फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Justice Sanghi had Key Evidence in Murthal Rape Case: Ram Bilas Sharma

जस्टिस सांघी के पास थे मुरथल मामले के अहम सबूत: शिक्षा मंत्री

Fri, 11 Mar 2016 03:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 11 Mar 2016 03:49 PM IST
विज्ञापन
Justice Sanghi had Key Evidence in Murthal Rape Case: Ram Bilas Sharma
राम बिलास शर्मा, हरियाणा के मंत्री - फोटो : file photo

हरियाणा के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने वीरवार को यह कहकर सनसनी फैला दी कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के दिवंगत जस्टिस एनके सांघी ने तिरुपति जाते समय फोन पर बताया था कि उनके पास मुरथल गैंगरेप मामले में अहम सबूत हैं, जिनका खुलासा वह तिरुपति से लौटकर करेंगे। गौरतलब है कि जस्टिस एनके सांघी का बीते मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तिरुपति में हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया था।

विज्ञापन


रामबिलास शर्मा का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जस्टिस सांघी ने मुरथल मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार को इस पूरे प्रकरण में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। मामला इस समय भी हाईकोर्ट में लंबित है। दूसरी ओर, प्रदेश सरकार की ओर से गठित राजश्री कमेटी ने अपनी जांच में मुरथल में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान किसी भी महिला से यौनशोषण या गैंगरेप की घटना होने से इनकार किया है।
विज्ञापन


कमेटी ने सरकार से कहा है कि मुरथल में इस बात के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। वैसे प्रदेश सरकार ने यूपी के सेवानिवृत्त डीजीपी प्रकाश सिंह को भी प्रदेश के पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के ड्यूटी पर कोताही बरते जाने की जांच सौंपी हुई है। माना जा रहा है कि प्रकाश सिंह भी अफसरों को खंगालते हुए मुरथल मामले की तह तक पहुंचेंगे। इनके अलावा प्रदेश पुलिस ने भी मुरथल में गैंगरेप की घटना होने से साफ तौर पर इनकार किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तिरुपति जाने से पहले सीएम से मिले थे जस्टिस सांघी
दिवंगत जस्टिस एनके सांघी तिरुपति जाने से दो दिन पहले चार मार्च को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलने उनके सेक्टर-3 स्थित निवास पर पहुंचे थे। हालांकि इस मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का खुलासा सीएम आफिस द्वारा नहीं किया गया था। तब यही माना गया था कि यह औपचारिक मुलाकात थी। जस्टिस सांघी से मुलाकात के कुछ समय बाद ही चार मार्च को मुख्यमंत्री ने 4.30 बजे से एडीजीपी स्तर से सात आला पुलिस अफसरों को बुलाकर करीब सवा तीन घंटे तक बैठक की थी। यही नहीं, यह बैठक खत्म होते ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के डीजीपी और गृह सचिव को बुलाकर देर रात तक एक अन्य बैठक भी की थी।

क्या लोकायुक्त बनने वाले थे जस्टिस सांघी
क्या जस्टिस एनके सांघी को हरियाणा सरकार प्रदेश का लोकायुक्त बनाने की तैयारी कर रही थी? इस सवाल पर सरकार की ओर से तो कोई जवाब नहीं दिया जा रहा लेकिन इस बात से संकेत उस समय मिले, जब बीते मंगलवार को गुड़गांव में मौजूद मुख्यमंत्री खट्टर को जैसे ही जस्टिस सांघी के निधन की सूचना दी गई, वह हतप्रभ रह गए। बड़े भारी मन से मुख्यमंत्री ने अपने निकट खड़े एक अधिकारी से कहा कि हम तो सांघी जी को बहुत कुछ देने वाले थे।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के लोकायुक्त का पद बीते जनवरी माह में जस्टिस प्रीतमपाल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से अब तक खाली है। आरंभ में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि प्रदेश सरकार लोकायुक्त पद का जिम्मा किसी अन्य राज्य के न्यायविद् को सौंपेगी। लेकिन कुछ दिन में ही इन अटकलों पर विराम लग गया था। हालांकि, प्रदेश सरकार ने अभी तक लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। तिरुपति यात्रा से पहले जस्टिस सांघी की सीएम खट्टर से मुलाकात को भी अब इसी परिदृश्य में देखा जा रहा है।


मुरथल मामले पर जस्टिस सांघी ने लिया था स्वत: संज्ञान
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में महिलाओं से दुर्व्यवहार और कथित दुराचार की घटनाओं के मामले में जस्टिस एन सांघी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस को पत्र के जरिए जनहित याचिका मानने की सिफारिश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया था। जस्टिस सांघी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अपने आदेश में लिखा था कि आंदोलन के दौरान हाईवे पर महिलाओं से यौन शोषण की घटना पर हाईकोर्ट आंखें मूंदे नहीं रह सकता। इस घटना की जांच देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी से होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed