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आरक्षण पर सरकार और जाटों के बीच बनी बात, आंदोलन खत्म

Sun, 14 Feb 2016 08:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा) Updated Sun, 14 Feb 2016 08:41 AM IST
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jat people movement for reservation ended with op dhankar meeting

हिसार में आरक्षण की मांग को लेकर ट्रैक पर जमे जाटों ने आखिरकार 36 घंटे बाद आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर ही दी। इससे पहले जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल और कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के बीच करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता चली, लेकिन धनखड़ के धरनास्थल पर जाकर आश्वासन देने पर सहमत न होने से विफल हो गई थी।

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लेकिन बाद में जाट नेताओं को फिर से वार्ता के लिए बुलाया गया। इसमें सहमति बनने के बाद समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवासिंह सांगवान ने रविवार से आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी। इससे पहले आंदोलनकारी दूसरे दिन भी हिसार-दिल्ली ट्रैक पर डटे रहे। सांगवान की अगुवाई वाले इस आंदोलन को यशपाल मलिक गुट ने भी समर्थन दिया।
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आंदोलन को मजबूती मिलती देख जाटों ने रविवार से रोहतक, भिवानी, नरवाना में भी रेलवे ट्रैक पर बैठने का एलान कर दिया था। ट्रैक जाम होने से हिसार से भिवानी, रोहतक, सिरसा रूट पर रेल सेवा बाधित रही और यात्री परेशान रहे। इन जिलों से आवागमन करने वाली ट्रेनों के रूट बदलने और यात्री भार कम होने से रेलवे को लाखों का नुकसान हुआ है।

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मंत्री बोले, कमेटी रिपोर्ट आने पर सकारात्मक कदम उठाएंगे

jat people movement for reservation ended with op dhankar meeting

दिन भर इस इंतजार के बाद शाम को कृषि मंत्री धनखड़ की ओर से आंदोलनकारियों को हांसी में वार्ता का न्यौता मिला। इस पर समिति के प्रदेशाध्यक्ष  सांगवान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने वहां गेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

धनखड़ ने समिति के अध्यक्ष सांगवान को आश्वासन दिया कि सरकार ने कमेटी गठित कर रखी है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे, लेकिन सांगवान ने धनखड़ को यह आश्वासन धरनास्थल पर जाकर देने को कहा। इस पर धनखड़ सहमत नहीं हुए तो जाट नेता वार्ता बीच में छोड़कर रवाना हो गए।

इसके बाद फिर से वार्ता का दौर शुरू हुआ और आंदोलन खत्म करने पर सहमति बन गई। उधर 36 घंटे बाद भी मय्यड़ के पास हिसार-दिल्ली ट्रैक पर जमे लोगों ने शाम को महिलाओं को घर भेज दिया गया, लेकिन युवा आंदोलनकारी ट्रेक पर ही बिस्तर बिछाकर लेटे रहे।

दिन में प्रशासन के न्यौते पर पांच सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल डीसी डॉ. चंद्रशेखर से मिलने से मिलने उनके कैंप आफिस पहुंचा। समिति की ओर से डीसी को लिखित मांग पत्र सौंपा गया। समिति ने मांग रखी कि हरियाणा के जाटों को भी देश के अन्य 8 राज्यों की तरह केंद्र में आरक्षण प्रदान किया जाए।

हमारे साथ किसी तरह का भेदभाव न किया जाए। जाट समाज के लोगों ने सांसद राजकुमार सैनी पर भी लगाम कसने की मांग सरकार को लिखित में भेजी है। मांग पत्र सौंपने के बाद हवा सिंह सांगवान ने ट्रैक पर पहुंचकर अपना फैसला सुनाया।

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