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जाट आंदोलन: खाप पंचायतें पीछे हटीं पर ढिलाई के मूड में नहीं सरकार

Sun, 05 Jun 2016 06:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 05 Jun 2016 06:18 PM IST
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jat protest: haryana government strict, Section 144 in many district
फ्लैग मार्च - फोटो : amar ujala

खाप पंचायतों के आंदोलन से हटने और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का वादा किए जाने के बावजूद सरकार पांच जून से प्रस्तावित आरक्षण आंदोलन को लेकर किसी तरह की ढिलाई दिखाने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को रोहतक, करनाल और कैथल में भी धारा 144 लगा दी गई। प्रदेश भर में पैरामिलिट्री फोर्स की 42 कंपनियां मोर्चा संभाल चुकी है।

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आरपीएफ और जीआरपी को सतर्क कर दिया गया है और कर्मचारियों व पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द की जा रही हैं। इसी बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की और उन्हें बताया कि जाटों को सिर्फ शांतिपूर्ण आंदोलन की इजाजत दी गई है। किसी भी प्रकार की भड़काने वाली कार्रवाई से निपटने के लिए सभी जिलों में पूरी तैयारी हो चुकी है। उधर प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट में खुद का नाम आने पर सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते कहा है कि इस अवधि में माफी नहीं मांगी तो वे मानहानि का केस करेंगे।
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झज्जर में  जाट आंदोलन की आहट के चलते दुलीना जेल की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। जेल प्रबंधन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखते हुए ड्यूटी मजिस्ट्रेट व अतिरिक्त फोर्स तैनात करने की मांग की है। उपायुक्त अनिता यादव ने जिले में रैली, बैठक,धरना, शोभा यात्रा व प्रदर्शन करने के स्थान निर्धारित कर दिए हैं और धरना व प्रदर्शन करने के लिए संबंधित एसडीएम से पूर्व अनुमति लेनी होगी। 
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जेसीबी मशीन उपयोग के लिए लेनी होगी अनुमति
प्रदेश के कई जिलों में तुरंत प्रभाव से किसी भी स्थान पर जेसीबी मशीन का उपयोग नहीं किया जाएगा। किसी जेसीबी मालिक को कोई जरूरी कार्य करना है तो उसकी पूर्व अनुमति संबंधित एसडीएम या तहसीलदार से लेनी होगी।
 
आरोपियों को नोटिस भेजने की कार्रवाई जारी
जाट आरक्षण आंदोलन की आशंका के बीच जिला प्रशासन की ओर से फरवरी में हुए उपद्रव में शामिल लोगों को नोटिस भेजने का क्रम जारी है। फतेहाबाद में शुक्रवार को 34 और कैथल में 13 लोगों को नोटिस भेजे गए। इन सभी लोगों से जिला प्रशासन ने उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगा है।

पांच जिलों में जाट नहीं देंगे धरना,15 जिलों में स्थान तय

jat protest: haryana government strict, Section 144 in many district
जाट भ्‍ावन में तैनात सुरक्ष्‍ाा बल - फोटो : amar ujala

बीएसएफ की रवानगी, सीआरपीएफ संभालेगी मोर्चा चरखी दादरी में बीएसएफ के जवानों की वापसी कर उनकी जगह सीआरपीएफ के जवानों की तैनाती की गई है। शुक्रवार से सीआरपीएफ ने मोर्चा संभाल लिया है। वीरवार को शहर में बीएसएफ के 85 जवान बुलाए गए थे लेकिन दूसरे ही दिन इन जवानों की वापसी कर दी गई। 

जीआरपी और आरपीएफ मुस्तैद रेलवे जीआरपी व आरपीएफ भी पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। जीआरपी व आरपीएफ पानीपत व जींद ट्रैक पर अपनी पैनी निगाह रखे हुए हैं।  जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर सुबह व शाम को गश्त बढ़ाते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। 

फरीदाबाद में जीआरपी, निगम और पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द फरीदाबाद में जाट आरक्षण आंदोलन की चेतावनी के मद्देनजर जीआरपी, पुलिस, और नगर निगम कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई है। पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन एएस चावला द्वारा सभी उपायुक्तों, जिला अधीक्षकों, अतिरिक्त महानिरीक्षक यातायात, पुलिस अधीक्षक रेलवे अंबाला कैंट, पुलिस अधीक्षक, संचार, कमांडेंट, हरियाणा सशस्त्र बल और भारतीय रिजर्व बटालियन को जानकारी भेजी गई है। 

15 जिलों के गांव की सूची तैयार हिसार प्रदेश के पांच जिलों में इस बार जाट आरक्षण संघर्ष समिति धरना प्रदर्शन नहीं देगी। समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा है कि गुड़गांव, यमुनानगर, फरीदाबाद, पंचकूला व पलवल सहित इन पांच जिलों में कहीं भी धरना नहीं लगाया जाएगा। इन जिलों में केवल आयुक्तों को ज्ञापन ही दिया जाएगा। मलिक ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 15 जिलों के गांव की सूची तैयार कर ली गई है। इसमें हिसार में मय्यड़, कैथल में तितरम मोड़, भिवानी में धमाना, दादरी में अटेला, रोहतक में जसिया गांव, फतेहाबाद में ढाणी गोपाल, सिरसा में नाथूसरी चौपटा, जींद में जहाजपुर, करनाल में बला गांव, कुरुक्षेत्र में जैनपुर, पानीपत में मतलोडा, रेवाड़ी में प्राणपुर, अंबाला में कुसैनीमोड़ और सोनीपत में गोहाना के पास धरना लगाया जाएगा। जाट नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी मांगों को मान लिया तो धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण करेंगे। अगर सरकार या पुलिस प्रशासन ने हमारे साथ कोई ज्यादती की तो हालात पहले जैसे भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अगर वायदों से मुकरी तो आगे क्या होगा इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। 

प्रशासन ने जबरदस्ती की तो आंदोलन ले सकता कोई भी रूप अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने कहा है कि पांच जून को प्रस्तावित आंदोलन शांतिपूर्वक रहेगा। वे कहीं कोई हिंसा नहीं करेंगे। अगर प्रशासन हमारे साथ किसी तरह की जबरदस्ती करता है तो आंदोलन भी कोई भी रूप ले सकता है।

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