॉरिडोर के लिए खेतों में निशानदेही करने आई नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम से किसान उलझ गए। ऐसे में अब माहौल तनावपूर्ण बन गया है। किसानों के गुस्से को देखकर मौके पर करीब चार थानों के पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए।
जैसे ही नेशनल हाईवे के अधिकारी खेतों में निशानदेही करने लगे तो करीब 150 किसानों ने डेरा बाबा नानक- गुरदासपुर रोड पर जाम लगा दिया। इसी दौरान उन्होंने बीमार किसान मंगल सिंह (55) निवासी गांव जोडियां खुर्द को चारपाई पर लिटाकर सड़क पर रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डेरा बाबा नानक के एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों और तहसीलदार अरविंद सलवान ने किसानों को मनाना शुरू किया।
करीब चार घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लिखित में दिया कि किसानों की जमीन किसानों की ही रहेगी और उनको सही रेट मिलने के बाद ही जमीन एक्वायर की जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना उठाया और इसके बाद ही एनएचएआई अधिकारियों की हाजिरी में निशानदेही का काम शुरू किया गया।
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प्रशासन सिर्फ निशानदेही कर रहा है] न कि किसानों की मालकाना हक छीना जा रहा है। निशानदेही से कम से कम यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि कॉरिडोर किन खेतों से होकर गुजरेगा और कॉरिडोर के व्यू के बारे में पता चल सकेगा। मुआवजे के बारे में किसानों से बैठकें की जा रही हैं।
- गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, एसडीएम, डेरा बाबा नानक
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जैसे ही नेशनल हाईवे के अधिकारी खेतों में निशानदेही करने लगे तो करीब 150 किसानों ने डेरा बाबा नानक- गुरदासपुर रोड पर जाम लगा दिया। इसी दौरान उन्होंने बीमार किसान मंगल सिंह (55) निवासी गांव जोडियां खुर्द को चारपाई पर लिटाकर सड़क पर रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे डेरा बाबा नानक के एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों और तहसीलदार अरविंद सलवान ने किसानों को मनाना शुरू किया।
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करीब चार घंटे बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने लिखित में दिया कि किसानों की जमीन किसानों की ही रहेगी और उनको सही रेट मिलने के बाद ही जमीन एक्वायर की जाएगी। इसके बाद किसानों ने धरना उठाया और इसके बाद ही एनएचएआई अधिकारियों की हाजिरी में निशानदेही का काम शुरू किया गया।
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प्रशासन सिर्फ निशानदेही कर रहा है] न कि किसानों की मालकाना हक छीना जा रहा है। निशानदेही से कम से कम यह बात स्पष्ट हो जाएगी कि कॉरिडोर किन खेतों से होकर गुजरेगा और कॉरिडोर के व्यू के बारे में पता चल सकेगा। मुआवजे के बारे में किसानों से बैठकें की जा रही हैं।
- गुरसिमरन सिंह ढिल्लों, एसडीएम, डेरा बाबा नानक
बोले थे किसान, सही कीमत न मिली तो किसी अफसर को घुसने नहीं देंगे
करतारपुर कॉरिडोर के लिए जमीन देने के मामले में किसान अड़ गए हैं। उनका कहना है कि अगर जमीन की सही कीमन नहीं मिली तो वे किसी अफसर को घुसने तक नहीं देंगे। कॉरिडोर के लिए जिन किसानों की जमीन एक्वायर की जानी है, उनके साथ डेरा बाबा नानक के नए एसडीएम सिमरनजीत सिंह ढिल्लों ने मीटिंग की। पहले दो बैठकों की तरह तीसरी मीटिंग भी बेनतीजा रही। क्योंकि किसान जमीन का मुआवजा अधिक लेने पर अड़े हैं।
एसजीपीसी का जमीन देने से इंकार
एसजीपीसी ने करतारपुर कॉरिडोर के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया है। कहा गया है कि 600 एकड़ जमीन का न तबादला किया जाएग और न ही दी जाएगी। एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर के लिए जमीन देने की जिम्मेदारी पंजाब व केंद्र सरकार की है। एसजीपीसी गांव नत्था सिंह वाला में अपनी जमीन नहीं देगी। लौंगोवाल वीरवार को एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
एसजीपीसी का जमीन देने से इंकार
एसजीपीसी ने करतारपुर कॉरिडोर के लिए जमीन देने से इंकार कर दिया है। कहा गया है कि 600 एकड़ जमीन का न तबादला किया जाएग और न ही दी जाएगी। एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर के लिए जमीन देने की जिम्मेदारी पंजाब व केंद्र सरकार की है। एसजीपीसी गांव नत्था सिंह वाला में अपनी जमीन नहीं देगी। लौंगोवाल वीरवार को एसजीपीसी कार्यकारिणी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।