फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kanhaiya Kumar Press Conference in chandigarh

राजनीति में उम्र पर कन्हैया के बोल- ये कोई शादी नहीं है, जिसकी उम्र और तारीख तय हो

Tue, 24 Oct 2017 10:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 24 Oct 2017 10:09 AM IST
विज्ञापन
Kanhaiya Kumar Press Conference in chandigarh
Kanhaiya Kumar
‘राजनीति कोई शादी नहीं है, जिसकी उम्र और तारीख पहले से तय हो। वैसे भी वह किसी राजनीतिक पार्टी के एजेंट नहीं हैं। वह छात्र हैं और मौजूदा समय में शिक्षा के स्तर और बढ़ती बेरोजगारी पर उन्हें अफसोस होता है।’ जेएनयू छात्र यूनियन के पूर्व प्रधान कन्हैया कुमार ने राजनीति की मुख्य धारा में आने की योजना के बारे में पूछे सवाल के जवाब में यह बातें कहीं। कन्हैया सोमवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू थे। 
विज्ञापन


कन्हैया ने कहा कि देश के बजट का शिक्षा पर सिर्फ दो फीसदी खर्च किया जाता है और ऐसे में हम कैसे विश्व गुरू बनने की बातें कह सकते हैं? एक इंजीनियर को जब नौकरी न मिलने की वजह से सर्फ बेचना पड़े तो हालात क्या होते हैं, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। इस वक्त शिक्षा एक बड़ी बहस है, जो मुश्किल दौर से गुजर रही है। कन्हैया ने उन नेताओं पर भी तंज कसा जो कहते हैं कि छात्रों को राजनीति नहीं करनी चाहिए, जबकि वे खुद छात्र राजनीति करके बड़े ओहदों पर पहुंचे हैं।
विज्ञापन

दो मोदी हैं, एक की 70 फीसदी बातों से सहमत

Kanhaiya Kumar Press Conference in chandigarh
Kanhaiya Kumar - फोटो : File Photo
आजादी को कम करने वाली समस्याओं से आजादी चाहिए
कन्हैया कुमार ने कहा कि उन्हें जातिवाद, असमानता और भूख से आजादी चाहिए। क्योंकि यह ऐसी समस्याएं हैं, जो हमारी आजादी को कम कर रही हैं। कन्हैया ने कहा कि सबसे पहले हम सभी भारतीय हैं। भले ही हमारी जातियां और धर्म अलग हैं। तकलीफ हो रही है कि हमारा मूल ढांचा खत्म हो रहा है। कन्हैया ने कहा कि हम किसी को वोट देकर अपना सब कुछ सौंप देते हैं। राजनीति को राजनीतिक दलों में समेट देना हमारी सबसे बड़ी भूल है।

दो मोदी हैं, एक की 70 फीसदी बातों से सहमत
कन्हैया कुमार ने कहा कि इस देश में दो मोदी हैं और एक मोदी की 70 फीसदी बातों से वे सहमत हैं। उनकी सहमति है जब एक मोदी बात करते हैं कि भारत को खुशहाल बनाना है, समृद्ध बनाना है। लेकिन उस मोदी से वे सहमत नहीं है, जिन पर हाथ किसी और का है। जो जीएसटी से फैसले  लेते हैं, सिर्फ बड़े घरानों को फायदा पहुंचाने केलिए। कन्हैया ने कहा कि जिन मुद्दों पर सरकार बनी थी, उनसे भटककर फर्जी बहस शुरू कर दी गई है। इतिहास गवाह है, जब-जब सत्ता मगरूर हुई है, जनता ने जवाब दिया है। कन्हैया ने राजनीतिक दलों केचंदे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आटा खरीदने केलिए आधार होना चाहिए, लेकिन पार्टियों को चंदा लेने के लिए आधार की जरूरत नहीं है। कन्हैया ने ताजमहल पर चल रही बहस को भी फर्जी और गंभीर मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला बताया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed