{"_id":"57e176d04f1c1bf641a8305a","slug":"jat-movement-tainted-police-officers-proceedings","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाट आंदोलन: दागी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाट आंदोलन: दागी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 Sep 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
जाट आंदोलन
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में बीते फरवरी माह में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में कथित दागी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ किसी भी समय कार्रवाई हो सकती है। गृह विभाग ने 17 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेज दी है। मुख्यमंत्री की ओर से हरी झंडी मिलने के बाद सरकार इन अधिकारियों पर कार्रवाई करेगी।
जाट आरक्षण आंदोलन में अधिकारियों की भूमिका की जांच करने वाली प्रकाश सिंह कमेटी ने मई माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में प्रदेश के कुल 90 अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खडे़ किए गए थे। इनमें आंदोलन के दौरान विभिन्न जिलों में बतौर एसपी तैनात रहे पांच आईपीएस और उस समय बतौर डीएसपी तैनात रहे 12 एचपीएस अधिकारी शामिल हैं।
वर्तमान में इनमें से अधिकतर निलंबन की कार्रवाई झेल रहे हैं। प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा सरकार ने उक्त दागी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसका उन्होंने गत दिवस जवाब भी दे दिया था। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने उक्त पुलिस अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाब का अध्ययन करने के लिए गृह विभाग की एक कमेटी का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जाट आरक्षण आंदोलन में अधिकारियों की भूमिका की जांच करने वाली प्रकाश सिंह कमेटी ने मई माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इस रिपोर्ट में प्रदेश के कुल 90 अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खडे़ किए गए थे। इनमें आंदोलन के दौरान विभिन्न जिलों में बतौर एसपी तैनात रहे पांच आईपीएस और उस समय बतौर डीएसपी तैनात रहे 12 एचपीएस अधिकारी शामिल हैं।
विज्ञापन
वर्तमान में इनमें से अधिकतर निलंबन की कार्रवाई झेल रहे हैं। प्रकाश कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हरियाणा सरकार ने उक्त दागी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। जिसका उन्होंने गत दिवस जवाब भी दे दिया था। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने उक्त पुलिस अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाब का अध्ययन करने के लिए गृह विभाग की एक कमेटी का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
विज्ञापन