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इनेलो की रार में अब हुई करण और अर्जुन की एंट्री, दुष्यंत और दिग्विजय को यूं देंगे मात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 30 Nov 2018 01:17 AM IST
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इनेलो में सेंध लगाने में जुटे दुष्यंत और दिग्विजय की काट के लिए अभय चौटाला ने अब अपने दोनों बेटों करण और अर्जुन चौटाला को मैदान में उतार दिया है। अब तक पर्दे के पीछे सक्रिय रहे दोनों भाइयों को पूरी रणनीति के तहत युवा सम्मेलनों की कमान सौंपी गई है।
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पूरे प्रदेश में होने वाले इन सम्मेलनों के जरिए युवाओं को इनेलो से जोड़ने के साथ ही दुष्यंत-दिग्विजय की ताकत को कमजोर करने तथा पिता अभय चौटाला की ताकत बढ़ाने का प्रयास होगा। संबंधित क्षेत्र के पार्टी विधायक, पूर्व विधायक सहित जिला व हलके के तमाम पदाधिकारी इन सम्मेलनों में शिरकत कर करण-अर्जुन के लिए समर्थन जुटाएंगे। पिता ओमप्रकाश चौटाला और बड़े भाई डॉ. अजय चौटाला के शिक्षक भर्ती घोटाले में जेल जाने के बाद से ही अभय चौटाला अपने भतीजों दुष्यंत और दिग्विजय को संगठन और सियासी पिच पर आगे करके चल रहे थे।
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दुष्यंत चौटाला को संसदीय चुनाव में टिकट देकर न केवल उनकी जीत सुनिश्चित की गई, बल्कि पार्टी के युवा मोर्चे की कमान भी उन्हें सौंपी गई। दिग्विजय सिंह को पार्टी की छात्र इकाई इनसो की जिम्मेदारी दी गई। इस दौरान अभय सिंह चौटाला ने करण और अर्जुन को सक्रिय राजनीति से दूर रखा। हालांकि दोनों भाई विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये युवाओं में उपस्थिति जरूर दर्ज कराते रहे।
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बेरोजगारी को बनाया हथियार
युवाओं को इनेलो से जोड़ने की मुहिम में करण-अर्जुन ने बेरोजगारी को मुद्दा बनाया है। युवा इनेलो और बसपा संयुक्त रूप से जिलास्तरीय कार्यक्रम करेंगे। युवा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष जस्सी पेटवाड़ की अगुवाई में कार्यक्रम की शुरुआत 2 दिसंबर को करण-अर्जुन के गृह जिले सिरसा से होगी। इसके बाद 3 को फतेहाबाद, 4 को पंचकूला, 5 को रोहतक, 6 को झज्जर, 8 को अंबाला और 9 को कैथल में कार्यक्रम रखे गए हैं। इसके बाद 10 दिसंबर को गुरुग्राम, 11 को रेवाड़ी, 12 को महेंद्रगढ़, 13 को पलवल, 15 को फरीदाबाद, 16 को भिवानी, 17 को दादरी और 18 दिसंबर को जींद में कार्यक्रम किए जाएंगे।